बाइक पर ‘राम’ नंबर लिखवाने की मची होड़, भाजपा विधायक से लगवाई सिफारिश
जी हां, मामला यूपी के मेरठ का है जहां अपनी बाइकों के लिए 'राम' नंबर लेने को लेकर दो पक्ष इस कदर अड़े कि आरटीओ का पंजीकरण कार्य दो दिन तक बंद रहा। यह खास नंबर पंजीकरण नहीं होने के चलते बाकी आवेदकों की फाइलें अटकी रहीं। आरटीओ के शहर से बाहर होने के चलते अधिकारियों ने उनके आने के बाद ही नंबर का निस्तारण करने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। हालांकि समर्थकों के बीच समझौता होने के बाद एक पक्ष को यह नंबर अलॉट कर दिया गया। जानें क्या था पूरा मामला और आखिर इस नंबर में ऐसा क्या है खास:-
0214 यही है खास राम नंबर
राम नंबर ने यूपी के मेरठ में दो दिन तक आरटीओ का कार्य बंद कराए रखा। दरअसल यह नंबर है 0214 जिसे लेने के लिए दो पक्ष आपस में भिड़ गए और विधायक के यहां से इसकी सिफारिश कराए जाने की बात कही। इस नंबर को बाइक की नंबर प्लेट पर इस तरह लिखवाया जाता है वह पढ़ने में राम दिखाई दे।
आरटीओ से मिली जानकारी के अनुसार संदीप कुमार ने अपनी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और संजीव चपराणा ने पल्सर मोटरसाइकिल के पंजीकरण के लिए फाइल पंजीकरण अनुभाग में जमा कराई थी। इसमें से एक पक्ष ने 0214 नंबर के लिए विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर के यहां से फोन कराया था। यह नंबर अलॉट हुआ भी नहीं था कि दूसरा पक्ष भी यही नंबर मांगने लगा। पंजीकरण कर्मियों ने बताया कि इस नंबर के लिए विधायक के यहां से सिफारिश की गई है।
इस पर दूसरा पक्ष भी विधायक के यहां पहुंच गया और अपने लिए सिफारिश करा दी। इसके बाद दोनों पक्ष इस नंबर को लेकर अड़ गए। मामला विधायक का होने के चलते गुरूवार को यह नंबर किसी भी पक्ष को नहीं दिया जा सका। नंबर अटकने के चलते आगे के नंबर भी पंजीकृत नहीं हो सके।
पूरा दिन लोग अपने पंजीकरण का इंतजार करते रहे लेकिन कार्य नहीं होने पर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। शुक्रवार को भी यही हाल रहा। कर्मचारियों के मनाने पर भी कोई पक्ष पीछे हटने का तैयार नहीं हुआ तो कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और आरटीओ डॉ. विजय कुमार के लखनऊ से वापस आने के बाद ही पंजीकरण करने की बात कही। काफी जद्दोजहद के बाद दोपहर करीब एक बजे दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद संजीव चपराणा की पल्सर बाइक को यह नंबर अलॉट कर दिया गया।
इसलिए खास है ये नंबर
0214 नंबर एक सामान्य नंबर है। लेकिन इसके नंबर प्लेट पर लिखे जाने के तरीके ने इसे वीआईपी बना दिया है। वाहन स्वामी 0214 में से जीरो को तो नंबर प्लेट पर ऊपर की लाइन में लिखवाते हैं और बाकी बचे 214 को हिंदी में इस तरह से लिखवाया जाता है कि यह पढ़ने में ‘राम’ दिखाई देता है। भगवान राम के नाम की वजह से ही यह नंबर इतना खास हो गया है कि लोग इसके लिए न केवल सिफारिश कराने लगे हैं बल्कि जुगाड़बाजी में भी लगे रहते हैं।
भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर के मुताबिक इस मामले से मेरा कोई लेनादेना नहीं है। मैंने किसी के लिए भी कोई सिफारिश नहीं की है। मेरा नाम लेकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
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