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Meerut News: किशोरी का जन्म प्रमाण पत्र निकला फर्जी, निगम में नहीं मिला रिकॉर्ड
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मेरठ। किशोरी का जन्म प्रमाण पत्र फर्जी निकला है। उसका कोई भी रिकॉर्ड नगर निगम में नहीं मिला है। अब सवाल उठता है कि आखिर नगर निगम की मोहर और हस्ताक्षर पर कौन फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बना रहा है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी की लिखित में रिपोर्ट पुलिस ने बाल कल्याण समिति को सौंप दी है। लड़की बालिग है या नाबालिग, अब इसका फैसला सोमवार को कोर्ट सुनाएगी।
लावड़ नगर पंचायत की रहने वाली एक लड़की मार्च 2023 को प्रेमी के साथ फरार हो गई थी। एक महीने बाद इंचौली पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया। लड़की खुद को बालिग, जबकि परिजन उसको नाबालिग बता रहे थे। परिजनों ने नगर निगम द्वारा जारी लड़की का जन्म प्रमाण पत्र बाल कल्याण समिति में सौंप दिया था। जिसको लड़की द्वारा फर्जी बताया गया है। इस जन्म प्रमाण पत्र के चलते चार दिन से लड़की इंसाफ के इंतजार में बाल कल्याण समिति में बैठी थी। इंचौली पुलिस नगर निगम में पहुंचकर प्रमाण पत्र की जानकारी जुटाने में लगी थी। अमर उजाला ने इस प्रकरण को प्रमुखता से प्रकाशित किया। शनिवार को नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने पुलिस को लिखित में रिपोर्ट दी कि लड़की का जन्म प्रमाण पत्र फर्जी है। नगर निगम में लड़की का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। वह गांव की रहने वाली है, किसी दलाल ने नगर निगम की मोहर, हस्ताक्षर से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाकर दे दिया है। नगर निगम द्वारा लिखित में रिपोर्ट पुलिस ने बाल कल्याण समिति को सौंप दी। अब सोमवार को लड़की कोर्ट में पेश होगी। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले में नगर निगम के अधिकारी या पुलिस मुकदमा दर्ज करा सकती है। कोर्ट के द्वारा लड़की पर निर्णय होने के बाद आगे की कार्रवाई हो सकती है।
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लावड़ नगर पंचायत की रहने वाली एक लड़की मार्च 2023 को प्रेमी के साथ फरार हो गई थी। एक महीने बाद इंचौली पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया। लड़की खुद को बालिग, जबकि परिजन उसको नाबालिग बता रहे थे। परिजनों ने नगर निगम द्वारा जारी लड़की का जन्म प्रमाण पत्र बाल कल्याण समिति में सौंप दिया था। जिसको लड़की द्वारा फर्जी बताया गया है। इस जन्म प्रमाण पत्र के चलते चार दिन से लड़की इंसाफ के इंतजार में बाल कल्याण समिति में बैठी थी। इंचौली पुलिस नगर निगम में पहुंचकर प्रमाण पत्र की जानकारी जुटाने में लगी थी। अमर उजाला ने इस प्रकरण को प्रमुखता से प्रकाशित किया। शनिवार को नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने पुलिस को लिखित में रिपोर्ट दी कि लड़की का जन्म प्रमाण पत्र फर्जी है। नगर निगम में लड़की का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। वह गांव की रहने वाली है, किसी दलाल ने नगर निगम की मोहर, हस्ताक्षर से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाकर दे दिया है। नगर निगम द्वारा लिखित में रिपोर्ट पुलिस ने बाल कल्याण समिति को सौंप दी। अब सोमवार को लड़की कोर्ट में पेश होगी। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले में नगर निगम के अधिकारी या पुलिस मुकदमा दर्ज करा सकती है। कोर्ट के द्वारा लड़की पर निर्णय होने के बाद आगे की कार्रवाई हो सकती है।
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