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एसआईटी की जांच में बड़ा खुलासा, तेल माफिया हर माह करते थे 47.50 लाख की वसूली

Thu, 05 Sep 2019 04:16 AM IST
कपिल kapil गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 05 Sep 2019 04:16 AM IST
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Big secret open in SIT investigation in case of Fake Petrol-Diesel at Meerut district
नकली पेट्रोल-डीजल का मामला - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में मिलावटी तेल के माफिया सरकारी मशीनरी को मैनेज करने के लिए हर माह करीब 47.50 लाख रुपये की वसूली करते थे। एसआईटी की पड़ताल में यह खुलासा हुआ है। कहां-कहां कितनी रकम जाती थी, इसकी जांच शुरू हो गई है। हालांकि लोकल स्तर से मामले को दबाने का प्रयास चल रहा है। लेकिन हाईकमान इसकी तह तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। हालांकि सूत्रों के अनुसार नकली तेल बनाने से लेकर बेचने और वसूली की रकम काफी कम आंकी जा रही है। 

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जिले में करीब 190 पेट्रोल पंप हैं। इनमें कई पंपों पर शुद्ध और पूरा तेल मिलता है। माफिया किसी से चंदा तो किसी से गलत धंधा करने की एवज में वसूली करते थे। कई पंप मालिक सब कुछ जानते हुए भी खामोश हैं। मिलावटी तेल बेचने वाले माफिया कई पेट्रोल पंपों को बदनाम भी कर रहे हैं। एसआईटी इसकी तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। 
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सरगना की घेराबंदी की तैयारी
आईजी आलोक सिंह के निर्देशानुसार 20 अगस्त को छापेमारी हुई। जिसमें तेल माफिया राजीव गुप्ता व प्रदीप गुप्ता समेत 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई। जांच आगे बढ़ते ही नितिन जैन उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अब सभी की निगाहें इस पर लगी हैं कि पुलिस का अगला शिकार कौन होगा जो तेल के काले खेल में शामिल था। नकली तेल को खपाने वाले सरकारी मशीनरी के अधिकारियों की भी घेराबंदी की तैयारी चल रही है। 

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एक अधिकारी का नाम आया
मिलावटी तेल बेचने वाले पेट्रोल पंपों से चंदे के नाम पर लाखों रुपये वसूली प्रतिमाह होकर एक अधिकारी के पास जाना बताई गई है। इसकी जांच चल रही है। एसआईटी में कुछ पेट्रोल पंप मालिकों के नाम सामने आए हैं, जिन पर कार्रवाई होगी। - अजय साहनी, एसएसपी

अनुमानित गणित

60 हजार लीटर बनता है रोजाना नकली तेल
38 रुपये बताई प्रति लीटर लागत
48 रुपये बेच जाता है प्रति लीटर
6.84 करोड़ में तैयार होता है रोजाना नकली तेल (प्रति माह)
8.64 करोड़ में बिकता है बाजार में (प्रति माह)
1.80 करोड़ का काला मुनाफा (प्रति माह)

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