चार्जशीट में बड़ा खुलासा: बदन सिंह बद्दो ने 50 लाख की सुपारी देकर कराई थी गैंगस्टर जीवा की हत्या
ढाई लाख के इनामी बदन सिंह बद्दो ने 50 लाख रुपये की सुपारी देकर जीवा को मौत के घाट उतरवाया था। यह खुलासा शनिवार को हत्याकांड के मामले में दाखिल की गई चार्जशीट से हुआ है।
विस्तार
बद्दो ने पूरा जाल बिछाया। गुर्गों ने शूटर विजय यादव को खोजा और जीवा की सुपारी दे दी थी। जिसको विजय ने अंजाम दिया था। बद्दो को केस में साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। हृषीकेश पांडेय ने चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद मामले में 6 सितंबर की तारीख तय करते हुए आरोपी को जेल से लाकर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
2019 से गैंगस्टर जीवा लखनऊ जेल में बंद था। सात जून को उसकी एससी-एसटी कोर्ट में पेशी थी। जब वह कोर्ट रूम में पहुंचा था तभी वकील के ड्रेस में आए शूटर ने जीवा पर रिवाल्वर की छह की छह गोलियां दाग दी थीं। जीवा की मौके पर मौत हो गई थी। वहां मौजूद एक बच्ची व दो पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी थी। जो इलाज के बाद स्वस्थ हो गए थे। मौके से जौनपुर निवासी शूटर विजय यादव पकड़ा गया था।
उसके गुर्गों ने विजय यादव को ट्रेंड किया और उसको 20 लाख रुपये में वारदात को अंजाम देने की डील की। विजय राजी हो गया। मामूली रकम उसको दी। बाकी रकम उसने बाद में देने की बात कही थी लेकिन विजय वारदात के वक्त ही पकड़ लिया गया था। केस की विवेचना आगे जारी रहेगी।
पेशी पर जाते समय फरार हुआ था बद्दो
कुख्यात बदन सिंह बद्दो मेरठ का रहने वाला है। यूपी के माफिया की सूची में उसका नाम है। उस पर करीब 50 आपराधिक मामले दर्ज हैं। विदेश तक उसका जाल फैला हुआ है। 28 मार्च 2019 को गाजियाबाद कोर्ट में पेशी पर जाते समय मुकुट महल मेरठ से फरार हुआ था। तब से उसका सुराग नहीं लगा है।
इसलिए कराई हत्या
बदन सिंह बद्दो और जीवा दोनों का पश्चिम यूपी में खौफ था। जीवा ने तो बाराबंकी तक जमीन कब्जा रखी थी। इस बीच कई ऐसे मामले सामने आए, जिसमें बद्दो और जीवा का टकराव हो गया। अवैध हथियारों के कारोबार और जमीन पर कब्जों को लेकर दोनों आमने-सामने आने लगे थे।
इसलिए बद्दो ने जीवा की हत्या की साजिश रची। गुर्गों के जरिये पूरी रेकी कराई गई। जीवा के बारे में जानकारी जुटाई गई कि कब पेशी होगी, कहां होगी, कैसे आता है... आदि। वहीं चेकोस्लोवाकिया की जिस रिवाॅल्वर से विजय ने जीवा पर गोलियां बरसाई थीं उसे सुपारी देने वाले के एक गुर्गे ने ही रिवाल्वर मुहैया कराई थी।
काल्पनिक कहानी बताकर की वारदात
जब विजय पकड़ा गया था तब उससे पुलिस ने पूछताछ की थी। उसने बताया था नेपाल में अशरफ नाम के शख्स ने उसको सुपारी दी थी। उसने बताया था कि अशरफ ने कहा था कि उसका भाई लखनऊ जेल में बंद है, जीवा ने उसकी दाढ़ी नोंचकर बेइज्जती की है। उसी का बदला लेना है। पुलिस की विवेचना में ये तो साफ हो गया कि विजय नेपाल में रहा था। सुपारी देने वालों ने काल्पनिक कहानी बताकर जीवा की हत्या कराई।