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भूड़बराल में तेंदुए को लेकर मचा शोर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Apr 2018 01:05 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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परतापुर भूड़बराल के बाहरी इलाके में बृहस्पतिवार शाम खेत में एक जानवर दिखाई देने के बाद पूरे गांव में तेंदुए का शोर मच गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग टीम ने परतापुर पुलिस के साथ घंटों सर्च अभियान चलाया, लेकिन कुछ नजर नहीं आया। इलाके में दहशत फैलने के बाद ग्रामीणों ने बच्चों को घरों में बंद कर लिया। रात को किसान खेतों पर नहीं गए।
भूड़बराल गांव के बाहरी इलाके में तीन-चार मकान बने हुए हैं। यहां पर रहने वाले नवीन, अंकुश, अक्षय और सुधीर के मुताबिक शाम करीब सवा छह बजे खेत में उन्होंने तेंदुए जैसा जानवर देखा। तेंदुए का शोर मचने पर आसपास गेहूं की कटाई करने वाले किसान मौके पर पहुंच गए। लोगों ने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। वाइल्ड लाइफ वार्डन राज सिंह टीम के साथ ट्रेंकुलाइजर गन, पिंजरा और जाल लेकर पहुंचे। टीम और ग्रामीणों ने घंटों तक खेतोें में सर्च अभियान चलाया। रात नौ बजे तक भी वहां कोई हलचल नहीं दिखी।
फोटो दिखाकर पूछा कैसा था जानवर
वाइल्ड लाइफ वार्डन ने ग्रामीणों से बात की तो उन्होंने बताया कि जानवर कुत्ते जितना ऊंचा था। उसका रंग हल्का भूरा सा लग रहा था। इस पर वार्डन ने उन्हें कुछ जानवरों के फोटो दिखाए। वन विभाग अफसरों का मानना है कि लोगों ने जिस जानवर को देखा वो फिश कैट या जंगल कैट हो सकती है। उसका कद इतना ही ऊंचा होता है। वन विभाग के अफसरों ने बताया कि जहां उसे देखा गया वहां पर छोटा नाला भी है। ऐसे में माना जा रहा है कि वो नाले के सहारे बाहर निकल गया।
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शहर में दो बार आ चुका है तेंदुआ
शहर में पांच साल के भीतर दो बार तेंदुआ आ चुका है। कैंट इलाके में दिखने के बाद वो कैंट अस्पताल में घुस गया था। कई दिन तक वन विभाग और वाइल्ड लाइफ की टीमें उसे पकड़ने को लगी रहीं थीं। लेकिन वो हाथ नहीं आ सका था। तीन साल पहले आबूलेन पर तेंदुआ आ गया था। वो कई दिन तक शहर में रहा। उसे आर्मी की एक यूनिट ने ट्रेंकुलाइज्ड करके मुश्किल से पकड़ा था।
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भूड़बराल गांव के बाहरी इलाके में तीन-चार मकान बने हुए हैं। यहां पर रहने वाले नवीन, अंकुश, अक्षय और सुधीर के मुताबिक शाम करीब सवा छह बजे खेत में उन्होंने तेंदुए जैसा जानवर देखा। तेंदुए का शोर मचने पर आसपास गेहूं की कटाई करने वाले किसान मौके पर पहुंच गए। लोगों ने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। वाइल्ड लाइफ वार्डन राज सिंह टीम के साथ ट्रेंकुलाइजर गन, पिंजरा और जाल लेकर पहुंचे। टीम और ग्रामीणों ने घंटों तक खेतोें में सर्च अभियान चलाया। रात नौ बजे तक भी वहां कोई हलचल नहीं दिखी।
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फोटो दिखाकर पूछा कैसा था जानवर
वाइल्ड लाइफ वार्डन ने ग्रामीणों से बात की तो उन्होंने बताया कि जानवर कुत्ते जितना ऊंचा था। उसका रंग हल्का भूरा सा लग रहा था। इस पर वार्डन ने उन्हें कुछ जानवरों के फोटो दिखाए। वन विभाग अफसरों का मानना है कि लोगों ने जिस जानवर को देखा वो फिश कैट या जंगल कैट हो सकती है। उसका कद इतना ही ऊंचा होता है। वन विभाग के अफसरों ने बताया कि जहां उसे देखा गया वहां पर छोटा नाला भी है। ऐसे में माना जा रहा है कि वो नाले के सहारे बाहर निकल गया।
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शहर में दो बार आ चुका है तेंदुआ
शहर में पांच साल के भीतर दो बार तेंदुआ आ चुका है। कैंट इलाके में दिखने के बाद वो कैंट अस्पताल में घुस गया था। कई दिन तक वन विभाग और वाइल्ड लाइफ की टीमें उसे पकड़ने को लगी रहीं थीं। लेकिन वो हाथ नहीं आ सका था। तीन साल पहले आबूलेन पर तेंदुआ आ गया था। वो कई दिन तक शहर में रहा। उसे आर्मी की एक यूनिट ने ट्रेंकुलाइज्ड करके मुश्किल से पकड़ा था।