बेरोजगारी के विरोध में युवा रालोद ने किया प्रदर्शन, कहा युवाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं
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युवा इसका जवाब 2019 के लोकसभा चुनाव में देगा। मंडल अध्यक्ष गौरव प्रताप ने कहा कि सरकार द्वारा दिए जा रहे मुद्रा लोन में हर नौजवान के हिस्से में मात्र 4700 रुपये आते हैं। संचालन जिलाध्यक्ष सोनू गुर्जर ने किया। इस मौके पर पश्चिम यूपी अध्यक्ष रोहित प्रताप, प्रमेंद्र तोमर बागपत, अर्जुन ढिंढाला, संजय चौधरी, गौरव जिटौली, आदित्य पंवार, विजय राणा, शुभम मलिक, अंकुश तालियान, सचिन चौधरी, अनुराग चौधरी, अनिल चौधरी, संजय जाटव, विजेंद्र भाटी, कुलदीप हुड्डा, विकास, संजय पनवाड़ी, सुधीर भारतीय, कपिल, साने तेवतिया, विशाल चौधरी, देवेंद्र गुर्जर, मनोज गून, अभिमन्यु आदि मौजूद रहे।
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिया समर्थन
पदयात्रा पर निकले आप पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी चौधरी चरण सिंह पार्क पहुंचे। उन्होंने पहले चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद युवा रालोद के धरने पर पहुंचकर समर्थन दिया। संजय सिंह ने कहा कि विपक्ष एकजुट होकर सांप्रदायिकता और जहरीली राजनीति के खिलाफ लड़ रहा है। भाजपा सरकार तमाम मोर्चे पर फेल साबित हुई है। दो करोड़ सालाना रोजगार मुहैया कराने के नाम पर मोदी का झूठ 2019 में भाजपा को ले डूबेगा। रालोद किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह के विचारों पर चलने वाली और किसानों की आवाज उठाने वाली पार्टी है। उनकी पार्टी ने कैराना लोकसभा के उपचुनाव में रालोद प्रत्याशी का समर्थन किया था। आगे भी पूरा विपक्ष एकजुट होकर देश विरोधी सरकार को केंद्र से उखाड़ फेंकने जा रहा है।
युवा रालोद के धरने से गायब रहे मुख्य नेता
युवा रालोद के बेरोजगारी के खिलाफ हुए धरना प्रदर्शन में रालोद के मुख्य नेता गायब रहे। यहां तक कि जिलाध्यक्ष राहुल देव को भी धरना स्थल पर नहीं बुलाया गया। पूरे धरने में इस बात को लेकर चर्चा रही कि पार्टी के मेन नेता कहां हैं। यह हाल तब रहा जब यह धरना पार्टी के कैंप कार्यालय से मात्र आधा किलोमीटर की दूरी पर हो रहा था। कैंप कार्यालय पर पार्टी के तमाम आला पदाधिकारी मौजूद थे। धरने में गांव से पहुंचे कुछ किसानों को जब मुख्य नेता नजर नहीं आए तो उन्होंने पूछा कि धरना रालोद का ही है या किसी दूसरी पार्टी का। तब उन्हें बताया गया कि ये युवा रालोद का धरना है। इसमें मेन रालोद के पदाधिकारियों को नहीं बुलाया गया है। हालांकि पार्टी सूत्रों ने इस सबके पीछे एक वरिष्ठ नेता का ही दिमाग बताया है।