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Baghpat: दो करोड़ से धुलेंगे हिंडन और कृष्णा के ‘दाग’, दशकों बाद निर्मलता का चोला ओढ़ेगी जीवनदायिनी

Mon, 26 Sep 2022 04:15 PM IST
Dimple Sirohi मुकेश पंवार, अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
मुकेश पंवार, अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 26 Sep 2022 04:15 PM IST
सार

नमामि गंगे के अंतर्गत अब जनपद में बहने वाली हिंडन व कृष्णा नदियों के दूषित पानी से लोगों को निजात मिलेगी।

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Baghpat: Life giving rivers Hindon and Krishna will be cleaned with two crores
हिंडन बागपत में - फोटो : amar ujala

विस्तार

दशकों से काल बनी जीवनदायिनी हिंडन और कृष्णा नदी निर्मलता का चोला ओढ़ेंगी। दो करोड़ से इन दोनों के दाग धुलेंगे। सिंचाई विभाग के अफसरों ने इन नदियों के सुंदरीकरण व कटान का कार्य सहित अन्य कार्यों के लिए सर्वे कार्य पूरा कर करोड़ों रुपयों का स्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया है।

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सरकार की नमामि गंगे के अंतर्गत अब जनपद में बहने वाली हिंडन व कृष्णा नदियों के दूषित पानी से लोगों को निजात मिलेगी। इन नदियों के जल प्रवाह और पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार के निदेशों पर सिंचाई विभाग के अफसर भी हरकत में आ गए हैं।
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सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता नरेंद्र सिंह ने बताया कि शासन की नमामि गंगे के अंतर्गत कृष्ण व हिंडन नदी के सुंदरीकरण के लिए लगभग दो करोड़ रुपये का स्टीमेट बनाकर भेज दिया है। जिसमें हिंडन के लिए 1.38 करोड़ और 65 लाख रुपये कृष्णा नदी के लिए बजट बनाकर भेजा है। जल्द ही शासन से बजट पास होने की उम्मीद है। 
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जिले में 65 किमी लंबी है हिंडन
बड़ौत। जनपद बागपत में लगभग 65 किमी लंबी हिंडन नदी है। जनपद में बहने वाली हिंडन नदी मुजफ्फरनगर बोर्ड के पास बसे सरोरा गांव से निकलती हुई गाजियाबाद बॉर्डर के सरफाबाद गांव पर जाकर समाप्त होती है। वहीं कृष्णा नदी जनपद गांव के असारा गांव से शुरू होकर बरनावा गांव के पास हिंडन में मिल जाती है।

दोनों नदियों के किनारे बसे है 50 से अधिक गांव
बड़ौत। नदी किनारे बसे गांगनौली, झूड़पुर, तमेलागढ़ी, हिम्मतपुर सूजती, बामनौली, आजमपुर मुलसम, भगवानपुर, रहतना, खपराना, मौजिजाबाद नांगल, रहतना, मांगरौली, बुढपुर, असारा, गांगनौली, बरनावा, चिरचिटा, गल्हैता, शाहपुर बाणगंगा, खपराना, सरौरा, गढ़ी बंजारन सहित 50 से अधिक गांव बसे हुए हैं।

काल बन रही नदियां
जिले के लोगों के लिए हिंडन और कृष्णा नदी अब अभिशाप बन गई है। प्रदूषित जल बीमारियां परोस रहा है। बुढपुर, असारा, गांगनौली,  दाहा, निरपुडा, भड़ल और गांगनौली सहित अन्य गांवों में ब्लड कैंसर और लीवर कैंसर से मरने वालों की संख्या 90 से अधिक है। नदियों में फैक्ट्रियों का गंदा पानी बहता है।

पानी में नाइट्रेट, फ्लोराइड, फास्फोरस और केडियम की मात्रा है अधिक
सहारनपुर और शामली से आने वाले प्रदूषित जल ने जिले में विकट हालात पैदा कर दिए हैं। एक सौ फीट गहराई तक भूजल प्रभावित है। हैंडपंपों से निकलने वाले पानी में नाइट्रेट, फ्लोराइड, फास्फोरस और केडियम की मात्रा अधिक है। इससे कैंसर जैसे घातक बीमारी हो रही है। कई लोग कैंसर से मर चुके हैं और सैकड़ों पीड़ित हैं।

इस क्षेत्र की पानी की जल निगम और अन्य एजेंसियों ने गत तीन साल पहले जांच कराई तो हकीकत खुलकर सामने आई। पानी में ही लेड (सीसा) की मात्रा 0.34 मिलीग्राम/लीटर पाई जा चुकी है। यह सामान्य से 34 गुणा अधिक है। इसमें क्रोमियम की मात्रा 1.84 मिलीग्राम/लीटर पाई गई है, जो कि सामान्य से 19 गुणा अधिक है। पेयजल में लेड की अधिकता के कारण कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा लगातार बना रहता है।

नमामि गंगे योजना के तहत शासन ने इन दोनों नदियों का सर्वे कर स्टीमेट बनाकर भेजने के लिए निर्देशित किया था। शासन के निर्देशों पर सर्वे कर दोनों नदियों के सुंदरीकरण व कटान का कार्य सहित अन्य कार्यों के लिए शासन को स्टीमेट बनाकर भेज दिया है। - नरेंद्र सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग

नदियों को दूषित करने से बचाने के लिए हमें आगे आना होगा। जो लोग नदी में घरों का कूड़ा डाल रहे हैं, वह बंद करना होगा। तभी मां मैली होने से बच सकेगी। - सुधीर तोमर, गांव कासिमपुर खेड़ी

अक्सर देखने को मिलता है कि लोग नदियों पर अवैध कब्जा कर लेते हैं। प्लास्टिक सहित अन्य गंदगी उसमें डालते रहते हैं। हमें नदियों के दोनों किनारों पर अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। - भूतपूर्व सैनिक सत्यवीर सिंह और बरनावा धनपाल बैंसला

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