बागपत: नेपाल के जमातियों की पैरवी करने पर अधिवक्ता को चैंबर से हटाया, बोर्ड से नाम हटाकर चस्पा किया नोटिस
- नेपाल के जमातियों की पैरवी करने पर अधिवक्ता को चैंबर से हटाया
- साथी वकील एवं भाजपा जिला कार्यकारिणी के सदस्य ने नोटिस किया चस्पा, ‘जमातियों और हिमातियों का चैंबर में प्रवेश वर्जित’
- जमीयत उलमा ने नियुक्त किया था वकील, 11 जून को होनी है जमातियों की जमानत पर सुनवाई
विस्तार
कचहरी में ब्लॉक ए का 38 नंबर चैंबर अधिवक्ता रमाकांत शर्मा को अलॉट है। उनके साथ खट्टा गांव के अधिवक्ता रणवीर चौधरी और नफीस अहमद भी इसी चैंबर पर प्रैक्टिस करते हैं। अधिवक्ता नफीस अहमद ने नेपाल से आए जमातियों की जमानत के लिए दो जून से पैरवी शुरू की थी। जमीयत उलमा हिंद की जिला इकाई ने इसके लिए नफीस अहमद से संपर्क किया था।
शुक्रवार को भाजपा की जिला कार्यकारिणी के सदस्य एवं अधिवक्ता रणवीर चौधरी ने चैंबर से नफीस अहमद को अलग कर दिया। रणवीर चौधरी का कहना है कि दो दिन पहले ही मोबाइल पर नफीस को जानकारी दे दी गई थी।
चैंबर पर नोटिस चस्पा किया गया है। जमातियों और हिमातियों को चैंबर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। अधिवक्ता रणवीर का कहना है कि उनके साथी ने जमातियों की पैरवी करने से पहले मशवरा तक नहीं किया।
जिला बार एसोसिएशन के महासचिव आजाद धामा का कहना है कि चैंबर रमाकांत शर्मा के नाम अलॉट है। यह उनका व्यक्तिगत मामला है कि अपने चैंबर पर किन-किन सहयोगियों के साथ प्रैक्टिस करते हैं। बार एसोसिएशन सभी वर्गों को साथ लेकर चलती है, किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं किया जाता।
मामले की पूरी जानकारी नहीं : जमीयत
जमीयत उलमा ए हिंद की जिला इकाई के अध्यक्ष मौलाना दिलशाद कासमी का कहना है कि पैरवी के लिए वह अधिवक्ता के पास गए थे। इसके बाद क्या प्रकरण हुआ, उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। अगर ऐसा कोई मामला है तो प्रदेश इकाई से संपर्क कर आगे के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।
नफीस ने नहीं किया मशविरा : रणवीर चौधरी
अधिवक्ता रणवीर चौधरी खट्टा का कहना है कि कोरोना का खतरनाक समय चल रहा है। ऐसे में इस तरह पैरवी करना और चैंबर के अन्य साथियों से मशविरा नहीं करने के कारण यह नोटिस चस्पा किया गया है। वह देश के साथ हैं।
नफीस को अलग काम करने को कहा है : रमाकांत
अधिवक्ता रमाकांत शर्मा का कहना है कि मेरे पास अधिवक्ताओं की संख्या बढ़ गई है और चैंबर छोटा पड़ रहा है। ऐसे में मैंने नफीस को अलग काम करने के लिए कह दिया है।
नफीस से नहीं हो सका संपर्क
इस मामले में देर रात तक फोन के माध्यम से नफीस से संपर्क करने का प्रयास किया जाता रहा, लेकिन उनका फोन नहीं मिल सका। इस कारण उनसे बात नहीं हो सकी।
ये था मामला
निजामुद्दीन मरकज से जिले में नेपाल के 28 जमाती आए थे। इनमें चार कोरोना पॉजिटिव मिले थे। वर्तमान में ये जमाती खेकड़ा की अस्थायी जेल में बंद हैं। पैरवी के लिए जमीयत उलमा ए हिंद ने दो जून को अधिवक्ता नफीस अहमद से संपर्क किया था। अधिवक्ता ने सीजेएम कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी। इस अर्जी पर 11 जून को सुनवाई होनी है।