फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   bachho ki prtibha ko bandhano me nhi bandhana chahiye

अमर उजाला ने बच्चों को दिखाई फिल्म‘कभी पास कभी फेल', 500 छात्राओं को मिली प्रेरणा

Wed, 21 Nov 2018 02:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 21 Nov 2018 02:32 AM IST
विज्ञापन
bachho ki prtibha ko bandhano me nhi bandhana chahiye
meerut - फोटो : meerut
अमर उजाला फाउंडेशन एवं बाल चित्र समिति की ओर से मंगलवार को ब्रह्मपुरी स्थित चावली देवी आर्य कन्या इंटर कॉलेज में बाल फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों की जागरूकता पर आधारित फिल्म ‘कभी पास कभी फेल’ फिल्म दिखाई गई। इस आयोजन से कोशिश की जा रही है कि फिल्मों के माध्यम से स्कूली बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिल सके।
विज्ञापन


कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. नीलम ने फीता काटकर की। इस दौरान 500 से ज्यादा छात्राओं ने फिल्म देखी। फिल्म से सीख मिलती है कि बच्चों को मिली कुदरती प्रतिभा को किसी बंधन में नहीं बांधना चाहिए। फिल्म के माध्यम से यह भी बताया गया कि बच्चे पर कभी बोझ ना डालें। जिसमें उसकी मर्जी है उसमें ही उसे आगे बढ़ने दें।
विज्ञापन


फिल्म में दिखाया जाता है कि आठ वर्षीय रॉबिन के पास गणितीय प्रतिभा है। वह गांव में अपने माता-पिता के साथ सुखी जीवन व्यतीत करता है, लेकिन उसके दुष्ट चाचा उसकी प्रतिभा से पैसा बनाने के बारे में सोचते हैं और उसे शहर ले जाते हैं, लेकिन रॉबिन वहां से वापस अपने गांव भाग आता है। उसके साथ उसके डॉगी ने भी छात्राओं का खूब मनोरंजन किया। छात्राओं के साथ शिक्षिकाओं ने भी यह फिल्म देखी।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

लालच बुरा है, दोस्तों का साथ न छोड़ें- इस्माइल गर्ल्स इंटर कॉलेज में दिखाई गई फिल्म ‘करामाती कोट’
 बाल फिल्म महोत्सव केतहत शास्त्रीनगर स्थित इस्माइल गर्ल्स इंटर कॉलेज में ‘करामाती कोट’ फिल्म दिखाई गई। फिल्म से सीख मिलती है कि मुसीबत में अपने मित्रों का साथ कभी न छोड़े और लालच नहीं करना चाहिए। इस फिल्म को भी 500 से ज्यादा छात्राओं ने देखा। फिल्म में दिखाया गया कि बच्चे को मारपीट कर घर से निकाल दिया जाता है। जब बच्चा ठंड से ठिठुरता है तो उसे एक वृद्ध करामाती कोट देता है, कोट से एक बार एक रुपये का एक सिक्का निकलता है, जिससे बच्चा अपने सभी शौक पूरे करता है और जरूरतमंद अपने साथियों की मदद करता है। लेकिन कुछ लालची लोग उसके करामाती कोट के बारे जान जाते हैं और कोट को चुराकर अपने लालच को पूरा करने का प्रयास करते हैं। बाद में बच्चा उस करामाती कोर्ट को समुंद्र में फेंक देता है। इस दौरान प्रधानाचार्य डॉ. मृदुला शर्मा, शिखा शर्मा और अर्चना आदि शिक्षिकाएं भी रहीं।

फिल्म से सीखने को मिला
कभी पास कभी फेल फिल्म बहुत अच्छी थी। इससे काफी सीखने को मिला।  - दीपाली

विकास में करती है मदद
ऐसी फिल्में बच्चों के विकास में मदद करती हैं। इस तरह की और फिल्में दिखानी चाहिए।  - राखी

स्टूडेंट्स को फायदा होगा
इस तरह की फिल्में समय-समय पर दिखाई जाएं तो स्टूडेंट्स को काफी फायदा होगा।  - ऋतु

सीख देती हैं ऐसी फिल्में
ऐसी फिल्में सीख भी देती हैं और मनोरंजन भी करती हैं।   - मानसी

अच्छी फिल्म है
सिर्फ किताबों से ही सीख नहीं मिलती, अच्छी फिल्मों से भी सीखने को मिलता है।   - नेहा

शिक्षा देती हैं ऐसी फिल्में
सामाजिक शिक्षा भी बहुत जरूरी है। अच्छी फिल्में यह शिक्षा देती हैं। - तानिया

फिल्म महोत्सव: इस्माइल गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राएं बोलीं

अच्छा अनुभव हुआ
करामाती कोट फिल्म देखकर अच्छा अनुभव और मनोरंजन हुआ।    - हुमा

इस तरह की फिल्में देखूंगी
इस तरह की और भी फिल्में देखूंगी और उनसे सीखूंगी।   - नाजरीन

काश, सारी फिल्में देख पाती
जितनी फिल्में अमर उजाला के पंफ्लेट पर लिखी हैं, काश, सारी फिल्में देख पाती।    - सिमरन

व्यापक होता है दृष्टिकोण
ऐसी फिल्में स्टूडेंट्स के दृष्टिकोण को और व्यापक करती हैं।   - सना

सोच को प्रोत्साहित करती है
ऐसी फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ अच्छी सोच को प्रोत्साहित करती हैं।   - मुस्कान
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed