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Meerut News: हाथीशाला में हाथी के बच्चे की उपचार के दौरान मौत
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फोटो: हाथी का फाईल फोटो। स्रोत: वनविभाग।
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर, कालागढ़। कालागढ़ की हाथीशाला में उपचार के दौरान एक हाथी के बच्चे की मौत हो गई। हाथी के बच्चे की मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम कर बिसरा जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ स्थित हाथीशाला में सोमवार को हाथी के एक नन्हे बच्चे की उपचार के दौरान मौत हो गई। जिसकी सूचना मिलते ही अधिकारी कालागढ़ की हाथीशाला में पहुंचे। हाथी के मृत मादा बच्चे की आयु तीन माह बताई जा रही है। उसके सिर में चोट लगी थी। उसका एक आगे का व एक पीछे का पैर भी टूटा हुआ था। कालागढ़ की हाथीशाला में कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्साधिकारी दुष्यंत शर्मा एवं डाॅ. अमित ध्यानी की देखरेख में उपचार किया जा रहा था। सोमवार को उसके स्वास्थ्य में गिरावट आने लगी। उसने हाथीशाला में दम तोड़ दिया।
पशु चिकित्साधिकारियों दुष्यंत शर्मा व डाॅ. राजीव कुमार ने बच्चे का शव विच्छेदन किया। उसके शरीर के आंतरिक अंगों व बिसरे को जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा जा रहा है। इस दौरान कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक दिगन्थ नायक, कालागढ़ की उपप्रभागीय वनाधिकारी डाॅ.शालिनी जोशी, वनक्षेत्राधिकारी नंद किशोर रूवाली, वन दरोगा पीसी मठपाल व स्थानीय एनजीओ प्रतिनिधि वीरेन्द्र अग्रवाल मौजूद रहे।
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- गैंगरिंग ने ली हाथी के बच्चे की जान
कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक दिगन्थ नायक ने बताया कि इस मादा हाथी को बाघ ने संघर्ष में बुरी तरह से घायल किया था। ढेला रेंज में दस दिसंबर को यह घायल हालत में मिला था। उसे उपचार के लिए कालागढ़ लाया गया था। जिसने 18 दिसंबर को अंतिम सांस ली।
- दो बच्चों की हो चुकी है हाथीशाला में मौत
22 दिनों में कालागढ़ की हाथीशाला में दो हाथी के मासूम बच्चे उपचार के दौरान मौत का शिकार हो चुके हैं। 26 नवंबर को यहां एक दो माह के एक नर हाथी ने दम तोड़ दिया था। उस बच्चे को भी बाघ ने घायल किया था। जिसे उपचार के लिए कालागढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने भर्ती कराया था।
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बिजनौर, कालागढ़। कालागढ़ की हाथीशाला में उपचार के दौरान एक हाथी के बच्चे की मौत हो गई। हाथी के बच्चे की मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम कर बिसरा जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ स्थित हाथीशाला में सोमवार को हाथी के एक नन्हे बच्चे की उपचार के दौरान मौत हो गई। जिसकी सूचना मिलते ही अधिकारी कालागढ़ की हाथीशाला में पहुंचे। हाथी के मृत मादा बच्चे की आयु तीन माह बताई जा रही है। उसके सिर में चोट लगी थी। उसका एक आगे का व एक पीछे का पैर भी टूटा हुआ था। कालागढ़ की हाथीशाला में कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्साधिकारी दुष्यंत शर्मा एवं डाॅ. अमित ध्यानी की देखरेख में उपचार किया जा रहा था। सोमवार को उसके स्वास्थ्य में गिरावट आने लगी। उसने हाथीशाला में दम तोड़ दिया।
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पशु चिकित्साधिकारियों दुष्यंत शर्मा व डाॅ. राजीव कुमार ने बच्चे का शव विच्छेदन किया। उसके शरीर के आंतरिक अंगों व बिसरे को जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा जा रहा है। इस दौरान कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक दिगन्थ नायक, कालागढ़ की उपप्रभागीय वनाधिकारी डाॅ.शालिनी जोशी, वनक्षेत्राधिकारी नंद किशोर रूवाली, वन दरोगा पीसी मठपाल व स्थानीय एनजीओ प्रतिनिधि वीरेन्द्र अग्रवाल मौजूद रहे।
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- गैंगरिंग ने ली हाथी के बच्चे की जान
कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक दिगन्थ नायक ने बताया कि इस मादा हाथी को बाघ ने संघर्ष में बुरी तरह से घायल किया था। ढेला रेंज में दस दिसंबर को यह घायल हालत में मिला था। उसे उपचार के लिए कालागढ़ लाया गया था। जिसने 18 दिसंबर को अंतिम सांस ली।
- दो बच्चों की हो चुकी है हाथीशाला में मौत
22 दिनों में कालागढ़ की हाथीशाला में दो हाथी के मासूम बच्चे उपचार के दौरान मौत का शिकार हो चुके हैं। 26 नवंबर को यहां एक दो माह के एक नर हाथी ने दम तोड़ दिया था। उस बच्चे को भी बाघ ने घायल किया था। जिसे उपचार के लिए कालागढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने भर्ती कराया था।