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Meerut News: घनुष भंग होते ही होने लगी श्रीराम की जयजयकार
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- छावनी भैसाली ग्राउंड रामलीला में पुष्प वाटिया लीला के बाद धनुष भंग मंचन देख हर कोई रोमांचित
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। श्रीरामलीला कमेटी द्वारा अयोध्यापुरी भैंसाली मैदान में 65 वां भव्य रामलीला का मंचन हुआ। पुष्प वाटिया लीला के साथ मंचन आरंभ हुआ। धनुष भंग का मंचन देख दर्शक रोमांचित हो गए। जब श्रीराम ने धनुष तोड़ा तो हर तरफ श्रीराम की जयजयकार होने लगी।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पुरोहित नंदकिशोर शर्मा और हरिश चंद जोशी ने पूजा-अर्चना कराई। उद्घाटन श्री राजीव दीवान और पूजन अभय गुप्ता, अतुल जैन, विपिन अग्रवाल, पुष्पित गोयल ने किया। दिल्ली रुद्राक्ष कला मंच के कलाकारों ने परशुराम लक्ष्मण संवाद की सुंदर प्रस्तुति दी। लाइट और साउंड के बीच मंचन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। गणेश अग्रवाल ने बताया कि सीता स्वयंवर की मनमोहक लीला का चित्रण अत्यंत भव्य रहा। मंचन के दौरान दीप प्रज्ज्वलन सुनील शारदा, राहुल मित्तल, आशीष बंसल, ललित गर्ग ने किया। आरती विनोद गोयल, अनिल अग्रवाल, संजय गुप्ता, शेर सिंह, जितेंद्र तायल, डॉ. अनुराग माथुर ने किया। मुख्य अतिथि सुनील अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, डॉ. महेश बंसल, ऋषि कुमार रहे। अध्यक्ष पवन गर्ग ने बताया कि 24 सितंबर को श्रीराम बारात सदर से निकाली जाएगी। भगवान का डोला देशी विदेशी फूलों से सजाया गया। इस दौरान अनिल जैन, विवेक रस्तौगी, वरुण अग्रवाल, गणेश अग्रवाल, विजय गोयल, नितिन बालाजी, अंकित गुप्ता, पारस, सुमित गोयल आदि रहे।
श्रीराम ने ताडका वध करके की ऋषि मुनियों की रक्षा
मेरठ। जेलचुंगी रामलीला में ताड़का वध की लीला का मंचन किया गया। स्थानीय कलाकारों ने दिखाया कि राक्षसों के अत्याचार से सभी ऋषि मुनि त्रस्त हैं। ऋषियों की रक्षा के लिए महर्षि विश्वामित्र अयोध्या पहुंचे। राजा दशरथ से भगवान श्रीराम व लक्ष्मण को अपने साथ यज्ञ रक्षा के लिए कहा गया। राजा दशरथ अनुमति देते हैं। विश्वामित्र दोनों भाइयों को दंडक वन ले जाते हैं। इस वन में राक्षसी ताड़का का आतंक था।
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ताड़का ऋषि मुनियों पर अत्याचार करती थी और उनके यज्ञ में विघ्न डालती थी। दंडक वन में भगवान श्रीराम और ताड़का के बीच भयंकर युद्ध हुआ। श्रीराम ताड़का का वध कर देते हैं। ताड़का की भूमिका रंगमंच के कलाकार गौरी शंकर उर्फ भोला भाई ने निभाई। संयोजक सोनू शर्मा, महावीर सिंह, अशोक शाक्य, आमोद धामा, राजेंद्र पटेल रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। श्रीरामलीला कमेटी द्वारा अयोध्यापुरी भैंसाली मैदान में 65 वां भव्य रामलीला का मंचन हुआ। पुष्प वाटिया लीला के साथ मंचन आरंभ हुआ। धनुष भंग का मंचन देख दर्शक रोमांचित हो गए। जब श्रीराम ने धनुष तोड़ा तो हर तरफ श्रीराम की जयजयकार होने लगी।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पुरोहित नंदकिशोर शर्मा और हरिश चंद जोशी ने पूजा-अर्चना कराई। उद्घाटन श्री राजीव दीवान और पूजन अभय गुप्ता, अतुल जैन, विपिन अग्रवाल, पुष्पित गोयल ने किया। दिल्ली रुद्राक्ष कला मंच के कलाकारों ने परशुराम लक्ष्मण संवाद की सुंदर प्रस्तुति दी। लाइट और साउंड के बीच मंचन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। गणेश अग्रवाल ने बताया कि सीता स्वयंवर की मनमोहक लीला का चित्रण अत्यंत भव्य रहा। मंचन के दौरान दीप प्रज्ज्वलन सुनील शारदा, राहुल मित्तल, आशीष बंसल, ललित गर्ग ने किया। आरती विनोद गोयल, अनिल अग्रवाल, संजय गुप्ता, शेर सिंह, जितेंद्र तायल, डॉ. अनुराग माथुर ने किया। मुख्य अतिथि सुनील अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, डॉ. महेश बंसल, ऋषि कुमार रहे। अध्यक्ष पवन गर्ग ने बताया कि 24 सितंबर को श्रीराम बारात सदर से निकाली जाएगी। भगवान का डोला देशी विदेशी फूलों से सजाया गया। इस दौरान अनिल जैन, विवेक रस्तौगी, वरुण अग्रवाल, गणेश अग्रवाल, विजय गोयल, नितिन बालाजी, अंकित गुप्ता, पारस, सुमित गोयल आदि रहे।
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श्रीराम ने ताडका वध करके की ऋषि मुनियों की रक्षा
मेरठ। जेलचुंगी रामलीला में ताड़का वध की लीला का मंचन किया गया। स्थानीय कलाकारों ने दिखाया कि राक्षसों के अत्याचार से सभी ऋषि मुनि त्रस्त हैं। ऋषियों की रक्षा के लिए महर्षि विश्वामित्र अयोध्या पहुंचे। राजा दशरथ से भगवान श्रीराम व लक्ष्मण को अपने साथ यज्ञ रक्षा के लिए कहा गया। राजा दशरथ अनुमति देते हैं। विश्वामित्र दोनों भाइयों को दंडक वन ले जाते हैं। इस वन में राक्षसी ताड़का का आतंक था।
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ताड़का ऋषि मुनियों पर अत्याचार करती थी और उनके यज्ञ में विघ्न डालती थी। दंडक वन में भगवान श्रीराम और ताड़का के बीच भयंकर युद्ध हुआ। श्रीराम ताड़का का वध कर देते हैं। ताड़का की भूमिका रंगमंच के कलाकार गौरी शंकर उर्फ भोला भाई ने निभाई। संयोजक सोनू शर्मा, महावीर सिंह, अशोक शाक्य, आमोद धामा, राजेंद्र पटेल रहे।