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Meerut News: पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय पर अनुसूचित जाति-जनजाति मामले में बहस पूरी
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- थप्पड़ प्रकरण में कोर्ट ने सुनवाई के लिए 15 अक्तूबर की तारीख नियत की
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय समेत 50 पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध अनुसूचित जाति-जनजाति मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर न्यायालय में बृहस्पतिवार को बहस पूरी हो गई। न्यायालय ने इस प्रकरण में आदेश सुनाने के लिए 15 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की है। यह मामला अधिवक्ता रवि गौतम द्वारा न्यायालय में लगाई गई गुहार से संबंधित है।
अधिवक्ता रवि गौतम ने पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय पर थप्पड़ मारने और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप लगाया है। यह घटना 8 जुलाई 2026 की बताई गई है। उस दिन रवि गौतम छात्रा ललिता गौतम की हत्या के विरोध में कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करने पहुंचे थे। आरोप है कि उन्हें हवालात की बंदी वाहन में बंद कर अविनाश पांडेय ने थप्पड़ मारे। अधिवक्ता चमन भारती ने न्यायालय को बताया कि रवि गौतम को कलेक्ट्रेट स्थित धरना प्रदर्शन स्थल पर घुसने नहीं दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी। इसके बाद रवि गौतम ने अपर जिला जज विशेष न्यायालय अनुसूचित जाति-जनजाति मेरठ की अदालत का रुख किया। न्यायालय ने थाना सिविल लाइन से इस मामले में प्रतिवेदन मांगा था। पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय सहित अन्य आरोपियों ने भी न्यायालय में अपना पक्ष रखा था।
आरोपों का विवरण
अधिवक्ता रवि गौतम ने आरोप लगाया कि पूर्व एसएसपी ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहे। उन पर मारपीट करने का भी आरोप है। यह घटना कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के दौरान हुई थी। रवि गौतम छात्रा ललिता गौतम की हत्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्हें कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर प्रवेश करने से रोका गया था।
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न्यायिक कार्यवाही
पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज न किए जाने के कारण रवि गौतम ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। यह गुहार अपर जिला जज विशेष न्यायालय अनुसूचित जाति-जनजाति मेरठ की अदालत में लगाई गई। न्यायालय ने थाना सिविल लाइन से इस प्रकरण पर प्रतिवेदन तलब किया था। बृहस्पतिवार को मामले में बहस पूरी हो गई। न्यायालय अब 15 अक्तूबर को इस पर अपना आदेश सुनाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय समेत 50 पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध अनुसूचित जाति-जनजाति मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर न्यायालय में बृहस्पतिवार को बहस पूरी हो गई। न्यायालय ने इस प्रकरण में आदेश सुनाने के लिए 15 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की है। यह मामला अधिवक्ता रवि गौतम द्वारा न्यायालय में लगाई गई गुहार से संबंधित है।
अधिवक्ता रवि गौतम ने पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय पर थप्पड़ मारने और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप लगाया है। यह घटना 8 जुलाई 2026 की बताई गई है। उस दिन रवि गौतम छात्रा ललिता गौतम की हत्या के विरोध में कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करने पहुंचे थे। आरोप है कि उन्हें हवालात की बंदी वाहन में बंद कर अविनाश पांडेय ने थप्पड़ मारे। अधिवक्ता चमन भारती ने न्यायालय को बताया कि रवि गौतम को कलेक्ट्रेट स्थित धरना प्रदर्शन स्थल पर घुसने नहीं दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी। इसके बाद रवि गौतम ने अपर जिला जज विशेष न्यायालय अनुसूचित जाति-जनजाति मेरठ की अदालत का रुख किया। न्यायालय ने थाना सिविल लाइन से इस मामले में प्रतिवेदन मांगा था। पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय सहित अन्य आरोपियों ने भी न्यायालय में अपना पक्ष रखा था।
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आरोपों का विवरण
अधिवक्ता रवि गौतम ने आरोप लगाया कि पूर्व एसएसपी ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहे। उन पर मारपीट करने का भी आरोप है। यह घटना कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के दौरान हुई थी। रवि गौतम छात्रा ललिता गौतम की हत्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्हें कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर प्रवेश करने से रोका गया था।
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न्यायिक कार्यवाही
पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज न किए जाने के कारण रवि गौतम ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। यह गुहार अपर जिला जज विशेष न्यायालय अनुसूचित जाति-जनजाति मेरठ की अदालत में लगाई गई। न्यायालय ने थाना सिविल लाइन से इस प्रकरण पर प्रतिवेदन तलब किया था। बृहस्पतिवार को मामले में बहस पूरी हो गई। न्यायालय अब 15 अक्तूबर को इस पर अपना आदेश सुनाएगा।