फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Aparajita 100 million Smiles: Students participated in a program at Muzaffarnagar

अपराजिता 100 मिलयिन स्माइल्स अभियान: साहसी बनकर आगे बढ़ें बेटियां, दिए ये टिप्स

Tue, 17 Sep 2019 01:13 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 17 Sep 2019 01:13 AM IST
सार

  • कार्यक्रम में छात्रा व शिक्षिकाएं शपथपत्र भरकर अमर उजाला के इस अभियान से जुड़ीं
  • शुभारंभ में प्रधानाचार्य कर्ण सिंह ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम बेटियों को पराजित न होने के साथ आगे बढ़ने की शिक्षा देता है
  • कार्यक्रम का संचालन शिक्षक पुष्पेंद्र बालियान ने किया

विज्ञापन
Aparajita 100 million Smiles: Students participated in a program at Muzaffarnagar
अपराजिता कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी पहल अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत दयानंद आर्यवीर इंटर कॉलेज में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

विज्ञापन


छात्राओं ने कन्या भ्रूण हत्या व बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए पुरुष प्रधान समाज में बेटियों को समान अधिकार देने की बात कही। कार्यक्रम में छात्रा व शिक्षिकाएं शपथपत्र भरकर अमर उजाला के इस अभियान से जुड़ीं।  
विज्ञापन


शुभारंभ में प्रधानाचार्य कर्ण सिंह ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम बेटियों को पराजित न होने के साथ आगे बढ़ने की शिक्षा देता है। इस दौरान उन्होंने छात्राओं को सरकार द्वारा चलाई जा रही हेल्पलाइन डायल-100, 181 व 1091 के अलावा अन्य नंबरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्रा रश्मि, प्रतिभा, वेदिका, ज्योति, दिशा, रचना, अंजलि आदि ने कन्या भ्रूण हत्या व बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ पर अपने उद्गार व्यक्त किए। छात्राओं ने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के लिए साहसी होना होगा। अपनी सुरक्षा के साथ अपने कर्तव्य का पालन करते हुए समाज में अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक पुष्पेंद्र बालियान ने किया।

इन्होंने कहा...
- समाज में पुरुष महिलाओं का सम्मान करें। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि जिस देश में महिलाओं का सम्मान नहीं होता वह देश प्रगति नहीं कर सकता। बेटों की तरह बेटियों को भी समान अधिकार देकर उन्हें सशक्त बनाएं।
-  प्रमोद देवी, शिक्षिका

यह भी पढ़ें: 
दिव्या और शिवानी को मिलेगा अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक, एक प्रोफेसर तो एक बनना चाहती है आईएएस

Aparajita 100 million Smiles: Students participated in a program at Muzaffarnagar
अपराजिता कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला

- कन्या भ्रूण हत्या समाज के लिए अभिशाप है। इसे रोकने के लिए सरकार ने जो कानून बनाए हैं उनका कड़ाई से पालन होना चाहिए। महिलाओं को इसके खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। - तनु, छात्रा। 

- पुरुष प्रधान समाज में बेटियों को पराया धन कहकर उन्हें सुविधाओं से वंचित रखा जाता है। बेटियों को किताबी ज्ञान के साथ सामाजिक ज्ञान भी होना अति आवश्यक है। उन्हें परिवार का विश्वास हासिल कर सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। - नैना, छात्रा। 

- दहेज प्रथा एक सामाजिक बुराई है। इस बुराई को खत्म करने के लिए सरकारों के अलावा सामाजिक संगठनों के मुहिम चलाने के बावजूद यह खत्म नहीं हो सकी। इस बुराई से निपटने के लिए बेटियों को आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा। - स्वाति, छात्रा। 
 

- बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं, फिर भी उन्हें कमजोर समझा जाता है। बेटियों को सशक्त बनाने के लिए समाज में बेटे व बेटी का भेदभाव दूर करना होगा। यदि बेटियां सशक्त होंगी तो देश, समाज व परिवार का भविष्य उज्ज्वल होगा। - साक्षी, छात्रा।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed