फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amazing meeting: Old Ganga meets Ganga in Hastinapur

अन्य केंद्र.... अद्भुत मिलन : हस्तिनापुर में गंगा में मिली बूढ़ी गंगा

Sat, 27 Sep 2025 06:05 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 27 Sep 2025 06:05 PM IST
सार

हस्तिनापुर में गंगा और बूढ़ी गंगा नदियों का दुर्लभ संगम वर्षों बाद फिर देखने को मिला है। इस अद्भुत घटना ने स्थानीय लोगों और शोधकर्ताओं दोनों में उत्साह व जिज्ञासा बढ़ा दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह संगम हाइड्रोलॉजिकल दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

विज्ञापन
Amazing meeting: Old Ganga meets Ganga in Hastinapur
हस्तिनापुर में आपस मिली गंगा और बूढ़ी गंगा की धारा स्रोत स्वयं

विस्तार

हस्तिनापुर (मेरठ)। प्रकृति के रहस्यों को सुलझाना आज भी मानव के लिए असंभव है। कभी प्रलय बनकर तबाही मचाती है तो कभी अपने अनोखे चमत्कारों से सबको चौंका देती है। हस्तिनापुर व परीक्षितगढ़ की सीमा पर एक ऐसा नजारा सामने आया है जिसने इतिहास, आस्था और विज्ञान तीनों को जीवंत कर दिया। यह दृश्य मां बूढ़ी गंगा और गंगा के संगम का है।
विज्ञापन

क्षेत्र में वर्षों के बाद एक बार फिर गंगा नदी और बूढ़ी गंगा नदी का पानी आपस में मिलन हो गया है। इसे यहां के लोग एक अद्भुत संयोग मान रहे हैं। महाभारत काल से गंगा का हस्तिनापुर से विशेष संबंध रहा है। राजा शांतनु और गंगा का विवाह हो या कुरुवंश के अंतिम राजा निचक्षु के समय आई प्रलयंकारी बाढ़ में गंगा ने हस्तिनापुर की भौगोलिक स्थिति को हमेशा प्रभावित किया। बाढ़ के बाद गंगा का मुख्य प्रवाह बदल गया, लेकिन एक धारा पीछे छूट गई, जिसे आज हम बूढ़ी गंगा के नाम से जानते हैं। एक माह से गंगा की बाढ़ ने क्षेत्र में तबाही मचाई हुई है, लेकिन इसी दौरान गंगा और बूढ़ी गंगा का संगम हस्तिनापुर में होना लोगों के लिए किसी अलौकिक घटना से कम नहीं।
विज्ञापन

दोनों नदियों के बीच लगभग ढाई किलोमीटर की दूरी थी, जहां लोग खेती करते थे। मगर इस बार बाढ़ ने दोनों को जोड़ दिया। इससे स्थानीय लोगों में उत्साह और आस्था दोनों का संचार हुआ। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह पुनर्मिलन शुभ संकेत है।
विज्ञापन
विज्ञापन



शोध और हाइड्रोलॉजिकल महत्व

बूढ़ी गंगा के ऐतिहासिक भूगर्भीय अध्ययन पर शोधरत प्रियंका भारती बताते हैं कि यह मिलन केवल आस्था नहीं बल्कि हाइड्रोलॉजिकल दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। गंगा और बूढ़ी गंगा का संगम लैटरल कनेक्टिविटी को दर्शाता है, जिससे बाढ़ के समय अतिरिक्त जल बूढ़ी गंगा में प्रवाहित होता है और मुख्य धारा का दबाव कम होता है। उनका कहना है कि गंगा ने कभी बूढ़ी गंगा का साथ नहीं छोड़ा। यह संगम इस बात का प्रमाण है कि दोनों नदियों के बीच सदियों से जल वैज्ञानिक संबंध बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed