अमर उजाला खास रिपोर्ट: मेरठ से सिर्फ 90 मिनट में पहुंचेंगे जेवर एयरपोर्ट, उद्योगों को मिलेगी उड़ान
पीएम मोदी ने जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम में इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब को विकसित करने का एलान किया है। खास बात यह है कि मेरठ से मात्र 90 मिनट में जेवर एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे। इससे उद्योगों को काफी लाभ होगा।
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अगले चार वर्षों में मेरठ से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचना भी आसान हो जाएगा। इसके लिए रैपिड रेल के न्यू अशोक नगर स्टेशन से जेवर एयरपोर्ट तक जोड़ने के लिए योजना तैयार की जा रही है। इससे मात्र 90 मिनट में मेरठ से जेवर एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम में इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब को विकसित करने का एलान किया।
दिल्ली से मेरठ तक बन रहे 82 किमी के रैपिड रेल कॉरिडोर को मोदीपुरम से सरायकाले खां तक बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर के दिल्ली क्षेत्र में न्यू अशोक नगर स्टेशन से सीधा जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए यमुना प्राधिकरण ने वार्ता की थी। पिछले दो वर्ष से एयरपोर्ट की संभावनाओं को देखते हुए कवायद की जा रही है। अब शिलान्यास के बाद इस कवायद को तेज किया जाएगा। जिससे जल्द इस कॉरिडोर का निर्माण कर वर्ष 2024 में शुरू होने वाले जेवर एयरपोर्ट के साथ ही इसे भी लिंक किया जा सके। दिल्ली से मेरठ रैपिड रेल से 55 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। न्यू अशोक नगर से जेवर एयरपोर्ट पहुंचने में 35 मिनट लगेंगे।
51 किलोमीटर का है न्यू अशोक नगर-जेवर एयरपोर्ट रूट
नोएडा से सटे न्यू अशोक नगर से जेवर एयरपोर्ट की दूरी 51 किमी है। इसके मेट्रो, रैपिड से जुड़ने के बाद आसानी से पहुंचा जा सकेगा, जिससे यात्रियों को भी काफी लाभ होगा। अभी मेरठवासियों को हवाई जहाज का सफर तय करने के लिए इंदिरा गांधी अंतरर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जाना पड़ता है।
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कार्गों और फ्रेट कॉरिडोर हब देगा उद्योगों को गति
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में मेरठ के खेल उद्योगों का जिक्र किया। मेरठ में वर्षभर में खेल उद्योग का एक हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इसमें क्रिकेट, टेबल टेनिस, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, फुटबॉल आदि शामिल हैं। इससे साफ है कि नोएडा में बन रहे लॉजिस्टिक गेटवे से सीधा लाभ मेरठ के उद्योगों को भी होने जा रहा है। नोएडा एयरपोर्ट के पास ही कार्गों हब और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का दादरी में में लॉजिस्टिक हब बनाया जा रहा हैं। यहां से सीधा सामान दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर पर भी पहुंच जाएगा। जेवर एयरपोर्ट पर एक टर्मिनल को ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी सामान ढोने की क्षमता लगभग 50 टन होगी। अभी मेरठ से खेल उद्योग का सामान दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-टू से जाता है। यहां तक पहुंचाने के लिए जाम का सामना करना पड़ता है।
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तीन एक्सप्रेसवे भी दे रहे गति
जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचाने में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पैरिफेरल एक्सप्रेसवे भी गति देंगे। यमुना एक्सप्रेसवे को ईस्टर्न पेरिफेरल क्रास कर रहा है। हालांकि, दोनों एक्सप्रेसवे अभी जुड़े नहीं है। अगर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की तरह ये दोनों भी जुड़ जाएं तो जेवर एयरपोर्ट का सफर सड़क मार्ग से भी आसान हो जाएगा।