बुखार मतलब कोरोना नहीं... मिलते-जुलते हैं इन बीमारियों के लक्षण, खास में रिपोर्ट जानिए
कोरोना महामारी के बीच डेंगू और फ्लू के मामले भी बढ़ने लगे हैं। इन तीनों बीमारियों के लक्षण आपस में कुछ हद तक मिलते-जुलते हैं। ऐसे में लोग बुखार होने पर खुद को कोरोना संक्रमित मानकर घबरा जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बुखार सिर्फ कोरोना का नहीं, ये डेंगू या फ्लू का भी लक्षण हो सकता है। संभव है कि ये सामान्य बुखार हो। जानते हैं विशेषज्ञों से कि कोरोना, डेंगू और फ्लू के अंतर को कैसे समझें। मनीष कुमार सिंह की रिपोर्ट-
डेंगू वायरस
डेंगू का संक्रमण चार तरह के वायरस से होता है। एक व्यक्ति अपने जीवन में कई बार इसकी चपेट में आ सकता है। डेंगू संक्रमित मच्छर एडीज एजिप्टाई के काटने से होता है।
लक्षण: बुखार, आंखों में दर्द, मांसपेशी, जोड़ों और हड्डियों में दर्द, जी मिचलाना और उल्टी की शिकायत, शरीर पर लाल चकत्ते पड़ सकते हैं। इसमें प्लेटलेट्स की संख्या घटने से मरीज की स्थिति बिगड़ती है।
कब तक तकलीफ: डेंगू के कारण सात दिन तक तकलीफ रह सकती है। कमजोरी के कारण रोगी बेड रेस्ट पर रहता है।
कोरोना वायरस
ये सांस की बीमारी है जो पहले से बीमार लोगों के लिए अधिक घातक है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने से वायरस के फैलने का खतरा अधिक है।
लक्षण: बुखार रहना, सूखी खांसी, सांस लेने में तकलीफ, थकान, मांसपेशी और शरीर में दर्द, सिर में दर्द, सूंघने या स्वाद लेने की क्षमता खत्म होना, गले में खराश, जी घबराना, उल्टी होना या डायरिया की तकलीफ।
कब तक : लक्षण चार से पांच दिन बाद और 14 दिन या इससे अधिक दिन तक तकलीफ रह सकती है।
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इन्फ्लुएंजा वायरस
मौसम के बदलते मिजाज के साथ ये वायरस अक्तूबर के शुरू या अंत तक सक्रिय होता है, जो जनवरी और फरवरी तक रहता है। ये भी संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने या उसकी छुई हुई किसी वस्तु को छूने से फैलता है।
प्रमुख लक्षण: बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, शरीर में दर्द, सिर दर्द, थकान। बच्चों में उल्टी डायरिया।
कब तक तकलीफ: तीन से चार दिन तक व्यक्ति अधिक संक्रामक होता है। सात दिन या इससे अधिक समय तकलीफ रह सकती है।
कुछ खास लक्षणों को पहचानें
- कोरोना : स्वाद लेने, सूंघने की क्षमता खत्म होना, लगातार सूखी खांसी आना।
- डेंगू : बुखार के साथ शरीर पर लाल चकत्ते, जोड़ों व हड्डियों में दर्द होना।
- इन्फ्लुएंजा : बुखार महसूस होना, नाक का बहना या बंद रहना।
किस रोग में कौन सी तकलीफ नहीं
- इन्फ्लुएंजा संक्रमण के कारण सांस लेने में तकलीफ बहुत कम।
- कोरोना में बहुत कम लोगों को सीने में भारीपन महसूस होता है।
- डेंगू में मरीज को सूखी खांसी और सांस संबंधी तकलीफ नहीं।
लगभग एक जैसे होते हैं लक्षण
कोरोना, डेंगू और इन्फ्लुएंजा वायरस के लक्षण लगभग एक जैसे हैं। अगर कोई भी एक लक्षण है तो सबसे पहले खुद को आइसोलेट करें। डॉक्टरी सलाह लें। आपकी बताई तकलीफों पर डॉक्टर कोरोना जांच लिखते हैं तभी जांच कराएं।
हर बुखार को कोरोना बिलकुल न मानें
बुखार है तो खुद को कोरोना संक्रमित न मानें, लेकिन सतर्क जरूर हो जाएं। पुष्टि के लिए आरटी-पीसीआर, सीबीनैट या ट्रूनैट जांच कराएं। इसके अलावा शरीर में ऑक्सीजन का स्तर क्या है, इसकी निगरानी भी करें। ये स्तर अगर 92 फीसदी से नीचे है तो सतर्क रहने की जरूरत है।
इन पांच नियमों का पालन अनिवार्य
- बुखार हर तीन-तीन घंटे पर थर्मामीटर से नापें
- दूसरों से छह फुट की दूरी के नियम का पालन
- गरम या गुनगुना पानी पीएं, फल अधिक खाएं
- तरल पदार्थ का सेवन बढ़ाएं, काढ़ा फायदेमंद
- बुखार नहीं उतर रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करें
अस्पताल में गुजरेंगे औसतन इतने दिन
- कोरोना : चार से 14 दिन या अधिक
- डेंगू : तीन से पांच दिन या अधिक
- इन्फ्लुएंजा : दो से पांच दिन या अधिक
विशेषज्ञ
- डॉ. पुनीत मिश्रा, कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ, एम्स
- डॉ. संदीप चौधरी, लोहिया अस्पताल लखनऊ
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