फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala Exclusive Report: There is not fear of encounters in crooks in western UP

एक्सक्लूसिव: अपराधियों में नहीं रहा हाफ एनकाउंटर का भी खौफ... ऐसा है पश्चिमी यूपी का हाल

Tue, 27 Oct 2020 11:26 AM IST
कपिल kapil गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 27 Oct 2020 11:26 AM IST
विज्ञापन
Amar Ujala Exclusive Report: There is not fear of encounters in crooks in western UP
मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला

ताबड़तोड़ एनकाउंटर करने वाली यूपी की पुलिस का खौफ बदमाशों में नहीं रह गया है। मेरठ जोन के जिलों मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली व सहारनपुर में मुठभेड़ का डर नहीं होने से अपराधी बेलगाम हो गए हैं। नतीजा है कि हत्या, लूट डकैती व अपहरण की वारदात बढ़ गई हैं।

विज्ञापन


मार्च, 2017 में योगी सरकार बनने के बाद बदमाशों के एनकाउंटर का सिलसिला हर जनपद में शुरू हुआ था। मेरठ जोन के आठ जनपदों में इस दौरान 75 बदमाश मुठभेड़ में मारे गए थे, जबकि 1720 बदमाशों के पैर में गोली लगी थी। इससे अपराधों में कमी आ गई थी। अब पुलिस मुठभेड़ के दौरान सिर्फ बदमाशों के पैर में ही गोली मार रही है। 
विज्ञापन


पश्चिमी यूपी के जिलों में मुठभेड़ में बदमाशों को गोली मारने के लिए पुलिस ने हाफ और फुल एनकाउंटर के नाम रख दिए हैं। अपराधियों को पकड़ने के बाद पुलिस एनकाउंटर हाफ या फुल करना तय कर लेती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मुठभेड़ का मजाक समझ गए अपराधी
पुलिस तो मुठभेड़ में बदमाशों के पैर में सिर्फ गोली छुआ रही है। यह बात तो डॉक्टर भी कहते हैं और अपराधी भी समझ गए हैं। मुठभेड़ में चालाकी से पैर में गोली मारने वाली पुलिस से बदमाश नहीं डरते हैं। खासतौर पर बागपत जिले में तो अपराधी हर दिन किसी न किसी वारदात को अंजाम दे रहे हैं। कब और किसकी जान चली जाए, वहां कोई नहीं जानता। 

24 घंटे भी अस्पताल में नहीं रुकते अपराधी
जिला अस्पताल और मेडिकल के डॉक्टर कहते हैं कि मुठभेड़ में बदमाशों की न कोई हड्डी टूटती है और न ही शरीर का कोई अन्य हिस्सा खराब होता है। गोली खानापूर्ति के लिए लगती है। इसके चलते 24 घंटे भी अपराधी अस्पताल में नहीं रुकते। चार-पांच घंटे बाद अस्पताल से उनकी छुट्टी कर दी जाती है और वह फिर जेल चले जाते हैं। यह रिकॉर्ड जिला अस्पताल और मेडिकल में भी दर्ज है।

यह भी पढ़ें: देवबंदी उलमा हुए नाराज, बोले- दाढ़ी कटवाने से अच्छा नौकरी छोड़ देते दरोगा इंतसार अली

मुठभेड़ से ज्यादा पुलिसिंग पर भरोसा
एडीजी व आईजी पुलिस द्वारा की जा रही सवालों में घिरी मुठभेड़ से ज्यादा पुलिसिंग पर भरोसा जता रहे हैं। दोनों पुलिस अधिकारी इसके आठ जिलों में अपराध रजिस्टर पूरी तरह से अपडेट कराते हैं। गृह जनपद से दूर जाकर अपराध करने वाला बदमाश या फिर दूसरे जनपद के बदमाशों के अपराध की भी मॉनिटरिंग कराई जा रही। दोनों अधिकारी मानते हैं कि इस प्रक्रिया से आने वाले समय में अपराधों पर अंकुश लगा सकता है। 

1 जनवरी, 2020 से अब तक का रिकॉर्ड
 जनपद                  घायल              मारे गए     गिरफ्तारी
                            बदमाश            बदमाश

 मेरठ                       94                  03            126
 गाजियाबाद              02                   00            08 
 बुलंदशहर                23                   00           161 
 बागपत                    35                   00           83
 हापुड़                      21                   00           89 
 शामली                    32                    00          54
 सहारनपुर                42                    01          121
 मुजफ्फरनगर           54                     01          92

जल्द दिखेगा पुलिसिंग का असर
अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए धरातल से पुलिसिंग कराई जा रही है। मेरठ जोन में इसका असर जल्द दिखेगा। कुछ आपराधिक घटनाएं हुई, जिनको पुलिस ने चुनौती मानकर खुलासे किए हैं।  - राजीव सभरवाल, एडीजी, मेरठ जोन

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed