एक्सक्लूसिव: सामने आया करोड़ों का खेल, रजिस्ट्रार कानूनगो की खुली पोल, 2500 बीघा जमीन से जुड़ा है मामला
- 2500 बीघा जमीन पर कब्जा दाखिल खारिज भी करा दिया
- मवाना में रजिट्रार कानूनगो- भू-माफिया गठजोड़ की जांच शुरू
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मेरठ के मवाना तहसील क्षेत्र में लंबे समय तक तैनात रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी आम होती जा रही है। हस्तिनापुर थाने में सवा दो साल तक एसओ रहे धर्मेंद्र सिंह के फार्म हाउस के बाद अब तहसील में एक दशक से तैनात रजिस्ट्रार कानूनगो बिजेंद्र कुमार द्वारा भू-माफिया से मिलकर खादर क्षेत्र में 2500 बीघा से ज्यादा जमीन को पहले कब्जा कराने और बाद में दूसरों के नाम पर दाखिल खारिज कराने का मामला सामने आया है। भू-माफिया के साथ मिलकर बंदरबांट की गई। इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में है।
बिजेंद्र कुमार के खिलाफ शिकायत है कि उसने भू-माफिया के साथ मिलकर ग्राम गजूपुरा स्थित झील की करीब 2500 बीघा से ज्यादा जमीन का दूसरों के नाम पर दाखिल खारिज करा दिया है। राजस्व अभिलेखों में इस जमीन को जिनके नाम किया गया है, उनमें बड़ी संख्या में दिल्ली के रहने वाले लोग हैं।
इसके अलावा ऐसे भी मामले हैं, जिनमें जमीन का हस्तांतरण मृतक आश्रित के नाम पर होना था लेकिन उसे दूसरों के नाम पर कर दिया गया। यही नहीं, गंगा नदी की जमीन को भी पहले भू-माफिया के नाम पर बिकवाया गया और बाद में इसका दाखिल खारिज करा दिया गया। नगर पंचायत हस्तिनापुर की पांडवान स्थित जमीन पर भी बड़ा खेल किया गया है। अवैध ढंग से बिक्री और दाखिल खारिज के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया है।
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एसडीएम मवाना ने जांच लटकाई
वर्तमान में मवाना निवासी अशोक चौधरी द्वारा की गई शिकायत पर एसडीएम सदर संदीप भागिया जांच कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने यह जांच पहले एसडीएम मवाना को दी थी लेकिन वह जांच को लटकाकर बैठ गए थे। इसके बाद जांच एसडीएम सदर को सौंपी गई है। पिछले एक माह से इसकी जांच चल रही है।
पूर्व तहसीलदारों ने दिया पूरा संरक्षण
भू-माफिया से मिलीभगत कर जमीनों को इधर-उधर करने के मामलों की शिकायतें समय-समय पर मुख्यमंत्री से लेकर एसडीएम तक की गईं, लेकिन डेढ़ दशक में मवाना तहसील में तैनात रहे तहसीलदारों ने रजिस्ट्रार कानूनगो को पूरा संरक्षण दिया। कुछ मामलों की जांच भी शुरू हुई तो आपसी सांठगांठ के कारण इन्हीं तहसीलदारों ने दबवा दिया। संरक्षण के कारण पिछले एक दशक से यह कर्मचारी तहसील में ही जमा हुआ है।
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