अमर उजाला एक्सक्लूसिव: चुनाव का मौका, इसलिए बिजली बिल रोका, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जनता के लिए सभी पार्टियां बड़े-बड़े दावे कर रही हैं। वहीं कई पार्टियों ने तो बिजली का बिल भी माफ करने का एलान किया है। इसी के चलते किसान अपना बिल जमा नहीं कर रहे हैं।
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करीब 3.69 लाख किसानों ने नलकूप के बिजली बिलों का बकाया रोक लिया है। किसान एकमुश्त समाधान योजना का भी लाभ नहीं ले रहे हैं। सिर्फ 33 हजार किसानों ने ही सरचार्ज माफी का लाभ उठाया है।
पश्चिमी यूपी के अधिकतर किसान नलकूपों का बिजली बिल एकमुश्त समाधान योजना के बाद ही भुगतान करते रहे हैं। सभी किसानों को ओटीएस का इंतजार रहता है। प्रदेश सरकार ने इस बार भी यह योजना लागू की है। इसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर है। पीवीवीएनएल ने 4.19 लाख नलकूप किसानों से 1394 करोड़ रुपये बकाया वसूलने का लक्ष्य रखा था। इस योजना का लाभ 32857 किसानों ने ही उठाया है। यह कुल किसानों का 7.82 फीसदी ही है।
लुभावनी घोषणाओं ने बढ़ाई पीवीवीएनएल की मुसीबत
विधानसभा चुनाव को देखते हुए विपक्षी दल तक भी सरकार बनने पर बिजली बिल हाफ और माफ करने जैसी घोषणाएं कर रहे हैं। ऐसे में किसान उम्मीद लगा रहे हैं कि उनके बिजली बिल माफ हो सकते हैं। किसानों द्वारा बिजली के बिल रोकने के पीछे यह भी एक वजह बताई जा रही है।
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मेरठ जोन के 6618 किसानों ने ही जमा किया बिल
मेरठ जोन के 65986 बकायेदार नलकूप किसानों में से 6618 ने ही बकाया बिल जमा करके सरचार्ज माफी का लाभ उठाया है।
जोन स्तर पर बिजली बिल बकाया की स्थिति
जोन बकायेदार किसान बकाया
मेरठ 65986 16483
गाजियाबाद 7332 1525
बुलंदशहर 69027 31996
सहारनपुर 125440 53921
नोएडा 6575 2276
मुरादाबाद 145591 33224
योग 419951 139425
नोट : बकाया राशि लाख रुपये में हैं और आंकड़े ऊर्जा भवन से लिए गए हैं।
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31 दिसंबर तक लाभ उठाएं किसान
नलकूप बकाया बिल में सरचार्ज की शत प्रतिशत छूट के बावजूद किसानों ने ओटीएस में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई है। अब फिर से इसकी तिथि बढ़ाई गई है। - अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी, पीवीवीएनएल मेरठ