अमर उजाला अपराजिता अभियान: मन की मजबूती ही सबसे बड़ा हथियार
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अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को जलालाबाद कस्बे के एल्पाइन पीजी कॉलेज ऑफ एजूकेशन में ताइक्वांडो शिविर का आयोजन किया गया। इसमें अपराजिता टीम की ताइक्वांडो विशेषज्ञों ने छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के टिप्स दिए।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की निदेशक सुमन सोमाल, ताइक्वांडो ट्रेनर कोमल सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कोमल सिंह ने छात्राओं को ताइक्वांडो की फेस पंच, साइड ब्लॉक, अपर ब्लॉक, किक, डबल अप्चर आदि कई तकनीकी प्रेक्टिस कराई और सेल्फ डिफेंस के गुर सिखाए। बताया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में किस तरह बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आप चाहे ताइक्वांडो, जूडो कुछ भी सीख लो, लेकिन यदि आप मन से मजबूत नहीं हैं तो ये सब बेकार हैं। मन की मजबूती ही सबसे बड़ा हथियार है। अंजलि विश्वकर्मा ने कहा कि यदि आपके साथ कुछ गलत होता है तो सबसे पहले इस संबंध में अपने परिजनों व स्कूल, कॉलेज के प्रधानाचार्य को जाकर बताए।
छात्राओं ने ताइक्वांडो की कई कलाओं की प्रस्तुति दी। छात्राओं ने इस दौरान चेस्ट पंच, जंप किक, ड्रॉप आादि का प्रदर्शन किया। उन्होंने हाथ से पत्थर तोड़ने का प्रदर्शन किया। कॉलेज के इमरान, फिरोज कुरैशी, अमन सिंह आदि का सहयोग रहा।
बोली छात्राएं
अपराजिता अमर उजाला का एक ऐसा अभियान है, जो महिला वर्ग खासतौर लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम है। सभी छात्राएं इस मुहिम का हिस्सा बने और आत्मरक्षा के गुर सीखें। - अतिया, बीबीए तृतीय वर्ष
अपराजिता कार्यक्रम की इस वर्कशॉप में हमने ताइक्वांडो के साथ सीखा कि अपने साथ गलत होने पर हमें शर्माना नहीं है, बल्कि इन मुसीबतों का डटकर सामना करना है। - दीपशिखा, बीकॉम द्वितीय वर्ष
मैं लगातार पिछले साल से अमर उजाला के अपराजिता अभियान का हिस्सा हूं। इस कार्यक्रम के जरिए ही हमें पता चला कि आज के दौर में लड़कियों को हिम्मत दिखानी चाहिए। हर मुसीबत का सामना करने को तैयार रहना है। - काजल चौधरी, बीकॉम तृतीय वर्ष
अमर उजाला के अभियान से प्रेरित होकर ही मैंने ताइक्वांडो का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। मैं अन्य लड़कियों से भी अपील करूंगी कि वह भी आत्मरक्षा के लिए तैयार रहें और हर परेशानी का डटकर सामना करें। - साक्षी, बीकॉम, तृतीय वर्ष
ताइक्वांडो सेल्फ डिफेंस के साथ कॅरियर के लिए भी उपयोगी है। अपराजिता अभियान से इसके बारे में शिविर में जानकारी मिली है। सभी लड़कियों को इसके लिए आगे आना चाहिए। - शिदरा, बीकॉम प्रथम वर्ष
अपराजिता अभियान का मकसद सभी महिलाओं चाहे वो शहर की हो या फिर गांव की, सभी को आत्मनिर्भर बनाना है। जब महिलाओं को उनका उचित हक मिलेगा तो वह समाज के विकास में बराबरी की भूमिका निभाएंगी। - मनु कादियान, कक्षा 12
अपराजिता अपने आप में नारी का पूर्ण परिचय है। निडर होकर कठिनाइयों का सामना करना अपने आप में बहादुरी का परिचय है। जिंदगी के हर मोड़ पर कई बार टूटती है, पर पराजिता नहीं होती, तभी तो अपराजिता कहलाती है, माना कि पहचान बनाना आसान नहीं, पर अगर दृढ़ संकल्पित हो तो कुछ भी मिलना मुश्किल नहीं, जीत तेरी तय है, पराजिता न समझ संसार में है नारी अपराजिता बनकर अपने पंखों को फैलाकर गगन को छुए। - सुमन सोमाल, डॉयरेक्टर, एल्पाइन पीजी कॉलेज ऑफ एजूकेशन
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