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अमर उजाला अभियान शिक्षा: पुरानी कक्षा की किताबें जमा करें, अगली की ले जाएं, मेरठ में स्कूल ने की शुरुआत

Tue, 29 Mar 2022 04:50 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 29 Mar 2022 04:50 PM IST
सार

कक्षाएं शुरू होते ही सबसे पहले अभिभावकों पर बच्चों के लिए नया कोर्स खरीदने का दबाव हर साल रहता है। इसके लिए मेरठ के मिशनरी और कॉन्वेंट स्कूलों ने पहल की है। इन स्कूलों में बुक बैंक बनाए जाएंगे, ताकि जरुरतमंद छात्र छात्राओं पर किताबें खरीदने का बोझ न पड़े।
 

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Amar Ujala Abhiyan Education: Submit old class books, take the next one, school started in Meerut
अमर उजाला अभियान शिक्षा - फोटो : amar ujala

विस्तार

स्कूलों में नया सत्र कुछ जल्द शुरू होने जा रहा है। विद्यार्थी नई किताबों से पढ़ाई शुरू करेंगे। कुछ अभिभावक ऐसे भी हैं जो नई किताबों का खर्च वहन नहीं कर सकते हैं। कोरोना से भी इन परिवारों को चोट पहुंची है। ऐेसे में सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों में बुक बैंक बनाकर नई पहल की जा रही है, जिसमें पुरानी किताबें बच्चों के काम आ सकेंगी। साथ ही इससे पर्यावरण को फायदा होगा और पेपर की बचत होगी।

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एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो रहा है। कक्षाएं शुरू होते ही सबसे पहले अभिभावकों पर बच्चों के लिए नया कोर्स खरीदने का दबाव हर साल रहता है। कोरोना काल में लगभग सभी अभिभावकों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो चुकी है। ऐसे में स्कूलों की फीस सहित किताबों का खर्च वहन करना सभी के लिए आसान नहीं रहता है। इसके लिए मिशनरी और कॉन्वेंट स्कूलों ने पहल की है।
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जिसके जरिए बच्चों को पुरानी किताबों को ही दोबारा इस्तेमाल में लाया जा रहा है। इसके लिए पुरातन छात्र समूह भी आगे आकर मुहिम चला रहे हैं।

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सोगम ने की शुरुआत
सोगम (सोफियंस ओल्ड गर्ल्स एसोसिएशन) द्वारा सोफिया गर्ल्स स्कूल में बुक शेयरिंग मुहिम शुरू की गई थी। इसके तहत तीन दिन स्कूल में स्टाल लगाकर जरूरतमंद छात्राओं को किताबें दी गईं।

सोगम की अध्यक्ष डा. श्रुति सहगल ने बताया कि 19 मार्च को कक्षा एक से पांच और 23 मार्च को कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं के लिए यह अभियान चलाया गया। इसके बाद 31 मार्च को दोबारा लाभ लेने का भी मौका दिय गया। अभिभावकों ने पुरानी किताबें और अन्य सामग्री का सहयोग किया। कुछ छोटे बच्चों ने खिलौने भी अन्य बच्चों के लिए दिए। 

स्कूल अपने स्तर से भी कर सकते हैं पहल
स्कूल इस तरह की पहल अपने स्तर से भी शुरू कर सकते हैं, जिससे विद्यार्थी एक-दूसरे के सहयोग से पढ़ाई कर सकते हैं। साथ ही लॉकडाउन के कारण आर्थिक स्तर से आहत अभिभावकों भी बच्चों की पढ़ाई का वहन आसानी से कर सकते हैं। 

केवी में भी चल रही योजना 
केंद्रीय विद्यालयों में भी पुस्तक उपहार मुहिम चलाई जा रही है। सिख लाइंस के प्रधानाचार्य नवल सिंह ने बताया कि एक अप्रैल से बच्चों को किताबें बांटी जाएंगी। वहीं पंजाब लाइंस में 26 मार्च को परीक्षा परिणाम जारी किया गया। उसी दिन बच्चों को किताबें बांट दी गईं। 

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