अमर उजाला अभियान शिक्षा: कोरोनाकाल में रखा संयम, पढ़ाई में बन गए आत्मनिर्भर
कोरोना काल के चुनौतीपूर्ण समय के बाद परीक्षा शिक्षा अभियान की खबर केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंचे बच्चों से जब बात की गई तो वे भावुक हो गए। उन्होंंने बताया कि इस बार भी परिक्षा के रद् होने का डर लग रहा था लेकिन अब सब ठीक है, और पूरी मेहनत से परिक्षा की तैयारी कर रहे हैं। कक्षा में अव्वल आने की आस लगा रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छात्र बोले स्कूल-कॉलेज बंद होने के कारण उन्हें सेल्फ स्टडी पर ही निर्भर रहना पड़ा। जिस कारण कई महत्तवपूर्ण विषय छूट गए। स्कूल बंद होने से पढ़ाई का नुकसान तो हुआ ही, साथ ही मानसिक तनाव भी हो गया। पढ़ाई को जारी रखने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा लेकिन सब सामान्य हो जाने के कारण अब चीजें ठीक हो गई हैं।
बोर्ड परीक्षा में भले ही 70 प्रतिशत कोर्स में से प्रश्नपत्र आ रहा हो, लेकिन तैयारी तो पूरी करनी ही होती है। उनका कहना है कि कोरोना वैक्सीन लगवाकर अच्छा महसूस कर रहे हैं, प्रमाणपत्र साथ लेकर परीक्षा देने आते हैं।
लगा बोर्ड परीक्षा इस बार भी नहीं होंगी
कोरोना की तीसरी लहर भी बढ़ने लगी थी, लग रहा था पिछले साल की तरह इस साल भी परीक्षाएं रद्द हो जाएंगी। - आर्यांश, 10वीं छात्र
हार नहीं मानी, सेल्फ स्टडी की
कोरोना के कारण मानसिक तौर पर कमजोर तो हो रहे थे। स्कूल जाने को नहीं मिल रहा था, लेकिन हमने हार नहीं मानी और सेल्फ स्टडी जारी रखी। - अंकुर, 10वीं छात्र
मास्क लगाकर आते हैं
परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से लेकर अंत तक मास्क लगाकर रखते हैं। भले ही कोरोना खतरा टल गया हो, लेकिन हम आज भी अलर्ट हैं। - विवेक कुमार, 10वीं छात्र
परीक्षा देना अच्छा लग रहा
कोरोना के समय पढ़ाई की चिंता के साथ, खुद की जान बचाना भी चुनौती बन गया था। अब सब सामान्य है तो परीक्षा देना भी अच्छा लग रहा है। - मनीष, 10वीं छात्र
वैक्सीन प्रमाणपत्र साथ लाते हैं
कोरोना वैक्सीन लगनी शुरू हुई तो हिम्मत आई। परीक्षा केंद्र पर वैक्सीन का प्रमाणपत्र साथ लाते हैं। - मनु, 10वीं छात्र