Meerut News: एयरपोर्ट अथॉरिटी ने दी मंजूरी, फिर भी 26 साल से हवाई उड़ान का इंतजार
विमान उड़ाने की अथाॅरिटी द्वारा स्वीकृति दिए जाने के बावजूद उड़ान के लिए मेरठ प्रशासन ने कागजी कार्रवाई नहीं की है।
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मेरठ के परतापुर स्थित भीमराव आंबेडकर हवाई पट्टी का विस्तारीकरण और 72 सीटर विमान उड़ान के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने स्वीकृति दे दी है। इसके बावजूद मेरठ प्रशासन अब तक कागजी कार्रवाई पूरी नहीं कर पाया है।
बताया गया है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अपने अभिलेखों में जमीन दर्ज कराने का प्रस्ताव रखा है। प्रशासन को 23 करोड़ रुपये से जमीन खरीदनी है। इसमें भी अभी अड़ंगा लगा हुआ है। पिछले 26 साल से मेरठ में हवाई उड़ान की मांग की जा रही है।
वर्ष 1987 में कांग्रेस नेता शांति स्वामी ने मेरठ में हवाई पट्टी की मांग उठाई थी। स्थानीय नेताओं के तमाम प्रयास के बाद वर्ष 2013 में परतापुर में हवाई पट्टी बनी। इसके बाद हवाई पट्टी के विस्तारीकरण और हवाई उड़ान शुरू करने की मांग उठती रही।
हवाई उड़ान शुरू करने से पहले एयरपोर्ट अथॉरिटी ने नियमानुसार हवाई पट्टी की मौजूदा जमीन को अपने अभिलेख में दर्ज कराने की बात जिला प्रशासन के समक्ष रखी। तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट और सदर एसडीएम ने जमीन की पैमाइश कर दस्तावेज खंगाले।
विकास प्राधिकरण, किसानों की जमीन को एयरपोर्ट अथॉरिटी के अभिलेखों में कराने के लिए 23 करोड़ रुपये की आवश्यकता होने की जानकारी शासन को दी, मगर जिला प्रशासन न तो 23 करोड़ रुपये मुहैया करा पाया और न ही जमीन को लेकर निर्णय हुआ। इसके चलते हवाई उड़ान का सपना पूरा नहीं हो रहा है। मुरादाबाद, सहारनपुर सहित कई जनपदों में हवाई उड़ान शुरू हो रही है। सवाल यह है कि मेरठ में उड़ान कब शुरू होगी।
परतापुर से हवाई उड़ान की प्रक्रिया जारी है। जिला प्रशासन द्वारा एयरपोर्ट अथॉरिटी के अभिलेखों में जमीन दर्ज होना बाकी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मुआयना कर लिया है। 23 करोड़ रुपये शासन से दिलवाने की बात चल रही है, जल्द ही हवाई पट्टी पर काम शुरू हो जाएगा। - डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राज्यसभा सदस्य
हवाई पट्टी की पैमाइश हो चुकी है। पत्राचार चल रहा है। जिला प्रशासन की ओर से जो प्रक्रिया रुकी है, उसे जल्द पूरा कराया जाएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने हवाई पट्टी के विस्तारीकरण और 72 सीटर विमान के उड़ान के लिए मुआयना कराया है। -वीके सिंह, डीएम