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हवा हुई खतरनाक: मेरठ में सांस लेना दूभर, 236 पहुंचा एक्यूआई, ग्रैप के बावजूद बुरा हाल
Sat, 16 Oct 2021 12:28 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 16 Oct 2021 12:28 PM IST
सार
मेरठ में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शहर की आबादी को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए स्मॉग गन का उपयोग किया जाना जरूरी है। लेकिन अभी तक निगम के पास स्मॉग गन की कोई तैयारी नहीं है।
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smog in Meerut
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मेरठ शहर का वायु प्रदूषण स्तर अक्तूबर महीने में ही खराब श्रेणी में पहुंच गया है। शुक्रवार को पीएम 2.5-236 आ गया है, जबकि शहर का एक्यूआई 236 पहुंच गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी बंद कमरे में 17 विभाग 22 अक्तूबर को कमिश्नर की अध्यक्षता में बैठक करेंगे। एनसीआरटीसी दावा कर रहा है कि स्मॉग गन तैयार कर ली है, लेकिन शहर में चल रहे प्रोजेक्ट के किनारे सड़क संकरी होने के कारण धूल उड़ रही है। इससे लोग परेशान हैं।
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ग्रैप के बाद भी यह हाल
पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण की ओर से 15 अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू कर दिया जाता है। इसके तहत यह ध्यान दिया जाता है कि सड़क पर धूल न उड़े, निर्माण सामग्री पर पानी का लगातार छिड़काव हो, कूड़ा जलाने पर रोक रहे, कोल्हू से निकलने वाले धुएं पर रोक रहे आदि।
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इसके बाद भी शुक्रवार को शहर में सैकड़ों स्थानों पर रखी गई निर्माण सामग्री पर न तो पानी छिड़काव किया गया और न ही उन्हें ढंका गया। जगह-जगह दिनभर धूल उड़ती रही।
नगर निगम के पास नहीं स्मॉग गन
वहीं, शहर की आबादी को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए स्मॉग गन का उपयोग किया जाना जरूरी है। इसके लिए नगर निगम की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। लेकिन अभी तक निगम के पास स्मॉग गन की कोई तैयारी नहीं है।