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Meerut News: तीन दिन बाद खिली धूप, गंगा का जलस्तर घटा
Fri, 10 Jul 2026 08:37 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 10 Jul 2026 08:37 PM IST
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गंगा से 20 हजार क्यूसेक कम पानी छोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। गंगा के जलस्तर में पिछले दो दिनों की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता घनश्याम दास ने बताया कि शुक्रवार को बैराज से लगभग 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, बृहस्पतिवार को यह आंकड़ा 80 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था। जलस्तर घटने से फिलहाल बाढ़ का खतरा कम हुआ है, हालांकि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। बारिश रुकने के बाद शुक्रवार दोपहर बारिश थमने पर मौसम सुहाना हो गया। लोगों ने राहत महसूस की।
रास्ताें में जलभराव से बढ़ी मुश्किलें
हस्तिनापुर। तीन दिन बारिश के बाद कई गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। खादर क्षेत्र के गांव तारापुर, सराय खादर, दुधली, बस्तोरा नारंग, भीमकुंड, किशनपुर आदि गावों के खेतों और जंगलों में जगह-जगह पानी भर जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पशुओं के लिए हरा चारा जुटाना चुनौती बन गया है। खेत तक जाने वाले रास्तों पर पानी भरा होने के कारण किसान अपने कृषि कार्य भी नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों सुरजीत, अत्तर सिंह, दीपक, पवन आदि का कहना है कि यदि दोबारा तेज बारिश हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बारिश से कई गांवों की गलियां और संपर्क मार्ग कीचड़ व पानी से भर गए हैं। ग्रामीणों को दैनिक कार्यों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ और जलभराव बना रहा तो खरीफ फसलों के साथ पशुपालन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। गंगा के जलस्तर में पिछले दो दिनों की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता घनश्याम दास ने बताया कि शुक्रवार को बैराज से लगभग 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, बृहस्पतिवार को यह आंकड़ा 80 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था। जलस्तर घटने से फिलहाल बाढ़ का खतरा कम हुआ है, हालांकि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। बारिश रुकने के बाद शुक्रवार दोपहर बारिश थमने पर मौसम सुहाना हो गया। लोगों ने राहत महसूस की।
रास्ताें में जलभराव से बढ़ी मुश्किलें
हस्तिनापुर। तीन दिन बारिश के बाद कई गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। खादर क्षेत्र के गांव तारापुर, सराय खादर, दुधली, बस्तोरा नारंग, भीमकुंड, किशनपुर आदि गावों के खेतों और जंगलों में जगह-जगह पानी भर जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पशुओं के लिए हरा चारा जुटाना चुनौती बन गया है। खेत तक जाने वाले रास्तों पर पानी भरा होने के कारण किसान अपने कृषि कार्य भी नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों सुरजीत, अत्तर सिंह, दीपक, पवन आदि का कहना है कि यदि दोबारा तेज बारिश हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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बारिश से कई गांवों की गलियां और संपर्क मार्ग कीचड़ व पानी से भर गए हैं। ग्रामीणों को दैनिक कार्यों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ और जलभराव बना रहा तो खरीफ फसलों के साथ पशुपालन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
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