{"_id":"6a3fd858b77221cc3507f1dd","slug":"administered-a-pledge-to-create-a-drug-free-india-meerut-news-c-72-1-mct1014-155312-2026-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प दिलाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प दिलाया
विज्ञापन
- सुभारती लॉ कॉलेज में हुआ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के उपलक्ष्य में सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ में शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम किया गया। इसमें युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने नशा-मुक्त भारत के निर्माण की सामूहिक शपथ ली। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने, दूसरों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत नशा-मुक्त समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुई। मुख्य वक्ता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राजेश चंद्र ने कहा कि नशा समाज और युवा पीढ़ी के सामने गंभीर चुनौती है। यह केवल स्वास्थ्य प्रभावित नहीं करता बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी बाधक बनता है। शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा देना नहीं बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया।
संचालन विधि संकाय के शिक्षक हर्षित ने किया। उन्होंने नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में बताया। इसके साथ ही नियमित दिनचर्या, तनाव प्रबंधन, योग, व्यायाम और सकारात्मक सोच को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली ही सुरक्षित और सफल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता और सामूहिक प्रयासों से ही नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के उपलक्ष्य में सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ में शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम किया गया। इसमें युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने नशा-मुक्त भारत के निर्माण की सामूहिक शपथ ली। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने, दूसरों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत नशा-मुक्त समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुई। मुख्य वक्ता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राजेश चंद्र ने कहा कि नशा समाज और युवा पीढ़ी के सामने गंभीर चुनौती है। यह केवल स्वास्थ्य प्रभावित नहीं करता बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी बाधक बनता है। शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा देना नहीं बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया।
विज्ञापन
संचालन विधि संकाय के शिक्षक हर्षित ने किया। उन्होंने नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में बताया। इसके साथ ही नियमित दिनचर्या, तनाव प्रबंधन, योग, व्यायाम और सकारात्मक सोच को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली ही सुरक्षित और सफल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता और सामूहिक प्रयासों से ही नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
विज्ञापन