अयोध्या फैसले से पहले एडीजी ने जाना अपराध का हाल, टटोली मेरठ शहर की नब्ज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या फैसले से पहले प्रदेश की कानून व्यवस्था और अपराध की स्थिति की बारीकी से समीक्षा शुरू हो गई है। मेरठ के नोडल अधिकारी/एडीजी सीबीसीआईडी आदित्य मिश्रा जिले की नब्ज टटोलने मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। पहले दिन उन्होंने अपराध और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। बुधवार को वे देहात के किसी इलाके का दौरा कर सकते हैं।
सुबह 11 बजे पहुंचे एडीजी आदित्य मिश्रा ने पुलिस लाइन में सभी सीओ के साथ बैठक की। प्रत्येक सीओ से उनके सर्किल में अपराध की स्थिति जानी। इसके बाद एडीजी ने सदर बाजार थाने का निरीक्षण किया। अपराध रजिस्टर, हिस्ट्रीशीटरों और सीसीटीएनएस की जानकारी लेने के अलावा पुलिसकर्मियों से बातचीत कर उनकी समस्या जानी। यहां के बाद जिला जेल का निरीक्षण किया।
जनप्रतिनिधियों से की बात
नोडल अधिकारी ने सर्किट हाउस में अधिकारियों से जिले के अपराध की स्थिति जानने के बाद जनप्रतिनिधियों से भी बातचीत की। पत्रकारों से बातचीत में नोडल अधिकारी आदित्य मिश्रा इतना ही बोले कि पहले दिन के निरीक्षण में सब कुछ ठीकठाक मिला है। कुछ सुझावों को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए एसएसपी से कहा गया है।
थ्री नॉट थ्री नहीं अब इंसास राइफल
एडीजी मिश्रा ने कहा कि पूरे प्रदेश से थ्रीनॉटथ्री राइफल खत्म की जा रही हैं। उनकी जगह पर इंसास राइफल पुलिसकर्मियों को दी जा रही है। कई जिलों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मेरठ में भी जल्द शुरू होगी। जेल में जैमर तो लगे हैं। लेकिन तकनीकी कारणों से सफल नहीं हो रहे हैं। जेल में कई शातिर अपराधियों से बात की गई। सब सामान्य मिला है।
...ये चोरी का मुकदमा क्यों?
सदर थाने में अभिलेखों के निरीक्षण के दौरान एसओ विजय गुप्ता ने एडीजी आदित्य मिश्रा को बताया कि हाल ही में नौ अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली है। अपराधियों पर चोरी की धारा लगने का कारण पूछने पर एसएसपी अजय साहनी ने एडीजी को बताया कि यहां सोतीगंज में देशभर से चोरी के वाहन आकर कटते थे। वाहन काटने वालों पर शिकंजा कसने के लिए यह धारा लगाई है। एडीजी ने महिला सिपाही से जीडी और ऑनलाइन एफआईआर के बारे में पूछा। सदर सराफा के व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल भी एडीजी से मिलने थाने पहुंचा। एडीजी ने धनसिंह कोतवाल की मूर्ति पर माल्यार्पण किया।
भटकते रहे फरियादी
मंगलवार को एडीजी जोन सहारनपुर में तो आईजी रेंज बागपत में रहे। जिले के अधिकारी शहर में एडीजी सीबीसीआईडी के साथ रहे। ऐसे में फरियादी भटकते रहे, क्योंकि वहां कोई पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं था।
अपडेट रहने की तैयारी
अयोध्या को लेकर आने वाले फैसले को लेकर सरकार गंभीर है। इससे पहले प्रदेश में अपराध और कानून व्यवस्था के मामले में अपडेट रहने की तैयारी है। कानून व्यवस्था की स्थिति जानने के लिए शासन ने प्रत्येक जिले के हिसाब से डीआईजी से लेकर डीजी स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया है। ये आला पुलिस अधिकारी अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
मंगलवार को एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने सहारनपुर के जैननगर व आईजी रेंज आलोक सिंह ने बागपत के बिजरौल गांव में निरीक्षण किया। ग्रामीणों के साथ चौपाल में समस्याएं भी जानीं। एडीजी जोन ने कहा कि गांव के कुछ लोगों ने दूसरे विभागों की शिकायत की है, जिसके बारे में संबंधित विभाग के अधिकारियों को बताया गया है। आईजी का कहना है कि बिजरौल गांव में सड़क और बिजली की शिकायत ज्यादा मिली हैं।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/