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Meerut News: कतार से बचने के लिए प्रयोग करें आभा एप
Fri, 17 Mar 2023 02:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 17 Mar 2023 02:29 AM IST
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मेरठ। पीएल शर्मा जिला चिकित्सालय में आभा एप से ओपीडी के पर्चे बनने शुरू हो गए हैं। इसके लिए मरीजों के पास आधार कार्ड या फिर मोबाइल नंबर होना जरूरी है, जो आधार कार्ड से जुड़ा हो। मरीज़ों को पर्चे के लिए कतार में लगने की जरूरत नहीं है। बृहस्पतिवार को 85 लोगों के एप से पर्चा बनवाया।
जिला अस्पताल की ओपीडी सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक चलती है। यहां रोजाना 1200 से 1500 मरीज पहुंचते हैं। सरकार ने आभा एप की अच्छी सुविधा प्रदान की है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। मरीज कितनी बार अस्पताल आया है। किस चिकित्सक को दिखाया। उसका क्या इलाज हुआ और डॉक्टर ने क्या दवाएं व जांच लिखीं। सब कुछ ओपीडी पर्चे के माध्यम से पोर्टल पर चला जाएगा। इसके लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि आभा एप के माध्यम से प्रतिदिन ओपीडी के 90 से 100 पर्चे बन रहे हैं। अधिकांश मरीजों के नंबर आधार कार्ड से अपडेट नहीं हैं।
इस तरह बन रही आभा आईडी
सबसे पहले एंड्रॉयड मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर में जाकर ड्रीफकेस एप डाउनलोड करना होगा। इस एप से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसे दर्ज करने के बाद मरीज को आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद आधार कार्ड में दर्ज मरीज का नाम, उम्र, लिंग, पिता का नाम, पता खुद दर्ज हो जाएगा। इसके बाद आपको आभा एड्रेस चुनना होगा। इसको चुनते ही आभा खाता एक्टिव हो जाएगा।ओपीडी की पर्ची प्राप्त करने के लिए आप को आभा काउंटर पर लगाए गए क्यूआर कोड को अपने फोन के एप के माध्यम से स्कैन करना होगा। इससे मरीज का विवरण अपने आप आभा काउंटर के कंप्यूटर में आ जाएगा। इसके बाद एक टोकन नंबर मिलेगा। मरीज को काउंटर पर टोकन नंबर बताकर एक रुपये देकर पर्ची लेनी होगी।
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जिला अस्पताल की ओपीडी सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक चलती है। यहां रोजाना 1200 से 1500 मरीज पहुंचते हैं। सरकार ने आभा एप की अच्छी सुविधा प्रदान की है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। मरीज कितनी बार अस्पताल आया है। किस चिकित्सक को दिखाया। उसका क्या इलाज हुआ और डॉक्टर ने क्या दवाएं व जांच लिखीं। सब कुछ ओपीडी पर्चे के माध्यम से पोर्टल पर चला जाएगा। इसके लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि आभा एप के माध्यम से प्रतिदिन ओपीडी के 90 से 100 पर्चे बन रहे हैं। अधिकांश मरीजों के नंबर आधार कार्ड से अपडेट नहीं हैं।
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इस तरह बन रही आभा आईडी
सबसे पहले एंड्रॉयड मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर में जाकर ड्रीफकेस एप डाउनलोड करना होगा। इस एप से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसे दर्ज करने के बाद मरीज को आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद आधार कार्ड में दर्ज मरीज का नाम, उम्र, लिंग, पिता का नाम, पता खुद दर्ज हो जाएगा। इसके बाद आपको आभा एड्रेस चुनना होगा। इसको चुनते ही आभा खाता एक्टिव हो जाएगा।ओपीडी की पर्ची प्राप्त करने के लिए आप को आभा काउंटर पर लगाए गए क्यूआर कोड को अपने फोन के एप के माध्यम से स्कैन करना होगा। इससे मरीज का विवरण अपने आप आभा काउंटर के कंप्यूटर में आ जाएगा। इसके बाद एक टोकन नंबर मिलेगा। मरीज को काउंटर पर टोकन नंबर बताकर एक रुपये देकर पर्ची लेनी होगी।
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