{"_id":"6aa278a410d79df12802ef04","slug":"aarya-samaaj-mahila-group-meerut-news-c-14-1-mrt1002-1297927-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईश्वर की दया प्रत्येक प्राणी पर होती है ईश्वर की दया :पंडित अजय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईश्वर की दया प्रत्येक प्राणी पर होती है ईश्वर की दया :पंडित अजय
विज्ञापन
- स्त्री आर्य समाज दयानंद पथ में श्रावणी उपाकर्म पर आयोजन
- आचार्य रणवीर शास्त्री ने दान-दक्षिणा का अंतर और यज्ञ के महत्व पर किया प्रकाश
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
स्त्री आर्य समाज दयानंद पथ सदर की ओर से श्रावणी उपाकर्म के अवसर पर आरए लाइन्स तोपखाना स्थित बंगला नंबर 291 में प्रभावशाली कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम से पूर्व मनोज जैन के निवास पर पूरे परिवार के साथ आचार्य जगदीश जी के ब्रह्मत्व में यज्ञ संपन्न हुआ।
यज्ञ के उपरांत सुप्रसिद्ध भजनोपदेशक पंडित अजय आर्य ने माता-बहनों, युवाओं एवं विभिन्न समाजों से आए आर्यजनों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की दया प्रत्येक प्राणी पर होती है। लेकिन कृपा उस मनुष्य पर होती है जो निरंतर परोपकार और समाज की सेवा करता है। उन्होंने अपने भजनों के माध्यम से भी संदेश दिया। धीरे-धीरे मोड़ तू इस मन को तथा जिस घर माता-पिता का सम्मान होता है उस घर ही सुखों का सब सामान होता है जैसे भजनों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर किया।
इसके बाद आर्य जगत के उद्भट्ट विद्वान आचार्य रणवीर शास्त्री ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती की सत्य, तर्क और प्रमाण आधारित परंपरा प्रत्येक मान्यता को विवेक की कसौटी पर कसने की प्रेरणा देती है। उन्होंने अपने ओजस्वी वक्तव्य से उपस्थित जनसमूह में वैदिक संस्कृति, सत्य और राष्ट्र के प्रति जागरूकता का भाव पैदा किया।
विज्ञापन
आचार्य रणवीर शास्त्री ने दान और दक्षिणा के अंतर को भी सरल ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि दान में देने वाला बड़ा और लेने वाला छोटा होता है। जबकि दक्षिणा में इसके विपरीत दक्षिणा देने वाला छोटा और लेने वाला बड़ा होता है। उन्होंने एक कथानक के माध्यम से यज्ञ का महत्व समझाते हुए यज्ञ और दक्षिणा के 12 पुत्रों, जिनमें संतुष्टि, कल्याण के विषय में भी विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में मधु गुप्ता, अपर्णा अग्रवाल, मणि गर्ग, विभा गुप्ता, अजीता राजवंशी, उषा एरन, विजय प्रेमी, राजेश सेठी, मांगेराम आर्य, रविन्द्र आर्य, अशोक सुधाकर रहे।
विज्ञापन
- आचार्य रणवीर शास्त्री ने दान-दक्षिणा का अंतर और यज्ञ के महत्व पर किया प्रकाश
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
स्त्री आर्य समाज दयानंद पथ सदर की ओर से श्रावणी उपाकर्म के अवसर पर आरए लाइन्स तोपखाना स्थित बंगला नंबर 291 में प्रभावशाली कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम से पूर्व मनोज जैन के निवास पर पूरे परिवार के साथ आचार्य जगदीश जी के ब्रह्मत्व में यज्ञ संपन्न हुआ।
यज्ञ के उपरांत सुप्रसिद्ध भजनोपदेशक पंडित अजय आर्य ने माता-बहनों, युवाओं एवं विभिन्न समाजों से आए आर्यजनों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की दया प्रत्येक प्राणी पर होती है। लेकिन कृपा उस मनुष्य पर होती है जो निरंतर परोपकार और समाज की सेवा करता है। उन्होंने अपने भजनों के माध्यम से भी संदेश दिया। धीरे-धीरे मोड़ तू इस मन को तथा जिस घर माता-पिता का सम्मान होता है उस घर ही सुखों का सब सामान होता है जैसे भजनों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर किया।
विज्ञापन
इसके बाद आर्य जगत के उद्भट्ट विद्वान आचार्य रणवीर शास्त्री ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती की सत्य, तर्क और प्रमाण आधारित परंपरा प्रत्येक मान्यता को विवेक की कसौटी पर कसने की प्रेरणा देती है। उन्होंने अपने ओजस्वी वक्तव्य से उपस्थित जनसमूह में वैदिक संस्कृति, सत्य और राष्ट्र के प्रति जागरूकता का भाव पैदा किया।
विज्ञापन
आचार्य रणवीर शास्त्री ने दान और दक्षिणा के अंतर को भी सरल ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि दान में देने वाला बड़ा और लेने वाला छोटा होता है। जबकि दक्षिणा में इसके विपरीत दक्षिणा देने वाला छोटा और लेने वाला बड़ा होता है। उन्होंने एक कथानक के माध्यम से यज्ञ का महत्व समझाते हुए यज्ञ और दक्षिणा के 12 पुत्रों, जिनमें संतुष्टि, कल्याण के विषय में भी विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में मधु गुप्ता, अपर्णा अग्रवाल, मणि गर्ग, विभा गुप्ता, अजीता राजवंशी, उषा एरन, विजय प्रेमी, राजेश सेठी, मांगेराम आर्य, रविन्द्र आर्य, अशोक सुधाकर रहे।