फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   छेड़छाड़ के आरोपी डीआईजी का कोर्ट में सरेंडर

छेड़छाड़ के आरोपी डीआईजी का कोर्ट में सरेंडर

Sat, 14 Jun 2014 05:32 AM IST
Meerut
Meerut Updated Sat, 14 Jun 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
मेरठ। छेड़छाड़ के आरोपों से घिरे डीआईजी पीटीएस डीपी श्रीवास्तव ने शुक्रवार दोपहर सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। डीआईजी ने खुद को मानसिक रूप से बीमार और बेकसूर बताया। कोर्ट ने डीआईजी को दो जमानती पेश करने और 20 हजार रुपये के बेल बांड पर जमानत दे दी।
विज्ञापन

पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) मेरठ में तैनात डीआईजी डीपी श्रीवास्तव पर अधीनस्थ महिला दरोगा ने छेड़छाड़ और अन्य संगीन आरोप लगाए थे। 3 जून को दरोगा ने महिला थाना पर डीआईजी के खिलाफ धारा 354, 354 क, 503, 509 आईपीसी में केस दर्ज कराया था। विवेचक सीओ स्वर्णजीत कौर के समक्ष महिला दरोगा द्वारा धारा 161 के बयान में दर्ज एफआईआर को दोहराया गया। 11 जून को डीआईजी ने सीजेएम कोर्ट मेरठ में जमानत याचिका दाखिल कर दी। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे डीआईजी सीजेएम कोर्ट पहुंचे और आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय ने मामला जमानती होने के आधार पर आरोपी डीआईजी को 20-20 हजार रुपये के दो जमानती और निजी मुचलके पर छोड़ने के आदेश दिए। बेल बांड भरे जाने के बाद डीआईजी को रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन

बाइक से सरेंडर करने पहुंचे डीआईजी
विवेचक ने डीआईजी को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। लेकिन वे पेश नहीं हुए। तीन दिन से सीओ स्वर्णजीत कौर डीआईजी की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ में डेरा डाले हुए थीं। सीओ फोर्स लेकर डीआईजी के आशियाना कालोनी, कानपुर रोड लखनऊ स्थित आवास पहुंची लेकिन डीआईजी वहां मिले नहीं। डीआईजी के नोएडा में होने की सूचना पर क्राइम ब्रांच और लोकल पुलिस की चार टीमें घेराबंदी में लगी थीं। बृहस्पतिवार को डीआईजी के कोर्ट पहुंचने की सूचना पर कचहरी में घेराबंदी की गई। इस पर डीआईजी सरेंडर करने नहीं आए। शुक्रवार को डीआईजी चुपचाप आम आदमी की तरह बाइक से ही सीजेएम कोर्ट पहुंचे और सरेंडर कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

साढ़े तीन घंटे लेटे रहे बेंच पर
दोपहर करीब 12 बजे सरेंडर करने के बाद डीआईजी तबीयत खराब होने का हवाला देकर करीब साढ़े तीन घंटे कोर्ट में ही बेंच पर लेटे रहे। उन्होंने अपने अधिवक्ता और कोर्ट के कर्मचारियों के अलावा किसी से बात नहीं की। बेल बांड भरने और जमानती द्वारा हस्ताक्षर करने के बाद डीआईजी तेजी से उठे और कोर्ट के बाहर खड़ी कार में बैठकर निकल गए।
‘मेरे साथ षड्यंत्र हुआ’
जमानत के बाद सीजेएम कोर्ट से निकलते समय डीआईजी पीटीएस ने दावा किया कि उनके साथ षड्यंत्र हुआ है। मीडिया के सवालों पर डीआईजी ने कहा कि ‘आरोप बेबुनियाद हैं। मुझे इन आरोपों से मानसिक आघात पहुंचा है। इस समय मेरी मानसिक हालत भी ठीक नहीं है। तीस साल के सेवाकाल में मुझे सराहनीय सेवाओं का राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है। मैं पीपीएस से आईपीएस हो गया। मुझ पर कोई दाग भी नहीं लगा। मेरे साथ जो साजिश की गई है, उसका मैं जल्द मेरठ आकर खुलासा करूंगा’।
यह था मामला
23 अप्रैल को डीआईजी पीटीएस ने महिला दरोगा को फाइल लेकर ऑफिस बुलाया था। आरोप है कि डीआईजी ने दरोगा से प्यार का इजहार किया। विरोध करने पर छेड़छाड़ की। डीआईजी ने दरोगा से माफी मांगकर मामला शांत कर लिया था। 25 अप्रैल को डीआईजी ने दोबारा दरोगा को ऑफिस बुलाकर छेड़छाड़ कर दी। इसके बाद दरोगा ने डीआईजी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि डीआईजी की पत्नी ने महिला दरोगा के घर पहुंचकर मामले में समझौता करने का प्रयास भी किया था।
शासन की कार्रवाई
30 अप्रैल को डीआईजी की शिकायत शासन से हुई तो पुलिस महकमे में हड़कंप मचा। डीजीपी ने एडीजी मुरादाबाद को मेरठ पीटीएस भेजकर जांच कराई। आरोपी डीआईजी बीमारी का बहाना करके लंबी छुट्टी पर चले गए। शासन ने डीआईजी को डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया। शासन ने महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की। इसकी रिपोर्ट के आधार पर डीआईजी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। कमेटी ने महिला दरोगा को डीआईजी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की भी अनुमति दे दी थी।

‘विवेचक को सीडी सौंपी’
पुलिस के मुताबिक महिला दरोगा ने छेड़छाड़, फोन पर की गई पेशकश और धमकी की बातें और बार-बार माफी मांगने की सीडी विवेचक स्वर्णजीत कौर को सौंपी। सीडी में सामने आया है कि डीआईजी ने महिला दरोगा से कैसे अभद्र व्यवहार किया और माफी मांगकर मामला दबाने का प्रयास किया। महिला दरोगा का कहना था कि वरिष्ठ अधिकारी द्वारा किए गए कृत्यों से मानसिक पीड़ा के साथ ही उसके सम्मान को ठेस पहुंचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed