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यह कैसी कार्रवाई, दिवाली पर लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट अब तक नहीं आई

Fri, 15 Mar 2019 02:38 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Mar 2019 02:38 AM IST
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यह कैसी कार्रवाई, दिवाली पर लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट अब तक नहीं आई
सैंपल लिए रिपोर्ट दबाई, खाद्य पदार्थों पर ‘मिलावटी’ कार्रवाई
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दिवाली पर लिए सैंपलों की अभी तक नहीं आई रिपोर्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों पर उठ रहे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। आप मिलावटयुक्त खाद्य पदार्थ खाते रहे, लेकिन आपको कभी पता नहीं चल पाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि खाद्य पदार्थों के सैंपल तो लिए जा रहे हैं, लेकिन उनकी जांच रिपोर्ट नहीं आ रही है। अगर जांच रिपोर्ट आ भी गई है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है। ऐसे में जांच के साथ ही जिम्मेदारों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि कहीं ये मिलावटखारों को फायदा पहुंचाकर अनुचित लाभ हासिल करने की साजिश तो नहीं है।
मेरठ में जो सैंपल लिए जाते हैं, उनमें से 30-40 प्रतिशत फेल हो जाते हैं। जबकि खाद्य सुरक्षा विभाग नियमित रूप से सैंपलिंग भी नहीं करता है। किसी सूचना पर या त्योहारी सीजन में ही अधिकारी जागते हैं। ऐसे में लोग कैसी खाद्य सामग्री खा रहे हैं, यह उन्हें पता ही नहीं चल पा रहा है। इस कारण वे बीमारियों के चपेट में भी आ रहे हैं।
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रिपोर्ट आने तक बिक चुका होता है माल
खाद्य सुरक्षा विभाग किसी भी माल के सैंपल लेकर उन्हेें जांच के लिए लखनऊ लैब भेज देता है। यदि रिपोर्ट फेल भी आती है, तब भी कोई फायदा नहीं होता, क्योंकि सारा माल तो बिक चुका होता है।
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लैब पर काफी दबाव
मेरठ के सैंपलों की जांच लखनऊ लैब में होती है। लैब पर काफी दबाव रहता है, क्योंकि वहां काफी जिलों के सैंपल जाते हैं। दिवाली पर 25 से ज्यादा जिलों से हजारों सैंपल गए थे, जिनकी जांच में समय लग रहा है। हां, रिपोर्ट आने पर नियमित रूप से कार्रवाई की जाती है।
- अर्चना धीरान, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए

इन खाद्य पदार्थों के लिए थे सैंपल
त्योहारी सीजन में मावा, मिठाई, नमकीन, रसगुल्ले, रसमलाई, दूध, घी, रिफाइंड ऑयल, लड्डू आदि के सैंपल लिए गए थे। खाद्य पदार्थों (मिठाई या मिर्च आदि) में खतरनाक रंगों की मिलावट की जाती है।

आजीवन कारावास तक की सजा
जो नमूने सेहत के लिए हानिकारक पाए गए हैं, उनमें एफआईआर दर्ज कर एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा चलता है। इसमें छह माह से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा के साथ ही तीन लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।


मिलावट से हो सकते हैं गंभीर रोग
फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि रासायनिक रंगों, एल्युमीनियम आदि की मिलावट से गंभीर रोग हो सकते हैं। इसमें सबसे ज्यादा किडनी को नुकसान पहुंचता है और पेट संबंधी रोग हो जाते हैं।
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