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11 और मरीजों को हुई स्वाइन फ्लू की पुष्टि
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संख्या पहुंची 189, लगातार मिल रहे मरीज
स्वाइन फ्लू युवाओं पर भी कर रहा हमला
मेरठ। स्वाइन फ्लू के सोमवार को 11 नए मरीज मिले हैं। इनमें नौ मेरठ के हैं तो एक-एक मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद का। बच्चों और बुजुर्गों के साथ-साथ स्वाइन फ्लू युवाओं पर भी हमला कर रहा है। इनका इलाज मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पताल में चल रहा है। इन्हें मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में पुष्टि हुई है।
यह मरीज डिफेंस एंकलेव कंकरखेड़ा, संजयनगर, तारापुर एंकलेव, शताब्दीनगर, शीलकुंज, श्रद्धापुरी, किदवई नगर, शास्त्रीनगर और टीपीनगर क्षेत्र के रहने वाले हैं। मरीजों की उम्र 22 से 58 साल है। इनमें एक मुरादाबाद जेल से आया बंदी भी है, जिसका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। नवंबर 2018 से अब तक 189 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। जिनमें तीन मरीजों की मौत हुई है। इस साल में मेरठ में 122 मरीज मिल चुके हैं। गौरतलब है कि साल 2017 में स्वाइन फ्लू के करीब 400 मरीज मिले थे, जिनमें 21 लोगों की मौत हो गई थी।
शुरू में इलाज नहीं कराने से हो रहा ज्यादा खतरनाक
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि इस बार स्वाइन फ्लू उन लोगों पर ज्यादा हमला कर रहा है, जिनकी तबियत खराब हुए कई-कई दिन हो जाते हैं और वह इलाज नहीं कराते हैं। ऐसे लोगों को यह अपनी चपेट में ले लेता है। स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखते ही जांच कराकर इलाज कराना चाहिए।
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स्वाइन फ्लू युवाओं पर भी कर रहा हमला
मेरठ। स्वाइन फ्लू के सोमवार को 11 नए मरीज मिले हैं। इनमें नौ मेरठ के हैं तो एक-एक मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद का। बच्चों और बुजुर्गों के साथ-साथ स्वाइन फ्लू युवाओं पर भी हमला कर रहा है। इनका इलाज मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पताल में चल रहा है। इन्हें मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में पुष्टि हुई है।
यह मरीज डिफेंस एंकलेव कंकरखेड़ा, संजयनगर, तारापुर एंकलेव, शताब्दीनगर, शीलकुंज, श्रद्धापुरी, किदवई नगर, शास्त्रीनगर और टीपीनगर क्षेत्र के रहने वाले हैं। मरीजों की उम्र 22 से 58 साल है। इनमें एक मुरादाबाद जेल से आया बंदी भी है, जिसका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। नवंबर 2018 से अब तक 189 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। जिनमें तीन मरीजों की मौत हुई है। इस साल में मेरठ में 122 मरीज मिल चुके हैं। गौरतलब है कि साल 2017 में स्वाइन फ्लू के करीब 400 मरीज मिले थे, जिनमें 21 लोगों की मौत हो गई थी।
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शुरू में इलाज नहीं कराने से हो रहा ज्यादा खतरनाक
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि इस बार स्वाइन फ्लू उन लोगों पर ज्यादा हमला कर रहा है, जिनकी तबियत खराब हुए कई-कई दिन हो जाते हैं और वह इलाज नहीं कराते हैं। ऐसे लोगों को यह अपनी चपेट में ले लेता है। स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखते ही जांच कराकर इलाज कराना चाहिए।
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