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मवाना में गोवंश की मौत
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मवाना। दिन निकलने के बाद परीक्षितगढ़ मार्ग पर रविवार को चार गोवंश गंभीर हालत में मिले। जानकारी मिलने पर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। एक बछडे़ की मौत हो चुकी थी जबकि तीन तड़प रहे थे। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने तत्काल गोवंश को श्री हस्तिनापुर पिंजरापोल गोशाला में भिजवाया। हालांकि उपचार मिल जाने के कारण तीन गोवंश बच गए। चिकित्सकों का कहना है कि दबने के कारण गोवंश की मौत हुई है।
गोवंश का हो रहा कटान
मिल रोड पर मिले बछड़े आसपास क्षेत्र में गोवंश के कटान की ओर इशारा कर रहा है। दरअसल तीनों बछड़ों का उपचार करने के दौरान चिकित्सक लखमेंद्र सिंह ने दबने से उनकी हालत बिगड़ने की बात कही है। यह इस बात का इशारा कर रहा है कि गोवंश को रात के अंधेरे में ले जाया जा रहा होगा और तीनों बछड़ों के दबने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई होगी। जिस कारण गोवंश को ले जाने वाले लोग उन्हें सड़क किनारे फेंककर भाग निकले होंगे। इस मार्ग पर सठला एवं परीक्षितगढ़ से होते हुए किठौर के राधना भी निकला जाता है। इस क्षेत्र के कुछ गांवों में पूर्व में भी गो हत्या के मामले कई बार प्रकाश में आ चुके हैं।
हस्तिनापुर रोड स्थित नहर के पास कुत्तों ने एक बछड़े को हमला कर घायल कर दिया था। उसी बछड़े ने दम तोड़ दिया था। जेसीबी नहीं आने के कारण बछड़े को दबाया नहीं जा सका था। रात में एक गाय ने भी दम तोड़ दिया। -मुकेश गुप्ता, गोसेवा प्रमुख व गोशाला उपाध्यक्ष
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ब्लॉक द्वारा 118 पशु छोड़े गए हैं, जिनका प्रतिदिन प्रति पशु के हिसाब से चारे की व्यवस्था कर दी जाती है। मरने वाला पशु उनका नहीं था। -सुनित भाटी, बीडीओ मवाना
गोशाला में मृत मिले पशु नगर पालिका एवं ब्लॉक कर्मियों द्वारा नहीं छोड़े गए थे। वे निजी पशु थे। वहीं, गोशाला भी निजी है।-अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना
गोवंश का हो रहा कटान
मिल रोड पर मिले बछड़े आसपास क्षेत्र में गोवंश के कटान की ओर इशारा कर रहा है। दरअसल तीनों बछड़ों का उपचार करने के दौरान चिकित्सक लखमेंद्र सिंह ने दबने से उनकी हालत बिगड़ने की बात कही है। यह इस बात का इशारा कर रहा है कि गोवंश को रात के अंधेरे में ले जाया जा रहा होगा और तीनों बछड़ों के दबने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई होगी। जिस कारण गोवंश को ले जाने वाले लोग उन्हें सड़क किनारे फेंककर भाग निकले होंगे। इस मार्ग पर सठला एवं परीक्षितगढ़ से होते हुए किठौर के राधना भी निकला जाता है। इस क्षेत्र के कुछ गांवों में पूर्व में भी गो हत्या के मामले कई बार प्रकाश में आ चुके हैं।
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हस्तिनापुर रोड स्थित नहर के पास कुत्तों ने एक बछड़े को हमला कर घायल कर दिया था। उसी बछड़े ने दम तोड़ दिया था। जेसीबी नहीं आने के कारण बछड़े को दबाया नहीं जा सका था। रात में एक गाय ने भी दम तोड़ दिया। -मुकेश गुप्ता, गोसेवा प्रमुख व गोशाला उपाध्यक्ष
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ब्लॉक द्वारा 118 पशु छोड़े गए हैं, जिनका प्रतिदिन प्रति पशु के हिसाब से चारे की व्यवस्था कर दी जाती है। मरने वाला पशु उनका नहीं था। -सुनित भाटी, बीडीओ मवाना
गोशाला में मृत मिले पशु नगर पालिका एवं ब्लॉक कर्मियों द्वारा नहीं छोड़े गए थे। वे निजी पशु थे। वहीं, गोशाला भी निजी है।-अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना