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किसानों का धरना जारी
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:32 AM IST
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टोडरपुर चीनी मिल चलवाने के लिए किसानों का धरना जारी
साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। टोडरपुर चीनी मिल के संचालन की मांग को लेकर किसानों का धरना 24वेंदिन भी जारी रहा। किसानों के धरने को क्षेत्र के कई स्वयंसेवी संस्थाओं, राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, मजदूर यूनियन, भारतीय किसान यूनियन सहित कई जातिगत संगठनों का समर्थन मिल रहा है।
पिछले चार साल से बंद पड़ी टोडरपुर चीनी मिल को फिर से संचालित कराने के लिए किसान आंदोलनरत हैं। किसानों का कहना है कि कोल्हूओं में गन्ना बेचने से किसानों के गन्ने की फसल की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। मिल क्षेत्र में इस वर्ष गन्ने पैदावार अधिक रही है। ऐसे में बंद पड़ी मिल का संचालन कराना जरूरी है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र के 356 गांवों के किसान एवं उनके प्रतिनिधियों से ली गई राय के अनुसार यदि 20 नवंबर तक मिल के संचालन पर कोई फैसला नहीं लिया जाता तो 21 नवंबर से क्षेत्र के सभी 356 गावों के किसान परिवार सहित आमरण अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे।
इस बारे में जब क्षेत्रीय विधायक नरेश सैनी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वे मिल शुरू कराने की लड़ाई में किसानों के साथ हैं। किसान हित में मिल को चलाना जरूरी है।
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धरने पर बुद्ध सिंह प्रधान, ज्ञानचंद प्रधान, चौधरी रामपाल सिंह, अवनीश कांबोज, दर्शन लाल, शोभाराम, पवन सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, बिरमपाल सिंह, देवी सिंह, यशविंद्र, मयंक कांबोज, मनीष कुमार, सतीश शर्मा, पद्म प्रकाश शर्मा, चमेल सिंह सैनी, सुरेश पाल, मुकर्रम, शेर सिंह आदि मौजूद रहे।
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साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। टोडरपुर चीनी मिल के संचालन की मांग को लेकर किसानों का धरना 24वेंदिन भी जारी रहा। किसानों के धरने को क्षेत्र के कई स्वयंसेवी संस्थाओं, राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, मजदूर यूनियन, भारतीय किसान यूनियन सहित कई जातिगत संगठनों का समर्थन मिल रहा है।
पिछले चार साल से बंद पड़ी टोडरपुर चीनी मिल को फिर से संचालित कराने के लिए किसान आंदोलनरत हैं। किसानों का कहना है कि कोल्हूओं में गन्ना बेचने से किसानों के गन्ने की फसल की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। मिल क्षेत्र में इस वर्ष गन्ने पैदावार अधिक रही है। ऐसे में बंद पड़ी मिल का संचालन कराना जरूरी है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र के 356 गांवों के किसान एवं उनके प्रतिनिधियों से ली गई राय के अनुसार यदि 20 नवंबर तक मिल के संचालन पर कोई फैसला नहीं लिया जाता तो 21 नवंबर से क्षेत्र के सभी 356 गावों के किसान परिवार सहित आमरण अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे।
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इस बारे में जब क्षेत्रीय विधायक नरेश सैनी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वे मिल शुरू कराने की लड़ाई में किसानों के साथ हैं। किसान हित में मिल को चलाना जरूरी है।
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धरने पर बुद्ध सिंह प्रधान, ज्ञानचंद प्रधान, चौधरी रामपाल सिंह, अवनीश कांबोज, दर्शन लाल, शोभाराम, पवन सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, बिरमपाल सिंह, देवी सिंह, यशविंद्र, मयंक कांबोज, मनीष कुमार, सतीश शर्मा, पद्म प्रकाश शर्मा, चमेल सिंह सैनी, सुरेश पाल, मुकर्रम, शेर सिंह आदि मौजूद रहे।