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बायोमेट्रिक हाजिरी पर ही मिलेगा अप्रैल का वेतन
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बायोमेट्रिक हाजिरी पर ही मिलेगा अप्रैल का वेतन
- अभी तक मस्टररोल पर ही हो रही थी सफाई कर्मचारियों की हाजिरी
- बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी के विरोध में तोड़ दी गई थी मशीनें
मेरठ। नगर निगम के सभी विभागों में बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी को अनिवार्य कर दिया गया है। अप्रैल माह का वेतन भी उसी आधार पर मिलेगा। हालांकि सफाई कर्मचारियों को अभी तक मस्टररोल पर हाजिरी के आधार पर ही वेतन दिया जा रहा है। सफाई कर्मचारी नेता बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी का विरोध करते रहे हैं। पिछले दिनों कुछ वार्डों में मशीनें भी तोड़ दी गई थीं। लेकिन अब निगम प्रशासन ने अप्रैल माह से मस्टररोल व्यवस्था खत्म करने निर्णय लिया है।
नगर निगम में आउट सोर्सिंग पर 2415 और 700 स्थाई सफाई कर्मचारियों का वेतन मस्टररोल पर हाजिरी से आधार पर दिया जा रहा है। जबकि नगर निगम प्रशासन पूर्व में स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट में हलफनामा दे चुका है कि शहर में सभी सफाई कर्मचारियों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन पर की जा रही है। उसी आधार पर वेतन निकाला जा रहा है। दो माह पहले शहर के कई वार्डों में बायोमेट्रिक मशीनें तोड़ दी गई थी। मशीनें तोड़ने वालों के खिलाफ थाने में एफआईआर भी दर्ज नहीं कराई गई। उन सभी वार्डों में दोबारा से मशीनें भी नहीं दी गईं। नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान का कहना है कि अप्रैल माह का वेतन किसी भी कीमत पर बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी बगैर नहीं दिया जाएगा।
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- अभी तक मस्टररोल पर ही हो रही थी सफाई कर्मचारियों की हाजिरी
- बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी के विरोध में तोड़ दी गई थी मशीनें
मेरठ। नगर निगम के सभी विभागों में बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी को अनिवार्य कर दिया गया है। अप्रैल माह का वेतन भी उसी आधार पर मिलेगा। हालांकि सफाई कर्मचारियों को अभी तक मस्टररोल पर हाजिरी के आधार पर ही वेतन दिया जा रहा है। सफाई कर्मचारी नेता बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी का विरोध करते रहे हैं। पिछले दिनों कुछ वार्डों में मशीनें भी तोड़ दी गई थीं। लेकिन अब निगम प्रशासन ने अप्रैल माह से मस्टररोल व्यवस्था खत्म करने निर्णय लिया है।
नगर निगम में आउट सोर्सिंग पर 2415 और 700 स्थाई सफाई कर्मचारियों का वेतन मस्टररोल पर हाजिरी से आधार पर दिया जा रहा है। जबकि नगर निगम प्रशासन पूर्व में स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट में हलफनामा दे चुका है कि शहर में सभी सफाई कर्मचारियों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन पर की जा रही है। उसी आधार पर वेतन निकाला जा रहा है। दो माह पहले शहर के कई वार्डों में बायोमेट्रिक मशीनें तोड़ दी गई थी। मशीनें तोड़ने वालों के खिलाफ थाने में एफआईआर भी दर्ज नहीं कराई गई। उन सभी वार्डों में दोबारा से मशीनें भी नहीं दी गईं। नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान का कहना है कि अप्रैल माह का वेतन किसी भी कीमत पर बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी बगैर नहीं दिया जाएगा।
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