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हरियाणा से तीन बसों से लौटे 75 मजदूर
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हरियाणा से तीन बसों से लौटे 75 मजदूर
बिजनौर। लॉकडाउन में हरियाणा में फंसे जिले के मजदूरों का जनपद में आवागमन शुरू हो गया है। बस स्टेशन प्रभारी अरविंद कुमार शर्मा के अनुसार अब तक हरियाणा से कुल तीन बसें आ चुकी हैं। इनमें लगभग 75 यात्री अब तक जिले में वापसी कर चुके हैं।
जिले के करीब 422 लोग लॉकडाउन के बाद हरियाणा में फंस गए थे। इनके परिजनों ने शासन से इन लोगों को इनके घरों तक पहुंचाने की मांग की थी। इस पर यूपी और हरियाणा सरकार के बीच हुए समझौते के बाद हरियाणा परिवहन निगम कीा बसों को इन लोगों को यूपी बॉर्डर तक छोड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद संबंधित जिलों में पहुंचाने का दायित्व यूपी परिवहन निगम की बसों को सौंपी गई थी। बस स्टेशन इंचार्ज अरविंद कुमार शर्मा के अनुुसार जिले में कुल 17 बसों से लगभग 422 मजदूर बिजनौर जनपद में आएंगे। उन्होंने बताया कि अब तक बिजनौर स्टेशन पर तीन बसें आई हैं। इनमें लगभग 75 लोग आए हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान जिले की सभी तहसीलों की टीम बस स्टेशन पर मौजूद थी। वे अपने क्षेत्रों के लोगों का नाम नोट करेंगे और उनकी थर्मल स्केनिंग कराने के बाद इन्हें अपने घरों पर ही क्वारंटीन किया जाएगा। इस दौरान बस स्टेशन पर एसडीएम सदर बृजेश कुमार सिंह, सभी तहसीलों की टीम, चिकित्सक और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
हरियाणा में फंसे हैं 200 मजदूर
अफजलगढ़। बढ़ापुर थाने के गाँव कुऑखेडा खदरी निवासी सरसों की फसल काटने गए, करीब दो सौ मजदूर हरियाणा मे फंसे है। गांव के बलदेव सिंह, जगदीश सिंह, फौजा सिंह, केहर सिंह , छिंदा सिंह , पाला सिंह तथा अमरीक सिंह आदि का कहना है कि उनके गांव के दिलबाग सिंह, रज्जो कौर, संतोष कौर, सतपाल सिंह, छिंदर कौर , हरजिंदर सिंह, केसर सिंह, संतो कौर, बलबीर सिंह तथा सुनीता कौर सहित गांव के 200 मजदूर सरसों की फसल काटने के लिए 15 मार्च के करीब हरियाणा गये थे। इसके बाद 25 मार्च से लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है। ऐसे में वह मजदूर हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ तहसील अटेली मंडी के गांव फतेहपुर ताजपुर में फंसे हैं। मजदूरों के परिजनों के अनुसार जिनके यहां वह कटाई करने के लिए गए थे उन्होंने आटे के अलावा अन्य कोई सामान उपलब्ध नहीं कराया है। लॉकडाउन के चलते घर आने के रास्ते भी बंद हो चुके हैं। लॉकडाउन आगे बढ़ता है तो उनके सामने भूखे मरने की नौबत आ जायेगी। परिजनों ने सरकार से मजदूरों को घर वापसी कराने की मांग की है।
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सम्मानित किया चांदपुर के युवा चिकित्सक को
चांदपुर। कोरोना संक्रमण के बीच जान जोखिम में डालकर कोरोना से जंग लड़ रहे चांदपुर निवासी कर्मयोद्घा युवा चिकित्सक को रेजीडेंट चिकित्सक के रूप में सम्मानित किया गया है।
नगर के मोहल्ला सरायरफी निवासी विजयवीर सिंह के 28 वर्षीय पुत्र डा.दीपक कुमार दिल्ली के गुरू तेग बहादुर अस्पताल में चिकित्सक के पद पर तैनात है। डा.दीपक ने सरस्वती मेडिकल कॉलेज हापुड़ से एमबीबीएस की शिक्षा पूर्ण की है। युवा चिकित्सक द्वारा कोरोना की जंग में अपना योगदान देने पर उन्हें अस्पताल में रेजीडेंट चिकित्सक के रूप में सम्मानित किया गया है। डा.दीपक ने बताया कि यह समय देश सेवा करने का है। इसलिए वे दिल्ली के गुरू तेग बहादुर अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों को कोरोना से बचने के उपाए बता रहे हैं और लगातार 18 घंटे ड्यूटी देते हुए जनता की सेवा में लगे हुए हैं।
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बिजनौर। लॉकडाउन में हरियाणा में फंसे जिले के मजदूरों का जनपद में आवागमन शुरू हो गया है। बस स्टेशन प्रभारी अरविंद कुमार शर्मा के अनुसार अब तक हरियाणा से कुल तीन बसें आ चुकी हैं। इनमें लगभग 75 यात्री अब तक जिले में वापसी कर चुके हैं।
जिले के करीब 422 लोग लॉकडाउन के बाद हरियाणा में फंस गए थे। इनके परिजनों ने शासन से इन लोगों को इनके घरों तक पहुंचाने की मांग की थी। इस पर यूपी और हरियाणा सरकार के बीच हुए समझौते के बाद हरियाणा परिवहन निगम कीा बसों को इन लोगों को यूपी बॉर्डर तक छोड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद संबंधित जिलों में पहुंचाने का दायित्व यूपी परिवहन निगम की बसों को सौंपी गई थी। बस स्टेशन इंचार्ज अरविंद कुमार शर्मा के अनुुसार जिले में कुल 17 बसों से लगभग 422 मजदूर बिजनौर जनपद में आएंगे। उन्होंने बताया कि अब तक बिजनौर स्टेशन पर तीन बसें आई हैं। इनमें लगभग 75 लोग आए हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान जिले की सभी तहसीलों की टीम बस स्टेशन पर मौजूद थी। वे अपने क्षेत्रों के लोगों का नाम नोट करेंगे और उनकी थर्मल स्केनिंग कराने के बाद इन्हें अपने घरों पर ही क्वारंटीन किया जाएगा। इस दौरान बस स्टेशन पर एसडीएम सदर बृजेश कुमार सिंह, सभी तहसीलों की टीम, चिकित्सक और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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हरियाणा में फंसे हैं 200 मजदूर
अफजलगढ़। बढ़ापुर थाने के गाँव कुऑखेडा खदरी निवासी सरसों की फसल काटने गए, करीब दो सौ मजदूर हरियाणा मे फंसे है। गांव के बलदेव सिंह, जगदीश सिंह, फौजा सिंह, केहर सिंह , छिंदा सिंह , पाला सिंह तथा अमरीक सिंह आदि का कहना है कि उनके गांव के दिलबाग सिंह, रज्जो कौर, संतोष कौर, सतपाल सिंह, छिंदर कौर , हरजिंदर सिंह, केसर सिंह, संतो कौर, बलबीर सिंह तथा सुनीता कौर सहित गांव के 200 मजदूर सरसों की फसल काटने के लिए 15 मार्च के करीब हरियाणा गये थे। इसके बाद 25 मार्च से लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है। ऐसे में वह मजदूर हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ तहसील अटेली मंडी के गांव फतेहपुर ताजपुर में फंसे हैं। मजदूरों के परिजनों के अनुसार जिनके यहां वह कटाई करने के लिए गए थे उन्होंने आटे के अलावा अन्य कोई सामान उपलब्ध नहीं कराया है। लॉकडाउन के चलते घर आने के रास्ते भी बंद हो चुके हैं। लॉकडाउन आगे बढ़ता है तो उनके सामने भूखे मरने की नौबत आ जायेगी। परिजनों ने सरकार से मजदूरों को घर वापसी कराने की मांग की है।
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सम्मानित किया चांदपुर के युवा चिकित्सक को
चांदपुर। कोरोना संक्रमण के बीच जान जोखिम में डालकर कोरोना से जंग लड़ रहे चांदपुर निवासी कर्मयोद्घा युवा चिकित्सक को रेजीडेंट चिकित्सक के रूप में सम्मानित किया गया है।
नगर के मोहल्ला सरायरफी निवासी विजयवीर सिंह के 28 वर्षीय पुत्र डा.दीपक कुमार दिल्ली के गुरू तेग बहादुर अस्पताल में चिकित्सक के पद पर तैनात है। डा.दीपक ने सरस्वती मेडिकल कॉलेज हापुड़ से एमबीबीएस की शिक्षा पूर्ण की है। युवा चिकित्सक द्वारा कोरोना की जंग में अपना योगदान देने पर उन्हें अस्पताल में रेजीडेंट चिकित्सक के रूप में सम्मानित किया गया है। डा.दीपक ने बताया कि यह समय देश सेवा करने का है। इसलिए वे दिल्ली के गुरू तेग बहादुर अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों को कोरोना से बचने के उपाए बता रहे हैं और लगातार 18 घंटे ड्यूटी देते हुए जनता की सेवा में लगे हुए हैं।