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2016 तक की सारी कॉपियां नष्ट, कहां से मिलेंगे अब पुराने सुबूत

Tue, 20 Mar 2018 02:11 AM IST
Updated Tue, 20 Mar 2018 02:11 AM IST
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2016 तक की सारी कॉपियां नष्ट, कहां से मिलेंगे अब पुराने सुबूत
साल 2016 तक की कॉपियों के साथ सुबूत भी नष्ट
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मेरठ। सीसीएसयू में साल 2016 तक की सारी कॉपियों को नष्ट किया जा चुका है। ऐसे में साल 2017 से पहले जितनी भी कॉपियां बदली गईं, उनके सुबूत अब एसटीएफ को नहीं मिल पाएंगे। जिन कॉपियों को पिछले साल बदला गया था, बस उन्हीं कॉपियों में एसटीएफ को सुबूत तलाशने होंगे।
विश्वविद्यालय में हर साल 30 लाख से ज्यादा कॉपियों का इस्तेमाल होता हैं। इन कॉपियों के मूल्यांकन के बाद इन्हें स्पोर्ट्स बिल्डिंग में रख दिया जाता है। रिजल्ट जारी होने के छह माह बाद इन कॉपियों को नष्ट कर दिया जाता है। जिन कॉपियों के बारे में आरटीआई या दूसरी आपत्तियां आती हैं, उन्हें नष्ट नहीं किया जाता है। ऐसे में यूनिवर्सिटी ने साल 2016 तक की अधिकतर कॉपियों को नष्ट करा दिया है। अब सिर्फ यूनिवर्सिटी के पास वर्ष 2017 की पुरानी कॉपियां बची हैं। ऐसे में इससे पहले जो भी कॉपियां बदली गईं, वे नष्ट हो चुकी हैं।
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इससे एसटीएफ को पुरानी कॉपियों का रिकॉर्ड नहीं मिल पाने के कारण पुख्ता सुबूत नहीं मिल पाएंगे। एसटीएफ सिर्फ 2017 की कॉपियों को ही चेक कर सकेगी। वो भी तब जब उसके पास रोल नंबर का पूरा ब्यौरा हो। क्योंकि कॉपियों की संख्या इतनी है कि हर किसी को चेक नहीं किया जा सकता है। ऐसे में पुरानी कॉपियां बदलने वालों पर शिकंजा कसने में टीम को समस्या आएगी। हालांकि, चंद्रप्रकाश और सलेखचंद के पकड़े जाने के बाद भी टीम को अहम जानकारियां मिल सकती हैं।
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उच्चस्तरीय जांच हो
मेरठ। कॉपियां बदलने के मामले में छात्रों ने सोमवार को कैंपस में जमकर हंगामा किया। छात्रों ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के न्यायाधीश से कराई जाए। जो भी अधिकारी-कर्मचारी इस प्रकरण में शामिल हैं, उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाए। परीक्षा के संवेदनशील कार्य विवि के अस्थायी शिक्षकों से न कराए जाएं। इस मौके पर छात्रसंघ अध्यक्ष विजय सिंह राणा, सौरभ चौधरी, आदित्य पंवार, विशाल चौधरी, अंकुश तालियान, सैफुल, सचिन पल्हेड़ा, शाहरुख, शुभम मलिक पंकज उज्ज्वल, सुशांत आदि मौजूद रहे।
सख्त हो कार्रवाई
छात्रसंघ उपाध्यक्ष हंस चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने कुलपति से मांग की कि पेपर लीक प्रकरण हो या कॉपियों का बदलना, साथ ही जीएस आयुर्वेद कॉलेज पिलखुवा में उमा मेडिकल कॉलेज की शिकायत किए जाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इन कॉलेजों में छात्रों से अवैध रूप से अधिक फीस वसूली जा रही है। इसको लेकर राजभवन और मुख्यमंत्री से शिकायत की जा रही है। इस दौरान मोहित गिरि, अभिषेक, आकाश, रवि, मनोज, नरेंद्र, अंकुर और शेखर आदि मौजूद रहे।

पुतला फूंका
समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने भी छात्र नेता राजदीप विकल के नेतृत्व में कुलपति कार्यालय में जमकर हंगामा किया। विवि प्रशासन का पुतला फूंका। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

खास बातें:
30 लाख के करीब कॉपियां होती हैं सीसीएसयू में हर साल
2017 साल की कॉपियों का ही अब विवि में रिकॉर्ड बाकी
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