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डेढ़ साल से राशन कालाबाजारी को लेकर जांच को पहुंची टीम
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फोटो समाचार
अमर उजाला ब्यूरो
सरूरपुर। विकास खंड क्षेत्र के गांव जैनपुर उर्फ देवलीखेड़ा में राशन वितरण में गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की थी। जिसमें कहा था कि तीस साल से मृतकों के नाम पर राशन दिया जा रहा है। साथ ही मानक के विपरीत लोगों को अन्तोदय की पात्रता सूची में दिखाकर लाखों का राशन गबन किया गया है। एसडीएम द्वारा गठित जांच टीम सोमवार को गांव जैनपुर उर्फ देवलीखेड़ा पहुंची। इस दौरान टीम ने राशन सामग्री, वितरण व्यवस्था और ग्रामीणों से जानकारी हासिल की।
गौरतलब है कि गांव देवलीखेड़ा उर्फ जैनपुर के ग्रामीणों ने डीएम से राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि अफसर अली के नाम से राशन एजेंसी है। आरोप है कि वह पिछले दो साल से राशन का वितरण नहीं कर रहा है। पात्रों के राशन मांगने पर धमकी देकर भगा देता है। ग्रामीणों ने बताया कि वह दो साल से राशन डकार रहा है। आरोप है कि दर्जनों लोगों के नाम रजिस्टर में तो दर्ज हैं, लेकिन आज तक उनके राशन कार्ड जारी नहीं किए गए हैं। हर महीने ग्रामीणों के नाम से आने वाले राशन की कालाबाजारी की जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि इनके अतिरिक्त डीलर ने चहेतों के राशन कार्ड गलत ढंग से बनवाए हैं। साथ ही लगभग 29 कार्ड ऐसे बनाये गये हैं जो गांव के निवासी ही नहीं हैं। जिसके लिए दूसरी ग्राम सभा के लोगों के कागजों में हेराफेरी करके उन्हें राशन का वितरण कराया जा रहा है। हालांकि जो लोग कई वर्ष पहले गांव छोड़ चुके हैं। उनके कार्डों पर लगातार राशन का वितरण दर्शाकर जमकर कालाबाजारी की जा रही है। वहीं, सोमवार को एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार सीमा भारती टीम के साथ जैनपुर गांव पहुंची। इस दौरान जांच टीम ने ग्रामीणों से मामले की जानकारी की तो उन्होेंने शिकायतों की झड़ी लगा दी। ग्रामीणोें ने बताया कि राशन डीलर ने अपने पिता का भी अंत्योदय कार्ड बनवा रखा है। एसडीएम सरधना के निर्देश पर नायब तहसीलदार सीमा भारती नेतृत्व में लेखपाल एवं भारी पुलिस बल गांव में जांच के लिए पहुंचे। जहां उन्होंने खुली बैठक में गांव के लोगों से पूछताछ की। जिसमें ग्रामीणों ने बयान दर्ज कराते हुए डीलर के खिलाफ साक्ष्य सौंपे। टीम प्रभारी नायब तहसीलदार सीमा भारती ने बताया कि मौके पर सभी बिंदुओं के तहत जांच की गई है। प्रथमदृष्टया डीलर से ग्रामीण असंतुष्ट दिखे। वे जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे।
मुख्य बातें
एसडीएम ने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में जांच टीम गठित की
जांच टीम ने ग्रामीण को राशन डीलर के प्रति असंतुष्ट पाया
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अमर उजाला ब्यूरो
सरूरपुर। विकास खंड क्षेत्र के गांव जैनपुर उर्फ देवलीखेड़ा में राशन वितरण में गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की थी। जिसमें कहा था कि तीस साल से मृतकों के नाम पर राशन दिया जा रहा है। साथ ही मानक के विपरीत लोगों को अन्तोदय की पात्रता सूची में दिखाकर लाखों का राशन गबन किया गया है। एसडीएम द्वारा गठित जांच टीम सोमवार को गांव जैनपुर उर्फ देवलीखेड़ा पहुंची। इस दौरान टीम ने राशन सामग्री, वितरण व्यवस्था और ग्रामीणों से जानकारी हासिल की।
गौरतलब है कि गांव देवलीखेड़ा उर्फ जैनपुर के ग्रामीणों ने डीएम से राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि अफसर अली के नाम से राशन एजेंसी है। आरोप है कि वह पिछले दो साल से राशन का वितरण नहीं कर रहा है। पात्रों के राशन मांगने पर धमकी देकर भगा देता है। ग्रामीणों ने बताया कि वह दो साल से राशन डकार रहा है। आरोप है कि दर्जनों लोगों के नाम रजिस्टर में तो दर्ज हैं, लेकिन आज तक उनके राशन कार्ड जारी नहीं किए गए हैं। हर महीने ग्रामीणों के नाम से आने वाले राशन की कालाबाजारी की जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि इनके अतिरिक्त डीलर ने चहेतों के राशन कार्ड गलत ढंग से बनवाए हैं। साथ ही लगभग 29 कार्ड ऐसे बनाये गये हैं जो गांव के निवासी ही नहीं हैं। जिसके लिए दूसरी ग्राम सभा के लोगों के कागजों में हेराफेरी करके उन्हें राशन का वितरण कराया जा रहा है। हालांकि जो लोग कई वर्ष पहले गांव छोड़ चुके हैं। उनके कार्डों पर लगातार राशन का वितरण दर्शाकर जमकर कालाबाजारी की जा रही है। वहीं, सोमवार को एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार सीमा भारती टीम के साथ जैनपुर गांव पहुंची। इस दौरान जांच टीम ने ग्रामीणों से मामले की जानकारी की तो उन्होेंने शिकायतों की झड़ी लगा दी। ग्रामीणोें ने बताया कि राशन डीलर ने अपने पिता का भी अंत्योदय कार्ड बनवा रखा है। एसडीएम सरधना के निर्देश पर नायब तहसीलदार सीमा भारती नेतृत्व में लेखपाल एवं भारी पुलिस बल गांव में जांच के लिए पहुंचे। जहां उन्होंने खुली बैठक में गांव के लोगों से पूछताछ की। जिसमें ग्रामीणों ने बयान दर्ज कराते हुए डीलर के खिलाफ साक्ष्य सौंपे। टीम प्रभारी नायब तहसीलदार सीमा भारती ने बताया कि मौके पर सभी बिंदुओं के तहत जांच की गई है। प्रथमदृष्टया डीलर से ग्रामीण असंतुष्ट दिखे। वे जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे।
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मुख्य बातें
एसडीएम ने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में जांच टीम गठित की
जांच टीम ने ग्रामीण को राशन डीलर के प्रति असंतुष्ट पाया