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मेरठ-बागपत सीमा पर जमीनी विवाद का निस्तारण कराया
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बागपत के ध्यानार्थ
पुलिस बल की मौजूदगी में निपटा जमीन का विवाद
सरूरपुर। मेरठ-बागपत जिलों के किसानों की जमीन को लेकर चले आ रहे विवाद को निपटाने के लिए बृहस्पतिवार को दोनों जिलों के पुलिस-प्रशासन की मौजदूगी में लेखपालों की टीम ने जमीन की पैमाइश करते हुए निर्धारण कर सीमांत तय कर दिया। हालांकि इसे लेकर मौके पर दोनों जिलों के बीच जमीन को लेकर काफी गहमा-गहमी हुई लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अर्से से विवादित पड़ी भूमि का निर्धारण कर विवाद समाप्त करा दिया गया।
सरधना तहसील के लेखपाल राकेश कुमार ने बताया कि सरूरपुर ब्लॉक के गांव पांचली बुजुर्ग के दो किसान शौकीन और जुल्फेकार के बीच भी हिंडन नदी पर अर्से से एक दूसरे की जमीन बताकर विवाद चला आ रहा था जिसे लेकर बृहस्पतिवार को बागपत जिले के बिनौली और मेरठ जिले के सरूरपुर थाने की पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में टीम ने मौके पर जाकर सत्यापन कराया। जमीन की पैमाइश की तो खसरा नंबर 534/35/36/37 बागपत जिले के गांव खपराना के किसानों के नाम पर दर्ज निकली। जिसके बाद टीम ने मौके पर निशान लगाते हुए सीमांकन तय करके निर्धारण कर दिया। इसके अलावा खसरा नंबर 1636 की भी पैमाइश की गई तो वह भी खसरा नंबर के हिसाब से बागपत जिले की ही जमीन निकली। जिसे लेकर किसानों के सामने ही टीम ने पैमाइश कर सीमांकन कर उन्हें डोलबंदी करने के आदेश देते हुए कब्जा लेेने को कहा। हालांकि इसे लेकर कई बरी मौके पर हंगामे की स्थिति बनीं। लेकिन गहमा गहमी के बीच भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चली पैमाइश में टीम ने अर्से से चला आ रहा दो जिलों का भूमि विवाद समाप्त कर दिया।
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पुलिस बल की मौजूदगी में निपटा जमीन का विवाद
सरूरपुर। मेरठ-बागपत जिलों के किसानों की जमीन को लेकर चले आ रहे विवाद को निपटाने के लिए बृहस्पतिवार को दोनों जिलों के पुलिस-प्रशासन की मौजदूगी में लेखपालों की टीम ने जमीन की पैमाइश करते हुए निर्धारण कर सीमांत तय कर दिया। हालांकि इसे लेकर मौके पर दोनों जिलों के बीच जमीन को लेकर काफी गहमा-गहमी हुई लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अर्से से विवादित पड़ी भूमि का निर्धारण कर विवाद समाप्त करा दिया गया।
सरधना तहसील के लेखपाल राकेश कुमार ने बताया कि सरूरपुर ब्लॉक के गांव पांचली बुजुर्ग के दो किसान शौकीन और जुल्फेकार के बीच भी हिंडन नदी पर अर्से से एक दूसरे की जमीन बताकर विवाद चला आ रहा था जिसे लेकर बृहस्पतिवार को बागपत जिले के बिनौली और मेरठ जिले के सरूरपुर थाने की पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में टीम ने मौके पर जाकर सत्यापन कराया। जमीन की पैमाइश की तो खसरा नंबर 534/35/36/37 बागपत जिले के गांव खपराना के किसानों के नाम पर दर्ज निकली। जिसके बाद टीम ने मौके पर निशान लगाते हुए सीमांकन तय करके निर्धारण कर दिया। इसके अलावा खसरा नंबर 1636 की भी पैमाइश की गई तो वह भी खसरा नंबर के हिसाब से बागपत जिले की ही जमीन निकली। जिसे लेकर किसानों के सामने ही टीम ने पैमाइश कर सीमांकन कर उन्हें डोलबंदी करने के आदेश देते हुए कब्जा लेेने को कहा। हालांकि इसे लेकर कई बरी मौके पर हंगामे की स्थिति बनीं। लेकिन गहमा गहमी के बीच भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चली पैमाइश में टीम ने अर्से से चला आ रहा दो जिलों का भूमि विवाद समाप्त कर दिया।
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