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भाकियू ने जड़ा ऊर्जा भवन पर ताला
Updated Sat, 02 Dec 2017 02:18 AM IST
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मेरठ।
बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर किसानों में गुस्सा है। शुक्रवार को भाकियू ने न केवल ऊर्जा भवन पहुंचकर धरना दिया बल्कि भवन के गेट पर ताला भी डाल दिया। सूचना पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस के साथ भी किसानों की तीखी झड़प हुई। किसानों के भारी विरोध के बाद पुलिस लौट गई। पीवीवीएनएल अधिकारियों ने धरने पर पहुंचकर किसानों का ज्ञापन लिया। बढ़ी बिजली दरें वापस नहीं लेने पर 5 दिसंबर से सभी जिला मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी देकर शाम को सभी लौट गए।
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने यूपीपीसीएल की सिफारिश मानते हुए शहरी बिजली को 12 से 18 फीसदी और ग्रामीण बिजली को 63 से 120 फीसदी बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है। बढ़ी बिजली दरें आगामी 10 दिसंबर तक लागू होनी हैं। इसके विरोध में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने सैकड़ों किसानों के साथ ऊर्जा भवन पहुंचकर कार्यालय का घेराव कर लिया। किसान गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। टिकैत ने कहा कि किसानों को फसल का वाजिब दाम न देने वाली भाजपा सरकार का बिजली दर बढ़ाने का फैसला किसान व गांव विरोधी है। इसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इस बीच सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और गेट पर लगा ताला खोलने को कहा। इसका किसानों ने विरोध किया और टिकैत ने ताला खोलने से मना कर दिया। काफी देर तक चली खींचतान के बाद भी किसानों ने ताला नहीं खोला। किसानों के भारी विरोध के बाद पुलिस वहां से चली गई। इसके बाद धरने पर पहुंचे अधीक्षण अभियंता वीएन सिंह व रवींद्र गुप्ता ने टिकैत से बात की। कहा कि बिजली दरें बढ़ाना या घटना शासन का अधिकार है, वे इसमें कुछ नहीं कर सकते। टिकैत ने कहा कि अगर तीन दिन के अंदर दरों को कम नहीं किया गया तो भाकियू पांच दिसंबर से सभी जिला मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगी। इस मौके पर धर्मेंद्र मलिक, राजू अहलावत, संजय दौरालिया, नवाब अहलावत, सत्यवीर जंगेठी, जगत सिंह, जवाहर जिटौली, कंवरपाल सिंह जंगेठी, भारतीय किसान आंदोलन के अध्यक्ष कुलदीप त्यागी, प्रवक्ता हाजी अरशद मौजूद रहे।
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खास बात
बढ़ी बिजली दरों के विरोध में भाकियू के नेतृत्व में किसानों ने दिया धरना
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बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर किसानों में गुस्सा है। शुक्रवार को भाकियू ने न केवल ऊर्जा भवन पहुंचकर धरना दिया बल्कि भवन के गेट पर ताला भी डाल दिया। सूचना पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस के साथ भी किसानों की तीखी झड़प हुई। किसानों के भारी विरोध के बाद पुलिस लौट गई। पीवीवीएनएल अधिकारियों ने धरने पर पहुंचकर किसानों का ज्ञापन लिया। बढ़ी बिजली दरें वापस नहीं लेने पर 5 दिसंबर से सभी जिला मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी देकर शाम को सभी लौट गए।
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने यूपीपीसीएल की सिफारिश मानते हुए शहरी बिजली को 12 से 18 फीसदी और ग्रामीण बिजली को 63 से 120 फीसदी बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है। बढ़ी बिजली दरें आगामी 10 दिसंबर तक लागू होनी हैं। इसके विरोध में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने सैकड़ों किसानों के साथ ऊर्जा भवन पहुंचकर कार्यालय का घेराव कर लिया। किसान गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। टिकैत ने कहा कि किसानों को फसल का वाजिब दाम न देने वाली भाजपा सरकार का बिजली दर बढ़ाने का फैसला किसान व गांव विरोधी है। इसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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इस बीच सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और गेट पर लगा ताला खोलने को कहा। इसका किसानों ने विरोध किया और टिकैत ने ताला खोलने से मना कर दिया। काफी देर तक चली खींचतान के बाद भी किसानों ने ताला नहीं खोला। किसानों के भारी विरोध के बाद पुलिस वहां से चली गई। इसके बाद धरने पर पहुंचे अधीक्षण अभियंता वीएन सिंह व रवींद्र गुप्ता ने टिकैत से बात की। कहा कि बिजली दरें बढ़ाना या घटना शासन का अधिकार है, वे इसमें कुछ नहीं कर सकते। टिकैत ने कहा कि अगर तीन दिन के अंदर दरों को कम नहीं किया गया तो भाकियू पांच दिसंबर से सभी जिला मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगी। इस मौके पर धर्मेंद्र मलिक, राजू अहलावत, संजय दौरालिया, नवाब अहलावत, सत्यवीर जंगेठी, जगत सिंह, जवाहर जिटौली, कंवरपाल सिंह जंगेठी, भारतीय किसान आंदोलन के अध्यक्ष कुलदीप त्यागी, प्रवक्ता हाजी अरशद मौजूद रहे।
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बढ़ी बिजली दरों के विरोध में भाकियू के नेतृत्व में किसानों ने दिया धरना