लापरवाही: किट खरीदने में फूंक दिए 52 लाख, जांच एक न हुई, 55 ग्राम पंचायतों में दूषित है भूजल
उत्तर प्रदेश के बागपत में 52 लाख खर्च करके भी पेयजल की एक भी जांच नहीं की गई। दरअसल, जल जीवन मिशन के तहत 244 ग्राम पंचायतों में पानी की जांच के लिए पांच-पांच एफटी किट बांटी गई थीं।
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उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में पानी की गुणवत्ता की जांच कराने के लिए छह महीने पहले करीब 52 लाख रुपये की एफटी (फील्ड टेस्ट) किट बांटी गईं। इसके बाद से पानी की एक भी जांच नहीं हो सकी। जल जीवन मिशन के तहत 244 ग्राम पंचायतों में पांच-पांच महिलाओं को यह किट दी गई थीं। अब अधिकारियों ने एक भी जांच रिपोर्ट नहीं आने पर जवाब-तलब करने की तैयार कर ली है।
जल जीवन मिशन के तहत शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों में लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जा रहा है। जिसमें वर्ष 2024 तक सभी के पास शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके तहत बागपत में 70 ग्राम पंचायतों में वाटर हेडटैंक पर कार्य जारी है।
इनके अतिरिक्त ग्रामीण इलाकों में हैंडपंपों के पानी की जांच के लिए लखनऊ से एफटी किट भेजी गई थी जो 244 ग्राम पंचायतों की पांच-पांच महिलाओं को छह महीने पहले वितरित की गई थीं। जिसमें महिलाओं को पानी की जांच करने का तरीका और उसकी ऑनलाइन रिपोर्ट जल जीवन मिशन के तहत अपलोड करने का प्रशिक्षण दिया था। आज तक उन किट से एक भी जगह पानी की जांच नहीं की गई और न रिपोर्ट जल जीवन मिशन की साइट पर अपलोड की गई।
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एक किट की कीमत करीब 4300 रुपये
जल जीवन मिशन के तहत महिलाओं को बांटी गई एफटी किट की कीमत करीब 4300 रुपये है। यहां 1220 किट बांटी गई थीड्ड और इस तरह से करीब 52 लाख रुपये की किट बांटी गईं। उनमें एक किट से 100 सैंपलों की जांच कराने की व्यवस्था है। इसके लिए सभी ब्लाक में प्रशिक्षण कार्यक्रम कराए गए थे।
55 ग्राम पंचायतों का भूजल है दूषित
जिले में हिंडन व कृष्णा नदी किनारे बसे 55 गांवों का भूजल पहले ही दूषित है। जहां एनजीटी की सख्ती के बाद शुद्ध पेयजल के लिए पानी की टंकियों की व्यवस्था कराई गई थी। उन गांवों तक से कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
इनको बांटी गई थीं एफटी किट
गांव में ही पानी की जांच करने के लिए फील्ड टेस्ट किट एक गांव की पांच महिला को वितरित की गईं। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह की सखी या फिर जल संरक्षी को प्राथमिकता दी गई थी।
मुख्यालय से भेजी गई एफटी किट छह माह पहले वितरित करा दी गई थीं। जिसमें अभी तक एक भी रिपोर्ट साइट पर अपलोड नहीं की गई। एफटी किट लेने वाली महिलाओं से जवाब मांगा जाएगा। नियमित रूप से पानी की जांच करने और रिपोर्ट अपलोड करने के लिए कहा जाएगा। -अविनाश गुप्ता, एक्सईएन जल निगम