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अगले साल चार माह का रहेगा ईंट भट्ठा सीजन
Updated Sat, 21 Jul 2018 02:20 AM IST
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मेरठ। पर्यावरण को देखते हुए इस बार सर्दियों में ईंट भट्ठे बंद रहेंगे। ऐसे में अगला सीजन अब एक फरवरी से 30 जून तक होगा। जनपदीय ईंट निर्माता समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे साफ हो गया कि अब ईंट भट्ठे साल भर में सिर्फ चार माह ही चला करेंगे।
मेरठ जनपद ईंट निर्माता समिति की बैठक शुक्रवार को आईआईए भवन मोहकमपुर में हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि एनजीटी और पर्यावरण विभाग द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार सर्दियों में वायु प्रदूषण ज्यादा बढ़ता है। ऐसे में ईंट भट्ठे अब सर्दियों में पूरी तरह बंद रहेंगे। इस वर्ष भी ईंट भट्टे अब नहीं चलेंगे। बैठक में अगले साल के सीजन की समय सारणी को लेकर मंथन हुआ, जिसमें तय हुआ कि अगले साल ईंट भट्ठे 1 फरवरी से 30 जून तक चलेंगे। इसके बाद बरसात के चलते ईंट भट्ठे पहले से ही बंद होते आ रहे हैं। लेकिन बारिश बाद एक अक्तूबर से शुरू हो जाते थे। लेकिन इस बार नहीं होंगे। वहीं, बैठक में चंडीगढ़ से आए कंसलटेंट राजीव भाटिया ने हाईटेक भट्टों पर विस्तार से जानकारी दी।
जिग जैग चिमनी के आदेश पर आक्रोश
बैठक में केंद्र सरकार के भट्टे की चिमनी जिगजैग बनाने के आदेश पर आक्रोश जताया गया। भट्ठा मालिकों ने कहा कि एक साथ सभी भट्ठों पर यह चिमनी बनाना संभव नहीं है और सरकार समय देने के लिए भी तैयार नहीं है। जबकि इसको बनाने के लिए जो लेबर मिलती है, वह इतनी नहीं है कि सभी का काम एक साथ पूरा हो सके। यदि सरकार ने समय नहीं दिया तो सभी भट्ठा मालिक दिल्ली जाकर आंदोलन करेंगे। इसके साथ ही आगामी सीजन में इसके विरोध में ईंट भट्ठे बंद भी करने पड़ सकते हैं। मिट्टी रायल्टी समाप्त करने के प्रस्ताव के साथ मिट्टी रायल्टी पर जीएसटी का विरोध किया गया। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष केपी सिंह और संचालन महामंत्री पवन मित्तल ने किया। सतीश गुप्ता, संजय गोयल, महिपाल सिंह, सरदार राजेंद्र सिंह, अनिल दौराला, योगेश फौजी, श्रीकृष्ण गुप्ता, अरुण गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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खास बातें:
- पर्यावरण की दृष्टि से एक फरवरी से 30 जून तक ही चलेंगे ईंट भट्टे
- जनपदीय ईंट निर्माता एसोसिएशन की बैठक में लिया गया निर्णय
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मेरठ जनपद ईंट निर्माता समिति की बैठक शुक्रवार को आईआईए भवन मोहकमपुर में हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि एनजीटी और पर्यावरण विभाग द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार सर्दियों में वायु प्रदूषण ज्यादा बढ़ता है। ऐसे में ईंट भट्ठे अब सर्दियों में पूरी तरह बंद रहेंगे। इस वर्ष भी ईंट भट्टे अब नहीं चलेंगे। बैठक में अगले साल के सीजन की समय सारणी को लेकर मंथन हुआ, जिसमें तय हुआ कि अगले साल ईंट भट्ठे 1 फरवरी से 30 जून तक चलेंगे। इसके बाद बरसात के चलते ईंट भट्ठे पहले से ही बंद होते आ रहे हैं। लेकिन बारिश बाद एक अक्तूबर से शुरू हो जाते थे। लेकिन इस बार नहीं होंगे। वहीं, बैठक में चंडीगढ़ से आए कंसलटेंट राजीव भाटिया ने हाईटेक भट्टों पर विस्तार से जानकारी दी।
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जिग जैग चिमनी के आदेश पर आक्रोश
बैठक में केंद्र सरकार के भट्टे की चिमनी जिगजैग बनाने के आदेश पर आक्रोश जताया गया। भट्ठा मालिकों ने कहा कि एक साथ सभी भट्ठों पर यह चिमनी बनाना संभव नहीं है और सरकार समय देने के लिए भी तैयार नहीं है। जबकि इसको बनाने के लिए जो लेबर मिलती है, वह इतनी नहीं है कि सभी का काम एक साथ पूरा हो सके। यदि सरकार ने समय नहीं दिया तो सभी भट्ठा मालिक दिल्ली जाकर आंदोलन करेंगे। इसके साथ ही आगामी सीजन में इसके विरोध में ईंट भट्ठे बंद भी करने पड़ सकते हैं। मिट्टी रायल्टी समाप्त करने के प्रस्ताव के साथ मिट्टी रायल्टी पर जीएसटी का विरोध किया गया। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष केपी सिंह और संचालन महामंत्री पवन मित्तल ने किया। सतीश गुप्ता, संजय गोयल, महिपाल सिंह, सरदार राजेंद्र सिंह, अनिल दौराला, योगेश फौजी, श्रीकृष्ण गुप्ता, अरुण गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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खास बातें:
- पर्यावरण की दृष्टि से एक फरवरी से 30 जून तक ही चलेंगे ईंट भट्टे
- जनपदीय ईंट निर्माता एसोसिएशन की बैठक में लिया गया निर्णय