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47 सालों में सबसे ठंडी रही मकर संक्रांति, पारा तीन डिग्री सेल्सियस पहुंचा
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Sun, 15 Jan 2017 03:02 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पिछले 47 सालों में मकर संक्रांति सबसे ज्यादा सर्द रही। रात का पारा तीन डिग्री सेल्सियस के पास पहुंचा गया। यह इस साल का सबसे कम तापमान है। शनिवार सुबह शीतलहर ने लोगों की परेशानी बढ़ाई। लेकिन दोपहर में सर्दी का असर कम हो गया। दो बजे के बाद मौसम फिर बदल गया। आसमान पर बादल छा गए और सर्दी ने अपना रंग दिखाना शुरू किया। शाम होत-होते बाजार और सड़कें सूनी हो गईं।
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पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से मैदान में ठंड बढ़ती जा रही है। पिछले एक सप्ताह से चल रही शीतलहर ने सर्दी का अहसास कराया है। शनिवार दोपहर में लोगों ने धूप का आनंद लिया। छुट्टी के कारण पार्कों में रौनक बढ़ गई। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और आसमान पर काले बादल छा गए। शाम होते-होते दिन का पारा भी गिर गया और सर्दी बढ़ गई। 47 साल बाद मकर संक्रांति सबसे ठंडी रही। शनिवार अलसुबह पारा 3.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 1969 में रात का तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। ठंड बढ़ी तो शाम को लोग भी जल्द घरों में कैद हो गए। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्र्रता 85 व न्यूनतम 38 प्रतिशत दर्ज की गई। एक दिन पहले की अपेक्षा दिन के तापमान में .5 डिग्री और रात के तापमान में 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
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पिछले 47 वर्षों पर मकर संक्रांति पर तापमान
वर्ष न्यूनतम
1969 2.1
1970 5.9
1971 5.1
1972 7.1
1973 6.7
1974 4.1
1975 8.6
1976 6.3
1977 7.1
1978 6.1
1979 5.1
1980 6.1
1981 7.1
1982 5.3
1983 6.1
1984 7.9
1985 7.6
1986 6.2
1987 6.9
1988 8.6
1989 7.6
1990 6.4
1991 7.5
1992 9.7
1993 6.6
1994 7.2
1995 6.4
1996 9.2
1997 7.2
1998 7.8
1999 5.4
2000 5.3
2001 5.9
2002 6.9
2003 7.1
2004 6.1
2005 7.6
2006 6.8
2007 4.3
2008 5.6
2009 7.1
2010 6.3
2011 7.1
2012 5.9
2013 7.6
2014 6.8
2015 5.3
2016 6.1
2017 3.1
बारिश से फिर बढे़गी ठंड
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया है। इससे रात और दिन में ठंड बढ़ जाएगी। दिन में शीतलहर का असर कम रहेगा, लेकिन बारिश हो सकती है। रविवार से मंगलवार तक मौसम का मिजाज ऐसे ही बना रहेगा। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि अगले 48 घंटे तक सर्दी का असर बना रहेगा। बारिश की संभावना बनी हुई है।
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