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एएनपीआर से कवर होगा शहर

Wed, 14 Mar 2018 01:28 AM IST
Updated Wed, 14 Mar 2018 01:28 AM IST
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एएनपीआर से कवर होगा शहर
अपराधी भागे तो अब नहीं बच पाएंगे
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मेरठ। शहर के दस मुख्य चौराहों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरे लगाए जाएंगे। ऐसे में अब अगर अपराध करके कोई भागा तो उसका बचना आसान नहीं होगा। मंगलवार को आईजी रेंज रामकुमार ने ट्रैफिक के कंट्रोल रूम पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। जिस कंपनी ने शहर के 34 मुख्य स्थानों पर हाई क्वालिटी के कैमरे लगाए हैं, उस कंपनी के अधिकारियों से भी आईजी ने जानकारी ली। बताया गया कि नवरात्रों में कंट्रोल रूम का शुभारंभ हो जाएगा।
ट्रैफिक कंट्रोल रूम बनकर तैयार हो गया है। एसएसपी मंजिल सैनी ने आईजी को बताया कि दस मुख्य चौराहों पर एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर) कैमरे भी लगाए जाने हैं, जिनका काम शुरू कर दिया है। इन दस चौराहों में तेजगढ़ी चौराहा, शास्त्रीनगर एल ब्लॉक, हापुड़ अड्डा, कमिश्नरी आवास चौराहा, पल्लवपुरम तिराहा, रोहटा फ्लाईओवर, बागपत फ्लाईओवर, परतापुर तिराहा, मेट्रो प्लाजा और बेगमपुल शामिल हैं। आईजी ने एसएसपी और एसपी ट्रैफिक को निर्देश दिए कि कैमरे भौगोलिक स्थिति को देखते हुए जैसे लगाए गये हैं उसी सीरियल में कंट्रोल रूम में मॉनीटर लगाए जाएं। क्षेत्र और चौराहों पर अलग से भी मैप तैयार किया जाए।
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एक लाख रुपये का एक कैमरा
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी ने बताया कि एक एएनपीआर कैमरे की कीमत करीब एक लाख रुपये है। यह कैमरा चौराहे से आने जाने वाले सभी वाहनों की नंबर प्लेट पर फोकस करेगा। यदि एक चौराहे से एक दिन में एक हजार वाहन भी निकले तो सभी वाहनों की नंबर प्लेट का रिकॉर्ड कैमरे में कैद हो जाएगा। इन सभी दस चौराहों पर लगने वाले एएनपीआर कैमरे को एक साथ कनेक्ट कर दिया जाएगा। यदि कोई अपराधी वाहन पर सवार होकर किसी चौराहों से निकलता है तो उस वाहन का नंबर डालकर तुरंत पता चल जाएगा कि वह गाड़ी इस समय कौन से चौराहे से निकली है। जिससे अपराधियों को पकड़ने में आसानी होगी।
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1.5 लाख जीबी डाटा सेव होगा
ट्रैफिक कंट्रोल रूम में वीडियो रिकार्डर भी लगाए जा रहे हैं। इनमें डेढ़ लाख जीबी डाटा सेव होगा। एक माह से 40 दिन तक की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज रिकॉर्ड रहेगी। इसमें जो रिकार्डिंग महत्वपूर्ण होगी उसे अलग से सेव कर लिया जाएगा।

एप के लिए बंगलूरू पुलिस से ली मदद
एसपी ट्रैफिक ने बताया कि ट्रैफिक कंट्रोल रूम के लिए सिविक आई के नाम से एक एप बनाया गया है। बंगलूरू पुलिस से भी इसमें मदद मिली है। यह एप जीपीएस पर काम करेगा। जिसमें ट्रैफिक संबंधी कोई भी फोटो या वीडियो भेजी जा सकेगी। जिस मोबाइल नंबर से फोटो भेजे जायेंगे वह मोबाइल नंबर एप में रजिस्टर्ड हो जाएगा। जिसमें यह भी पता चल सकेगा कि फोटो भेजने वाले की लोकेशन कहां है।


कंट्रोल रूम का रहेगा वीआईपी नंबर
ट्रैफिक कंट्रोल रूम के लिए वीआईपी नंबर मांगा गया है। जिसमें एसपी ट्रैफिक ने बताया कि लिसाड़ीगेट थाने के अंतर्गत आने वाली पिलोखड़ी चौकी पर पहले से एक पुलिस का सीयूजी नंबर 9454404000 चल रहा है। जबकि पुलिस चौकी पर सीयूजी नंबर की कोई जरूरत नहीं है। वहां के लिए अन्य नंबर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिक कंट्रोल रूम के लिए उक्त नंबर ही जारी कर दिया जाए। एसपी ट्रैफिक ने इस सीयूजी नंबर के लिए एसएसपी को पत्र भी लिख दिया है।
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