{"_id":"5adfa3b94f1c1b84098b66fa","slug":"21524605881-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगानगर- 3","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगानगर- 3
Updated Tue, 02 Oct 2018 02:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगानगर। मवाना रोड स्थित ट्रांसलेम कॉलेज में सोमवार को छात्रों ने फीस को लेकर जमकर हंगामा किया। इस कॉलेज प्रशासन ने गेट पर ताला लगवा दिया। यह देख छात्र दीवार कूदकर अंदर घुस गए और डायरेक्टर के ऑफिस धरना देकर बैठ गए। घंटो चले हंगामे के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ।
गढ़मुक्तेश्वर निवासी शालिक पुत्र मोमीन ने 4 जून को ट्रांसलेम कॉलेज में बीफार्मा में एडमीशन लिया। शालिक के मुताबिक उसे एडमीशन के समय 70 हजार रुपये फीस बताई थी, जिसमें से उसने 50 हजार जमा कर दिए। जब वह क्लास करने आया तो उससे 40 हजार बकाया फीस मांगी। शालिक के मुताबिक परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसने पढ़ाई बीच में छोड़ने की बात कहते हुए जमा फीस वापस मांगी, लेकिन कॉलेज न इंकार कर दिया। सोमवार को फिर से छात्र ने फीस वापस मांगी, जिस पर उसे कॉलेज से बाहर जाने को कहा। छात्र ने परिजनों को जानकारी दी और अन्य कॉलेजों के अपने साथी छात्रों को बुला लिया। इस पर कॉलेज प्रशासन ने गेट पर ताला लगवा दिया, जिस पर छात्र दीवार कूदकर कॉलेज के अंदर पहुंचे और डायरेक्टर ऑफिस को अपने कब्जे में ले लिया। वहां छात्रों ने डायरेक्टर को घेरकर नारेबाजी की। इस बीच पीड़ित छात्र आत्महत्या की चेतावनी देते हुए छत पर जाने लगा। किसी तरह उसे रोका गया। सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर राकेश कुमार, एसआई पिंकी जायसवाल, मनु सक्सेना फोर्स के साथ काफी देर तक गेट पर खड़े रहे। ताला खुलने पर अंदर पहुंचे। पुलिस ने हंगामा कर रहे छात्रों को किसी तरह समझाया। पीड़ित छात्र शालिक के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने फीस वापस करने का 10 अक्तूबर तक का समय दिया है। इस दौरान दीपक कस्तला, सुमित, राहुल, रोबिन, मुकुल सैनी आदि मौजूद रहे।
सभी आरोप गलत हैं। यूनिवर्सिटी के नियमों के अनुसार अंतिम तारीख के बाद न तो एडमीशन कर सकते हैं और न ही नाम काट सकते हैं। छात्र ने खुद 19 जुलाई को रजिट्रेशन में कॉलेज लॉक किया। हमने कई बार सूचित भी किया। अब जमा फीस वापस मांग रहा है। छात्र के साथ आए बाहरी युवकों ने गाली गलौज की। हमें पुलिस बुलानी पड़ी। शमीम अहमद, जनरल डायरेक्टर
विज्ञापन
विज्ञापन
गढ़मुक्तेश्वर निवासी शालिक पुत्र मोमीन ने 4 जून को ट्रांसलेम कॉलेज में बीफार्मा में एडमीशन लिया। शालिक के मुताबिक उसे एडमीशन के समय 70 हजार रुपये फीस बताई थी, जिसमें से उसने 50 हजार जमा कर दिए। जब वह क्लास करने आया तो उससे 40 हजार बकाया फीस मांगी। शालिक के मुताबिक परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसने पढ़ाई बीच में छोड़ने की बात कहते हुए जमा फीस वापस मांगी, लेकिन कॉलेज न इंकार कर दिया। सोमवार को फिर से छात्र ने फीस वापस मांगी, जिस पर उसे कॉलेज से बाहर जाने को कहा। छात्र ने परिजनों को जानकारी दी और अन्य कॉलेजों के अपने साथी छात्रों को बुला लिया। इस पर कॉलेज प्रशासन ने गेट पर ताला लगवा दिया, जिस पर छात्र दीवार कूदकर कॉलेज के अंदर पहुंचे और डायरेक्टर ऑफिस को अपने कब्जे में ले लिया। वहां छात्रों ने डायरेक्टर को घेरकर नारेबाजी की। इस बीच पीड़ित छात्र आत्महत्या की चेतावनी देते हुए छत पर जाने लगा। किसी तरह उसे रोका गया। सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर राकेश कुमार, एसआई पिंकी जायसवाल, मनु सक्सेना फोर्स के साथ काफी देर तक गेट पर खड़े रहे। ताला खुलने पर अंदर पहुंचे। पुलिस ने हंगामा कर रहे छात्रों को किसी तरह समझाया। पीड़ित छात्र शालिक के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने फीस वापस करने का 10 अक्तूबर तक का समय दिया है। इस दौरान दीपक कस्तला, सुमित, राहुल, रोबिन, मुकुल सैनी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सभी आरोप गलत हैं। यूनिवर्सिटी के नियमों के अनुसार अंतिम तारीख के बाद न तो एडमीशन कर सकते हैं और न ही नाम काट सकते हैं। छात्र ने खुद 19 जुलाई को रजिट्रेशन में कॉलेज लॉक किया। हमने कई बार सूचित भी किया। अब जमा फीस वापस मांग रहा है। छात्र के साथ आए बाहरी युवकों ने गाली गलौज की। हमें पुलिस बुलानी पड़ी। शमीम अहमद, जनरल डायरेक्टर
विज्ञापन