{"_id":"5ae0e7364f1c1b3b0a8b688d","slug":"201524688694-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैटल कालोनी के लिए नहीं है महानगर में जगह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैटल कालोनी के लिए नहीं है महानगर में जगह
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैटल कॉलोनी के लिए नहीं महानगर में जमीन
मेरठ। डेयरियों को शहर से बाहर कर जमीन उपलब्ध कराने के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण ने हाथ खड़े कर दिए हैं। कहा है कि एमडीए के पास कैटल कॉलोनी के लिए कोई जगह नहीं है। जब जमीन थी, तब इसका उपयोग नहीं किया गया।
शहर में दो हजार से ज्यादा डेयरियां हैं। एमडीए इन्हें बाहर कर रहा है। लेकिन कैटल कालोनी के लिए कोई जगह नहीं दी गई है। इसके लेकर अदालत में सुनवाई हुई और अदालत ने मामले के निस्तारण के लिए कहा। निगम अधिकारियों ने इस संबंध में एमडीए अधिकारियों से बात की। लेकिन एमडीए अधिकारियों ने जमीन के लिए हाथ ही खड़े कर दिए।
यह दिया है तर्क
एमडीए वीसी ने नगरायुक्त को तथा सचिव ने मुख्य अभियंता निगम को पत्र लिखा है। कहा है कि प्राधिकरण ने डेयरी फार्मिंग योजना गढ़ रोड पर गेसुपुर दतावली गांव में 41.69 भूमि के अर्जन का प्रस्ताव वर्ष 1986 में कैटल कालोनी के लिए किया था। लेकिन अर्जन नहीं हो पाया। वर्ष 2001 में लोहियानगर में इसके लिए भूखंड नियोजित किए गए। मगर डेयरी संचालकों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई और यह योजना भी परवान नहीं चढ़ सकी। वर्तमान में कैटल कॉलोनी के लिए प्राधिकरण के पास कोई भूमि उपलब्ध नहीं है।
विज्ञापन
खास बातें:
एमडीए ने कॉलोनी के लिए जमीन होने से किया इंकार
विज्ञापन
मेरठ। डेयरियों को शहर से बाहर कर जमीन उपलब्ध कराने के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण ने हाथ खड़े कर दिए हैं। कहा है कि एमडीए के पास कैटल कॉलोनी के लिए कोई जगह नहीं है। जब जमीन थी, तब इसका उपयोग नहीं किया गया।
शहर में दो हजार से ज्यादा डेयरियां हैं। एमडीए इन्हें बाहर कर रहा है। लेकिन कैटल कालोनी के लिए कोई जगह नहीं दी गई है। इसके लेकर अदालत में सुनवाई हुई और अदालत ने मामले के निस्तारण के लिए कहा। निगम अधिकारियों ने इस संबंध में एमडीए अधिकारियों से बात की। लेकिन एमडीए अधिकारियों ने जमीन के लिए हाथ ही खड़े कर दिए।
विज्ञापन
यह दिया है तर्क
एमडीए वीसी ने नगरायुक्त को तथा सचिव ने मुख्य अभियंता निगम को पत्र लिखा है। कहा है कि प्राधिकरण ने डेयरी फार्मिंग योजना गढ़ रोड पर गेसुपुर दतावली गांव में 41.69 भूमि के अर्जन का प्रस्ताव वर्ष 1986 में कैटल कालोनी के लिए किया था। लेकिन अर्जन नहीं हो पाया। वर्ष 2001 में लोहियानगर में इसके लिए भूखंड नियोजित किए गए। मगर डेयरी संचालकों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई और यह योजना भी परवान नहीं चढ़ सकी। वर्तमान में कैटल कॉलोनी के लिए प्राधिकरण के पास कोई भूमि उपलब्ध नहीं है।
विज्ञापन
खास बातें:
एमडीए ने कॉलोनी के लिए जमीन होने से किया इंकार