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बेगमपुल पर फ्लाईओवर के ऊपर दौड़ेगी मेट्रो
Updated Thu, 25 Jan 2018 02:56 AM IST
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मेरठ। बेगमपुल पर फ्लाईओवर के ऊपर मेट्रो दौड़ेगी। दोनों का ट्रैक एक ही पिलर पर बनेगा। बुधवार को एमडीए सभागार में राइट्स के अधिकारियों ने संशोधित डिजाइन का प्रजेंटेशन किया। यहां हरी झंडी मिलने के बाद इसे कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के सामने भी प्रस्तुत किया। उन्होंने इसे ओके करते हुए लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन के अधिकारियों को भेजने के लिए कहा ताकि वहां भी इसका बारीकी से अवलोकन हो जाए।
एमडीए सभागार में मेरठ विकास प्राधिकरण, रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स), सेतु निगम, नगर निगम आदि अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में एमडीए के वीसी साहब सिंह, सचिव राजकुमार, सीटीपी जेएन रेड्डी आदि के समक्ष राइट्स के डिजाइनर राजकिशोर ने बेगमपुल फ्लाईओवर का संशोधित लेआउट दिखाया। दरअसल, इस चौराहे पर फ्लाईओवर बनना है तो साथ ही मेट्रो भी यहां से गुजरनी है। चूंकि प्रदेश सरकार की कैबिनेट मेट्रो के प्रस्ताव को पास कर चुकी है, तो इस पर भी जल्द काम शुरू होना है। इस मौके पर चीफ इंजीनियर निगम कुलभूषण वार्ष्णेय, तहसीलदार करनवीर सिंह, तहसीलदार मनोज सिंह, एमडीए चीफ इंजीनियर दुर्गेश श्रीवास्तव, केके गौतम आदि मौजूद रहे।
फ्लाईओवर पर प्रतिबंधित रहेंगे भारी वाहन
फ्लाईओवर के संशोधित डिजाइन में राइट्स कंसल्टेंट ने बताया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इसे फोर लेन से घटकर तीन लेन किया जा सकता है। हालांकि इससे पुल की चौड़ाई घटकर कुल 13.80 मीटर ही रह जाएगी लेकिन इस पर ट्रैफिक सुचारु हो सकेगा। यहां भारी वाहनों को प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके अलावा 3.5-3.5 मीटर की सर्विस लेन बनेंगी। पुल पर 7-7 मीटर की बजाय डिवाइडर के दोनों तरफ 6-6 मीटर सड़क ली जाएगी। सबसे अहम यह है कि डेढ़ से दो मीटर चौड़े पिलर पर पहले फ्लाईओवर बनेगा। उसके ऊपर ही मेट्रो चलेगी। पांच से छह मीटर ऊंचा फ्लाईओवर होगा और इतनी ही ऊंचाई पर मेट्रो चलेगी।
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सर्विस रोड पर बनेगी बात
प्रजेंटेशन में यह बात गंभीरता से उठी कि सर्विस रोड का क्या होगा। जवाब आया कि भले ही पुल की चौड़ाई थोड़ी कम कर दी जाए। लेकिन सर्विस रोड भी रखी जाएगी। दरअसल आपत्ति यह थी कि फ्लाईओवर बनेगा और उसके नीचे साढ़े तीन मीटर की सर्विस रोड बनेगी। उधर मेट्रो पिलर पर चलेगी। उसका पिलर ही डेढ़ मीटर जगह घेरेगा। ऐसे में बाकी बची जगह पर व्यापारी अपनी कार से कैसे गुजर सकेंगे। इस पर भी काम करने की बात कही जा रही है।
एलएमआरसी अधिकारी देखेंगे अब डिजाइन
टीम ने मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार के समक्ष भी प्रजेंटेशन किया। कमिश्नर ने कहा कि अब डिजाइन सही है। इसे और सुपर इंपोज कर लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) अधिकारियों को भेजें, ताकि वहां भी इसका अध्ययन हो जाए। दरअसल मेट्रो की कार्यदायी संस्था एलएमआरसी ही है।
जल्द निर्माण के निर्देश
कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के अनुसार फ्लाईओवर पर राइट्स टीम ने सही प्लान किया है। मेट्रो और पुल एक ही पिलर पर चलाने की योजना है। मैंने कहा है कि किसी को इससे परेशानी नहीं होनी चाहिए। जो कमी हैं उसे दूर कर जल्द ही पुल का निर्माण शुरू करने को कहा है।
खास बातें:
- एक ही पिलर पर मेट्रो और फ्लाईओवर बनेगा
- एमडीए सभागार में डिजाइन का प्रजेंटेशन
- राइट्स की टीम ने दिखाया डिजाइन, आयुक्त ने भी दी हरी झंडी
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एमडीए सभागार में मेरठ विकास प्राधिकरण, रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स), सेतु निगम, नगर निगम आदि अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में एमडीए के वीसी साहब सिंह, सचिव राजकुमार, सीटीपी जेएन रेड्डी आदि के समक्ष राइट्स के डिजाइनर राजकिशोर ने बेगमपुल फ्लाईओवर का संशोधित लेआउट दिखाया। दरअसल, इस चौराहे पर फ्लाईओवर बनना है तो साथ ही मेट्रो भी यहां से गुजरनी है। चूंकि प्रदेश सरकार की कैबिनेट मेट्रो के प्रस्ताव को पास कर चुकी है, तो इस पर भी जल्द काम शुरू होना है। इस मौके पर चीफ इंजीनियर निगम कुलभूषण वार्ष्णेय, तहसीलदार करनवीर सिंह, तहसीलदार मनोज सिंह, एमडीए चीफ इंजीनियर दुर्गेश श्रीवास्तव, केके गौतम आदि मौजूद रहे।
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फ्लाईओवर पर प्रतिबंधित रहेंगे भारी वाहन
फ्लाईओवर के संशोधित डिजाइन में राइट्स कंसल्टेंट ने बताया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इसे फोर लेन से घटकर तीन लेन किया जा सकता है। हालांकि इससे पुल की चौड़ाई घटकर कुल 13.80 मीटर ही रह जाएगी लेकिन इस पर ट्रैफिक सुचारु हो सकेगा। यहां भारी वाहनों को प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके अलावा 3.5-3.5 मीटर की सर्विस लेन बनेंगी। पुल पर 7-7 मीटर की बजाय डिवाइडर के दोनों तरफ 6-6 मीटर सड़क ली जाएगी। सबसे अहम यह है कि डेढ़ से दो मीटर चौड़े पिलर पर पहले फ्लाईओवर बनेगा। उसके ऊपर ही मेट्रो चलेगी। पांच से छह मीटर ऊंचा फ्लाईओवर होगा और इतनी ही ऊंचाई पर मेट्रो चलेगी।
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सर्विस रोड पर बनेगी बात
प्रजेंटेशन में यह बात गंभीरता से उठी कि सर्विस रोड का क्या होगा। जवाब आया कि भले ही पुल की चौड़ाई थोड़ी कम कर दी जाए। लेकिन सर्विस रोड भी रखी जाएगी। दरअसल आपत्ति यह थी कि फ्लाईओवर बनेगा और उसके नीचे साढ़े तीन मीटर की सर्विस रोड बनेगी। उधर मेट्रो पिलर पर चलेगी। उसका पिलर ही डेढ़ मीटर जगह घेरेगा। ऐसे में बाकी बची जगह पर व्यापारी अपनी कार से कैसे गुजर सकेंगे। इस पर भी काम करने की बात कही जा रही है।
एलएमआरसी अधिकारी देखेंगे अब डिजाइन
टीम ने मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार के समक्ष भी प्रजेंटेशन किया। कमिश्नर ने कहा कि अब डिजाइन सही है। इसे और सुपर इंपोज कर लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) अधिकारियों को भेजें, ताकि वहां भी इसका अध्ययन हो जाए। दरअसल मेट्रो की कार्यदायी संस्था एलएमआरसी ही है।
जल्द निर्माण के निर्देश
कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के अनुसार फ्लाईओवर पर राइट्स टीम ने सही प्लान किया है। मेट्रो और पुल एक ही पिलर पर चलाने की योजना है। मैंने कहा है कि किसी को इससे परेशानी नहीं होनी चाहिए। जो कमी हैं उसे दूर कर जल्द ही पुल का निर्माण शुरू करने को कहा है।
खास बातें:
- एक ही पिलर पर मेट्रो और फ्लाईओवर बनेगा
- एमडीए सभागार में डिजाइन का प्रजेंटेशन
- राइट्स की टीम ने दिखाया डिजाइन, आयुक्त ने भी दी हरी झंडी