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तेरे बगैर मैं कैसे गुजारू जिंदगी...

Tue, 26 Feb 2019 01:55 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 26 Feb 2019 01:55 AM IST
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तेरे बगैर मैं कैसे गुजारू जिंदगी...
अमर उजाला ब्यूरो
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फलावदा। कस्बे में कुतुबशाह जमालुद्दीन की याद में चल रहे उर्स में आयोजित मुशायरे में ऑल इंडिया शायरों ने कलाम पेश किए। मुशायरे का आगाज शमा रोशन करके किया। मुशायरे से पूर्व पुलवामा में शहीद हुए सुरक्षा बलों की शहादत पर खराजे अकीदत पेश कर दो मिनट का मौन रखा।
नाते पाक हाफिज महफूज माहिर ने पढ़ी। इकबाल अशहर ने कुछ यूं बयां किया कि दिल का हाल कैसे तरतीब से कागज पे गिरे हैं आंसू एक भूली हुई तस्वीर उभर आई है। मिर्जा हसीमुद्दीन हमदम ने पढा इस दिल में अरमान बहुत हैं और चुबने को पे कान बहुत हैं दर्द भी गम भी तूने बख्शा मुझपे तेरे एहसान बहुत हैं। शायर डा. वसीम राजू पुरी ने कुछ यूं बयां किया हाले वक्त के बदले हुए तेवर बदलने चाहिए। खून में डूबे हुए मंजर बदलने चाहिए भाईचारा हर तरफ हो जाएगा। तुम देखना बस हमारे वतन के रहबर बदलने चाहिए। वकार फराजी ने पढ़ा तेरे बगैर में कैसे गुजारू जिंदगी तेरे बगैर चैन ना आए तो क्या करूं। अलीम वाजिद ने पढ़ा अपने मुल्क पे जो कुर्बान नहीं हो सकता मेरा दावा है वह इंसान नहीं हो सकता। वारिस वारसी ने बढ़ा तेरी जुल्फों के कसीदे भी लिख दूंगा लेकिन मेरे हालात की जुल्फे तो संवर जाने दे। फय्याज नादिर ने पढ़ा कि जिसने कदम कदम पर दिया है फरेब वो कह रहा है सलाम आज भी। शाहरुख ने पढ़ा किसी जालिम के हक में जब अदालत डूब जाएगी यकीनन ठोकरों में होगा ताज जालिम का। मोहम्मद अहमद ने पढ़ा होते ही उनका सामने गम भी मचल पड़े अपनी हदों को तोड़कर आंसू निकल पड़े। हैरान रह गई है हवाएं यह देखकर जितने दिये बुझाए थे वह फिर जल पड़े। महफूज माहिर ने पढा जमीन तक मयस्सर नहीं गरीबों को रईस एश के बिस्तर तलाश करता है। जिगर देवबंदी ने पड़ा तकब्बुर हो गया है उसको अदावत पर वो भाई है मेरा लेकिन बगावत पर उतर आया। अनवारुलहक शांदा ने पढ़ा ऐसे इंसान से क्या गरज मुझको जो मेरा जख्म भर नहीं सकता। ऑल इंडिया शायर मस्जिद देवबंदी ने पड़ा जो है दुश्मन देश का वो अपना दुश्मन है जनाब और दुश्मन तो हमारी जान हो सकता नहीं हो गया जो हो गया अब उसका क्या रोना जनाब अब कभी टुकड़े हिंदुस्तान हो सकता नहीं। मुशायरे की सदारत पूर्व चेयरमैन सैयद मेराजुद्दीन निजामत जिगर देवबंदी ने मिर्जा हसमुद्दीन हमदम मुशायरे के कनविनर रहे। चेयरमैनअब्दुस समद, पूर्व चेयरमैन शफीक मिर्जा, चेयरपर्सन पुत्र सेय्यद ईसा, पूर्व चेयरमैन नय्यर आलम, मेला सदर नफीस राजा अंसारी, नायब सदर नईम अनवर कुरैशी, सैयद रिहानुद्दीन, शाही अब्बास, नायाब मिर्जा आदि मौजूद थे।
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मुख्य बातें
कुतुबशाह जमालुद्दीन की याद में चल रहे उर्स में आयोजित मुशायरे का आयोजन

चार बच्चों को छोड़ प्रेमी संग फरार हुई महिला
फलावदा। क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला का गांव के ही युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा है। रविवार को महिला का पति मजदूरी कर ने गया था। इस बीच मौका पाकर महिला चार बच्चों को घर में छोड़कर प्रेमी संग फरार हो गई। शाम को पति के घर लौटने पर पूरे मामले की जानकारी हुई। पीड़ित ने थाने में तहरीर दरी है।
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