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गैर आबाद 27 गांव के किसानों का नहीं हो सका सत्यापन

Fri, 15 Feb 2019 02:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Feb 2019 02:27 AM IST
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गैर आबाद 27 गांव के किसानों का नहीं हो सका सत्यापन
दूसरे चरण में 1 लाख 80 हजार किसान में से 30 हजार 125 किसानों के भरे गए घोषणा पत्र
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शरद गुप्ता
मवाना। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ से मवाना तहसील के 17 गैर आबाद गांव के किसान वंचित रह सकते हैं। दरअसल इन गांवों के किसानों ने पंजीकरण नहीं कराया, जिस कारण उनके घोषणा पत्र नहीं भरे जा सके हैं। बृहस्पतिवार को पात्र किसानों का सत्यापन कर घोषणा पत्र भरवाने का दूसरा चरण भी समाप्त हो गया।
27 गांव के सैकड़ों किसान रहेंगे वंचित
एक फरवरी को केंद्र सरकार के अंतरिम बजट में किसान सम्मान निधि योजना को लागू किया गया था। इसके तहत किसानों को सालाना छह हजार रुपये तीन किस्तों में मिलेंगे। इसके लिए मवाना तहसील में सात से 14 फरवरी तक दो हेक्टेयर भूमि वाले किसानों का सत्यापन कराकर घोषणा पत्र भरवाया गया। मवाना तहसील के 55 गैर आबाद गांव में से 27 के सैकड़ों किसान ऐसे हैं, जो योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं। दरअसल इन गांवों के किसानों ने पंजीकरण नहीं कराया। जिस कारण उनका सत्यापन व घोषणा पत्र नहीं भरा जा सका। दूसरे चरण के समाप्त होने पर मवाना तहसील के 1 लाख 80 हजार किसानों में से 30 हजार 125 किसानों के घोषणा पत्र भरे गए। किसान सम्मान निधि योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को करेंगे। सूत्रों की माने तो शुभारंभ के दिन लगभग एक करोड़ किसान के खातों में पहली किस्त के रूप में दो-दो हजार रुपये भेजे जाएंगे।
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हरियाणा के किसान पात्र हैं या नहीं चयन करना मुश्किल
दो हेक्टेयर भूमि वाले किसानों का सत्यापन कर घोषणा पत्र भरवाया जा रहा है। खादर क्षेत्र में दो हेक्टेयर वाले बहुत से किसान हैं। हालांकि उनके पात्र होने का चयन करना कठिन है। हरियाणा प्रदेश के बहुत से ऐसे किसान हैं, जिन्होंने खादर में खेती की जमीन खरीद रखी है और वह दो हेक्टेयर से कम है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि हरियाणा के जिस किसान की जमीन खादर में है उसकी जमीन हरियाणा में भी है या नहीं। हालांकि किसान से घोषणा पत्र भरवाया जाएगा।
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नियम खत्म होने से बनी समस्या
लगभग बीस साल पहले सरकार ने 61 क नियम खत्म कर दिया था। इस नियम के तहत किसान की जमीन की जानकारी सभी प्रदेशों में होती थी। जिससे उसकी जमीन का मिलान हो जाता था। सरकार ने इस नियम को खत्म कर दिया। इससे प्रशासन के सामने अब यह समस्या है कि जो किसान दो हेक्टेयर के दायरे में आ रहा है उसकी कहीं ओर जमीन है या नहीं।
एक साथ दो जगह ड्यूटी
घोषणा पत्र भरवाने के लिए लेखपालों के साथ ग्राम सचिव, कृषि विभाग के अधिकारी भी लगाए गए हैं। बोर्ड परीक्षा शुरू होते ही कृषि विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी नोडल अधिकारी के रूप में लगा दी गई है। अब उनके सामने समस्या है कि वह कहां पर ड्यूटी करें। सत्यापन कर रहे कुछ अधिकारियों ने मामले की जानकारी से एसडीएम को अवगत कराया। जिस पर एसडीएम ने डीआईओएस को फोन कर ड्यूटी काटने के लिए कहा है।

जल्द दिलाया जाएगा लाभ
दूसरा चरण समाप्त हो गया है। हालांकि किसानों को लाभ दिए जाने को लेकर कार्य जारी रहेगा। जिन 27 गांव के किसानों के पंजीकरण न होने से घोषणा पत्र नहीं भरे जा सके हैं। उन्हें पंजीकरण होने के बाद लाभ दिलाया जाएगा।-अशोक कुमार गुप्ता, तहसीलदार मवाना
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