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भावनात्मक रूप से समक्षम बनें महिला बंदी
Updated Fri, 15 Jun 2018 02:28 AM IST
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भावनात्मक व मानसिक रूप से सक्षम बनें महिला बंदी: डॉ. प्रियवंदा तोमर
मेरठ। राज्य महिला आयोग की सदस्या डॉ. प्रियवंदा तोमर ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा महिला बंदियों व उनके बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी के लिए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा जिला कारागार आदि का निरीक्षण कर वहां रहने वाली महिलाओं को भावनात्मक व मानसिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में काम हो रहा है।
जिला कारागार का निरीक्षण करने के बाद सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए डॉ. प्रियवंदा तोमर ने कहा कि उनके द्वारा मेरठ मंडल के गौतम बुद्धनगर व गाजियाबाद के बाद आज मेरठ के कारागार का निरीक्षण किया गया। इन कारागारों में रहने वाली महिला बंदियों की स्थिति को जाना। उन्होंने कहा कि महिला आयोग महिला बंदियों के स्वास्थ्य कार्ड व मूलभूत सुविधाएं दिलाने पर काम कर रहा है। जिला कारागार मेरठ में 127 महिला बंदी है। उनके स्वास्थ्य कार्ड, हाईजीन आदि सुविधाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जेल प्रबंधन और महिला बंदियों से बात की गई।
प्रियवंदा तोमर ने कहा कि उनके निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि महिला बंदियों को मूलभूत सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं या नहीं, उनका जीवन स्तर कैसा है। इस पर एक प्रारूप के तहत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। महिला बंदियों व उनके बच्चों का टीकाकरण समय से हो यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
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महिला आयोग की सदस्या ने बताया कि महिला बंदियों द्वारा किसी भी प्रकार की परेशानी उनके समक्ष नहीं रखी गई। उन्होंने स्वयं अपने विवेक से स्थितियों का मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी हो जाती है तो उनमें आत्मविश्वास बढ़ जाता है इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
खास बातें:
राज्य महिला आयोग की सदस्या ने किया जिला कारागार का निरीक्षण
मेरठ। राज्य महिला आयोग की सदस्या डॉ. प्रियवंदा तोमर ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा महिला बंदियों व उनके बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी के लिए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा जिला कारागार आदि का निरीक्षण कर वहां रहने वाली महिलाओं को भावनात्मक व मानसिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में काम हो रहा है।
जिला कारागार का निरीक्षण करने के बाद सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए डॉ. प्रियवंदा तोमर ने कहा कि उनके द्वारा मेरठ मंडल के गौतम बुद्धनगर व गाजियाबाद के बाद आज मेरठ के कारागार का निरीक्षण किया गया। इन कारागारों में रहने वाली महिला बंदियों की स्थिति को जाना। उन्होंने कहा कि महिला आयोग महिला बंदियों के स्वास्थ्य कार्ड व मूलभूत सुविधाएं दिलाने पर काम कर रहा है। जिला कारागार मेरठ में 127 महिला बंदी है। उनके स्वास्थ्य कार्ड, हाईजीन आदि सुविधाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जेल प्रबंधन और महिला बंदियों से बात की गई।
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प्रियवंदा तोमर ने कहा कि उनके निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि महिला बंदियों को मूलभूत सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं या नहीं, उनका जीवन स्तर कैसा है। इस पर एक प्रारूप के तहत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। महिला बंदियों व उनके बच्चों का टीकाकरण समय से हो यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
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महिला आयोग की सदस्या ने बताया कि महिला बंदियों द्वारा किसी भी प्रकार की परेशानी उनके समक्ष नहीं रखी गई। उन्होंने स्वयं अपने विवेक से स्थितियों का मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी हो जाती है तो उनमें आत्मविश्वास बढ़ जाता है इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
खास बातें:
राज्य महिला आयोग की सदस्या ने किया जिला कारागार का निरीक्षण